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Value of your language A beautiful Motivational Story in Hindi

दोस्तों दोस्तों अक्सर कम बोलने वाले लोग चर्चित नहीं होते लेकिन कम बोल कर अच्छा बोलने वाले को सभी याद रखते है। पेश है एक ऐसे ही बेहद संदेशात्मक कहानी जो आपको ये भी बताएगी की अगर आपको कुछ बोलना है तो आपको पहले सुनना सीखना होगा । आपसे आग्रह है की आप इसे पूरा पढे --Value of your language A beautiful Motivational Story in Hindi

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Happy Hindi Diwas and world Hindi day

Hindi Diwas

भाषा नदी को वो धारा है जो अपने सामने आने वाली हर चीज को खुद मे समा लेती है ऐसे ही एक बेहद सरल और प्राचीन भाषा है हिन्दी जो करोड़ो वर्षो से हर वर्ग हर देश के लोगों को अपनी शालीनता और सरलता मे समाये जा रही है पूरे विश्व मे 250 अरब लोग अपने दैनिक बोल चाल मे हिन्दी भाषा का प्रयोग करते है ।

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Best mehndi Design for All Occasion and all indian festival occasion like teej ,Ganesh chaturthi etc

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ईद ,तीज , रक्षाबंधन सावन जैसे कई त्योहारों के खूबसूरत मौके पर महिलाओं मे मेहंदी लगाने की होड़ लगी रहती है हर त्योहारों और शादियों के मौके पर महिलाएं मेहंदी लगती है तो आइये मेहंदी के कुछ खास और खूबसूरत डिज़ाइन को अपने हाथों मे चार चाँद लगा दे ।

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best Hindi quotes of atal bihari vajpayee and top poems of atal ji

best Hindi quotes of atal bihari vajpayee and top poems of atal ji


जब भी हों निराश, पढ़ें अटल जी के 5 Quotes और कविता 


दोस्तों भारत ने 16 अगस्त को जो खोया शायद उसे कभी भुला नहीं पायेगा देश का हर नागरिक उनका मुरीद था ।
भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का 16 अगस्त 2018 के शाम को निधन हो गया। वह दिल्ली के एम्स हॉस्पिटल में भर्ती थे। 94 साल के अटल जी की हालत पिछले 2 दिनों से गंभीर बनी हुई थी और उन्हें लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर रखा गया था।

अटल जी एक अच्छे राजनेता के साथ-साथ धुरंधर वक्ता भी थे। उन्होंने नेशनल से लेकर इंटरनेशनल मंचों पर हर बार अपने वक्तव्यों का लोहा मनवाया। उनके ऐसे कई Quotes हैं, जो इंसान को सोचने पर मजबूर कर देते हैं, साथ ही निराशा में प्रेरणा का काम करते हैं। 
आइए आपको बताते हैं अटल बिहारी वाजपेयी के ऐसे ही 5 प्रेरणादायक Quotes-
  • 1.     छोटे मन से कोई बड़ा नहीं होता, टूटे मन से कोई खड़ा नहीं होता
  • 2.     हम यूं ही अपने कीमती संसाधनों को युद्धों में बर्बाद कर रहे हैं, अगर युद्ध करना ही है तो बेरोजगारी, बीमारी, गरीबी और पिछड़ेपन से करना चाहिए
  • 3.     आप मित्र बदल सकते हैं लेकिन पड़ोसी नहीं'
  • 4.     हमारी परेशानी कोई बंदूक नहीं बल्कि केवल भाईचारा ही खत्म कर सकता है .
  • 5.     कठिन परिश्रम कभी थकान नहीं लाता,वह संतोष लाता है

भारत रत्न अटल जी भले ही हमारे बीच नहीं रहें लेकिन उनके द्वारा लिखी कविता और भारतीय राजनीति में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा 

अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा लिखी कुछ बेहतरीन कविता 

राह कौन सी जाऊँ मैं?

चौराहे पर लुटता चीर
प्यादे से पिट गया वजीर
चलूँ आखिरी चाल कि बाजी छोड़ विरक्ति सजाऊँ?
राह कौन सी जाऊँ मैं?

सपना जन्मा और मर गया
मधु ऋतु में ही बाग झर गया
तिनके टूटे हुये बटोरूँ या नवसृष्टि सजाऊँ मैं?
राह कौन सी जाऊँ मैं?

दो दिन मिले उधार में
घाटों के व्यापार में
क्षण-क्षण का हिसाब लूँ या निधि शेष लुटाऊँ मैं?

राह कौन सी जाऊँ मैं ?


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दूध में दरार पड़ गई

ख़ून क्यों सफ़ेद हो गया?
भेद में अभेद खो गया।
बँट गये शहीद, गीत कट गए,
कलेजे में कटार दड़ गई।
दूध में दरार पड़ गई।

खेतों में बारूदी गंध,
टूट गये नानक के छंद
सतलुज सहम उठी, व्यथित सी बितस्ता है।
वसंत से बहार झड़ गई
दूध में दरार पड़ गई।



आओ फिर से दिया जलाएँ

अपनी ही छाया से बैर,
गले लगने लगे हैं ग़ैर,
ख़ुदकुशी का रास्ता, तुम्हें वतन का वास्ता।
बात बनाएँ, बिगड़ गई।

दूध में दरार पड़ गई।

आओ फिर से दिया जलाएँ
भरी दुपहरी में अँधियारा
सूरज परछाई से हारा
अंतरतम का नेह निचोड़ें-
बुझी हुई बाती सुलगाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ

हम पड़ाव को समझे मंज़िल
लक्ष्य हुआ आँखों से ओझल
वर्त्तमान के मोहजाल में-
आने वाला कल न भुलाएँ।
आओ फिर से दिया जलाएँ।

आहुति बाकी यज्ञ अधूरा
अपनों के विघ्नों ने घेरा
अंतिम जय का वज़्र बनाने-
नव दधीचि हड्डियाँ गलाएँ।

आओ फिर से दिया जलाएँ

गीत नया गाता हूँ।

गीत नया गाता हूँ
टूटे हुए तारों से फूटे बासंती स्वर ,
पत्थर की छाती में उग आया नव अंकुर,
झरे सब पीले पात,
कोयल की कूक रात,
प्राची में अरुणिमा की रेख देख पाता हूं।
गीत नया गाता हूँ।
टूटे हुए सपनों की सुने कौन सिसकी?
अंतर को चीर व्यथा पलकों पर ठिठकी।
हार नहीं मानूँगा,
रार नहीं ठानूँगा,
काल के कपाल पर लिखता मिटाता हूँ।

गीत नया गाता हूँ।

गीत नहीं गाता हूँ।

गीत नहीं गाता हूँ
बेनकाब चेहरे हैं,
दाग बड़े गहरे है,
टूटता तिलस्म , आज सच से भय खाता हूँ।
गीत नहीं गाता हूँ।
लगी कुछ ऐसी नज़र,
बिखरा शीशे सा शहर,
अपनों के मेले में मीत नहीं पाता हूँ।
गीत नहीं गाता हूँ।
पीठ में छुरी सा चाँद,
राहु गया रेख फाँद,
मुक्ति के क्षणों में बार बार बंध जाता हूँ।

गीत नहीं गाता हूँ।

 

मणिनीय श्री अटल बिहारी बाजपेयी को सत सत नमन। भारतीय राजनीति का अनमोल रत्न।
वक़्त साथ रहे न रहे किस्मत हमेसा वक़्त के साथ रहती है बाजपेयी रहे न रहे अटल हमेसा बाजपेयी के साथ रहेगी। शायद इसीलिए हर बाजपेयी अटल नही होगा और अटल जैसा कोई राजनीतिज्ञ नही होगा
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India's journey from 1947 to 2020 Most Historical Moments Ajadi to Ram Mandir

Independence day of india

भारत अपना 74वा Independence day स्वतंत्रता दिवस मना रहा है आज से 74 साल पहले हमारा देश अंग्रेज़ो से लड़ते लड़ते आजाद हुआ तब से आज तक भारत की कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रम पे नजर डालते है । आजादी से लेकर श्री राम मंदिर का शिलान्यास तक कितना बदला हमारा भारत । 

74Th Independence Day of India

India in 1947 to 2020

आइये जानते है इन 74 सालों मैं हमारा देश कितना बदला है और क्या हुआ 1947 से 2020 तक जानिए इन 74  साल मे घटित कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं के बारे मे

वर्ष 1947

  • 14 और 15 अगस्त के मध्यरात्रि को भारत को एक स्वतंत्र देश घोषित किय गया

वर्ष 1948

  • 30 जनवरी को हिंदु राष्ट्रवाद के दहिने विंग के वकिल नाथूराम गोडसे ने महत्मा गाँधी कि हत्या कर दी

वर्ष 1949

  • भारतीय सविधान मे अनुछेद 370 को सामिल किया गया जिसमें जम्मु और कश्मीर राज्य को शामिल किय गया .
  • 26 नवंबर 1949 को संविधान को अंतिम रुप दे दिया गया।

वर्ष 1950

  • 26 जनवरी 1950 संविधान को पुरे देश मे लाघु कर दिया गया और भारत अंतिम गवर्नर जनरल चक्रवर्ती राजगोपालाचारी ने भारत गणराज्य के जन्म की घोषणा की घोषणा की।

वर्ष 1951

  • पहले भारतीय प्रधान मंत्री जवाहरलाल नेहरू ने भारत की संसद में पहली पंचवर्षीय योजना प्रस्तुत की। योजना मुख्य रूप से प्राथमिक क्षेत्र के विकास पर केंद्रित था ।

वर्ष 1952

  • भारत मे पहला आम चुनाव हुआ । मतदान 25 अक्टूबर, 1951 और 27 मार्च, 1952 के बीच हुआ था।

वर्ष 1956

  • दूसरी पंचवर्षीय योजना भारत की संसद को प्रस्तुत की गई जो तेजी से औद्योगिकीकरण पर केंद्रित थी। और इसी साल दिसंबर मे भारतीय संविधान के जनक कहे जाने वाले बाबा साहेब भीम राव  अंबेदकर का निधन हो गया ।

वर्ष 1957

  • जम्मू-कश्मीर अपने स्वयं के संविधान को मंजूरी देता मिली . दूसरा आम चुनाव हुआ .

वर्ष 1959

  • 14 वे दलाई लामा भारता छोड़ चीन चले गये जिसे चीन भारत के युद्ध प्रमुख्य कारण माना जाता है

वर्ष 1960

  • काफी विरोध के बाद बॉम्बे को महाराष्ट्र और गुजरात मे विभाजित किया गया

वर्ष 1962

  • चीन भारत युद्ध जिसमें भारत ने 1300 से अधिक सेना शहीद हुये और हजारों घायल हुये ,नागालैंड राज्य का गठन हुआ

वर्ष 1964

  • 27 मई को नेहरू गुजर गये , मृत्यु का कारण दिल का दौरा माना जाता था । नेहरू की मृत्यु के बाद, गुलजारिलाल नंद ने अभिनय प्रधान मंत्री के रूप में शपथ ली

 वर्ष 1965

  • भारत-पाकिस्तानी युद्ध पाकिस्तान और भारत के बीच अप्रैल 1965 और सितंबर 1965 के बीच होने वाली झड़पों की समाप्ति थी। दोनों देशों को भारी हताहतों का सामना करना पड़ा।

happy Independence day

 वर्ष 1966

  • पंजाब राज्य को तीन अलग अलग राज्यों विभाजित किया गया हरियाणा हिमाचल और पंजाब
  • लाल बहादुर शास्त्री और पाकिस्तानी राष्ट्रपति अयूब खान सोवियत संघ के प्रधान मंत्री कोसिजिन के साथ टास्केंट में मिले, और ' टास्केंट समझौते ' पर हस्ताक्षर करते हैं। उसी रात, लाल बहादुर शशत्री नींद में मर जाते हैं, कहा जाता है कि साँस रुकने के कारण उनकी मौत हो गई इनके मौत के बाद गुलजारी लाल नंदा को फिर से प्रधानमंत्री बनाया गया .

वर्ष 1969

  • ISRO का गठन

वर्ष 1971

  • भारत पाकिस्तान के साथ तीसरे युद्ध। पूर्वी पाकिस्तान पाकिस्तान से विभाजित हुआ , और बांग्लादेश एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में पैदा हुआ।

वर्ष 1972

  • राज्य मेघालय का निर्माण

वर्ष 1974

  • भारत का पेहला परमाणु परीक्षण पोखरण मे किया गया

वर्ष 1975

  • कोंग्रेस सरकार ने देश मे Emergency लागू किया

वर्ष 1977

  • Emergency खत्म होते हि देश मे पेहला नॉन कोंग्रेस कि सरकार बनी

वर्ष 1979

  • मदर टेरेसा को नोबेल पुरुस्कार से सम्मानित किया गया

वर्ष 1980

  • तत्कालीन सरकार का पतन और भारतीय जनता पार्टी BJP का गठन ,संजय गाँधी का निधन

वर्ष 1983

  • कपिल देव के नेतृत्व मे भारत ने क्रिकेट मे पहला World Cup जीता

सन 1984

  • इंदिरा गाँधी को उसके हि बॉडीगार्ड ने गोली मार दी 
  • इसी साल भोपाल में Union Carbide India Limited के प्लांट से जहरीली गैस के रिसाव से तकरीबन 4000 लोग मारे गये

सन 1985

  • आतंकवादी ने Air India के Flight को बम से उड़ाया जिसमें 268 कनाडा 27 ब्रिटिश और 24 भारत के नागरिक मारे गये

वर्ष 1987

  • राज्य गोवा का निर्माण

वर्ष 1988

  • प्रधानमंत्री राजीव गांधी चीनी नेता डेंग ज़ियाओपिंग से मिलने के लिए चीन गये

वर्ष 1989

  • जम्मु कश्मीर मे आतंकवाद का प्रकोप

वर्ष 1990

  • कर्नाटक और तमिलनाड़ु के बीच कावेरी तत्बंध बनाया गया

वर्ष 1991

  • राजीव गाँधी की चुनावी रैली के दौरन सुसाइड बम द्वारा हत्या

वर्ष 1992

  • अयोध्या मे बाबरी मस्जिद तोड़ा गया जिसे तोड़ कर भगवान राम का भव्य मँदिर बनाने कि कोशिश कि गई और वर्ष 2020 एमडबल्यू भव्य राम मंदिर का शिलान्यास किया गया । 

वर्ष 1993

  • मुम्बई मे बम ब्लास्ट जिसमें 500 लोग मारे गये और तकरीबन 700 लोग घायल हुये

वर्ष 1994

  • सुष्मिता सेन और ऐश्वर्या राय क्रमश मिस यूनिवर्स और मिस वर्ल्ड खिताब जीते ।

 वर्ष 1999

  • कारगिल युद्ध

 वर्ष 2000

  • उत्तराखंड ,झारखंड और छत्तीसगढ़ ये तीन नये राज्य क विभाजन

 वर्ष 2001

  • लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और जयश-ए-मोहम्मद (जेएम) के पांच आतंकवादियों ने 13 दिसंबर को भारत की संसद पर हमला किया था। हमले में 14 लोगों की मौत हुई - 6 दिल्ली पुलिस कर्मियों, 2 संसद सुरक्षा सेवा कर्मियों, 1 माली, और 5 आतंकवादी

वर्ष 2002

  • गुजरात में सांप्रदायिक हिंसा टूट गई गोधरा रेलवे स्टेशन पर साबरमती एक्सप्रेस का एक कोच आग लगा दिया गया

वर्ष 2005

  • सूचना का अधिकार कानून लागू जिसमें देश के नागरिक को किसी प्रकार का सूचना पाने का अधिकार दीया गया

वर्ष 2007

  • प्रतिभा पाटिल भारत की पहली महिला राष्ट्रपति बनी

वर्ष 2008

  • अभिनव बिंद्रा ( shooting )  बीजिंग मे पहला स्वर्ण पदक जीता
  • इसी साल मुम्बई के हॉटल ताज छत्रपति शिवजी टर्मिनल और Leo pod cafe मे आतंकवादी हमला हुआ

वर्ष 2011

  • 28 साल के बाद भारतीय क्रिकेट टीम ने विश्व कप जीता

वर्ष 2012

  • दिल्ली मे  लड़की के साथ गैंग रेप किया गया जिसकी 13 दिन के बाद मौत हो गई ये घटना पूरे देश के सुरक्षा व्यवस्था को हिला के रख दी

वर्ष 2013

  • उत्तराखंड मे भीषण बाढ़ जिसमें तकरीबन 6000 लोग बेघर हो गये

वर्ष 2014

  • नेहरू-गांधी राजवंश को समाप्त करते हुए नरेंद्र मोदी देश के 15 वें प्रधान मंत्री बने। 
  • इसी साल देश के 29 राज्य  तिलंगाना बना

 वर्ष 2015

  • अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने दिल्ली में भारत के गणतंत्र दिवस परेड में भाग लिया है, ऐसा करने  वाले वे देश का पहला अमेरिकी प्रमुख बने

वर्ष 2016

  • नवंबर 2016 मोदी सरकार ने पुरे देश मे 500 और 1000 के नोट क़े इस्तिमाल पर बैंड लगा दी

वर्ष 2017

  • 1 जुलाई 2017 से पुरे देश मे GST लागू कर दीया गया
  • पंजाब सरकार ने सभी सरकारी संस्था मे लड़कियों की शिक्षा नर्सरी से पीएचडी तक कि पढ़ाई मुफ्त कर दी
  • पुरुष hockey Team ने 2017 एशिया कप जीता
  • सुप्रीम कोर्ट ट्रिपल तालाक के अभ्यास पर प्रतिबंध लगा दिया ।

वर्ष 2018

  • भारत के अंडर -19 क्रिकेट टीम ने न्यूजीलैंड में फाइनल में ऑस्ट्रेलिया को हराकर अंडर -19 क्रिकेट विश्व कप जीता

वर्ष 2019

  • चंद्रयान के द्वारा भारत ने चाँद पर अपना उपग्रह भेजा ,
  • तीन तलाक पर पूर्णत प्रतिबंध
  • जम्मू कश्मीर से धारा 370 हमेशा के लिए हटाने का एतिहासिक फैसला लिया गया ।

वर्ष 2020

  • ये साल सिर्फ भारत के लिए ही नहीं बल्कि पूरे दुनिया के लिए बेहद कष्टदायक रहा ।
  • 30 January को भारत ने माना की China से फैला Coronavirus (COVID-19) देश मे फैलने का Alert जारी कर दिया और इसे महामारी घोषित कर दिया गया ।
  • February मे दिल्ली मे CAA और NRC के विरोध मे दंगे हुये जिसमे सैकड़ो लोगों ने जान गवाई ।
  • 23 मार्च 2020 को देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने Coronavirus महामारी के फैलने से 21 दिन का देशव्यापी Lockdown की घोषणा की और देखते ही देखते ये Coronavirus पूरे देश मे फ़ेल गया और July आते आते ये तकरीबन 10 लाख से भी अधिक लोगों को अपने चपेट मे ले लिया ।
  • इसी वर्ष 5 अगस्त को भारत के आजादी के 74 वें साल का सबसे बड़ा फैसला हुआ 500 वर्ष बाद अयोध्या मे भव्य राम मंदिर का शिलान्यास किया गया जिसे एक एतिहासिक उपलब्धि मणि गई ।

 

इस प्रकार इन 74  सालों मे बदला हमारा भारत । दुनिया मे सबसे तेजी से बढ्ने वाली अग्रणी विकासशील देशो मे शामिल हो गया और इस आधुनिक भारत मे लोगों को बेहतर जिंदगी बनाए रखने के लिए भारत सरकार पुरजोर कोशिश करती आ रही है । 








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Sources - Google.com



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most heart touching love story of purnia,bihar

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हम सभी के जीवन मे कुछ पल ऐसे आते है जिसे हम ना चाहते हुये भी कभी भूल नहीं सकते वो खास पल परछाई की तरह हमेशा हमारे साथ जुड़ी रहती है जिसे हम कुछ देर के लिए छुपा तो सकते है लेकिन उसे कभी हटा नहीं सकते ।
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Dreams comes True a Beautiful Short story in hindi

short story in hindi

कहते है सपने कभी अपने नहीं होते लेकिन फिर भी हर इंसान अपने जीवन मे अपनी ख्वाइश पूरी करने की जद्दोजहज मे लगा रहता है लेकिन कभी कभी इंसान के सपने पारिवारिक और सामाजिक रीति रिवाजों के बोझ तले दब जाता है तो कभी कभी इंसान इन कुरुतियों से लड़ते हुये अपने दिली ख्वाइश पूरी कर लेता है चाहे वो इत्तिफ़ाक से हो या उन रीतिरिवाजों के दायरे मे हो लेकिन सच तो ये है की काश ये रीतिरिवाज जात पात धर्म का बंधन ना होता तो शायद इंसान धरती पर सबसे ज्यादा सुखी होता । ऐसे ही सामाजिक भावनाओ से जुड़ी है आज की ये लघु कथा जिसे KnowledgePanel के नियमित  Reader Mr. Sourav AnkitChourasia ने भेजा है जो अपने भावनाओं को शब्दों मे पिरो कर पेश किया है, आप इनकी लिखी और भी रचनाओं जैसे कविता,कहानी आदि को इनके Personal Blog - https://blogbyankit.blogspot.com पर पढ़ सकते है

सपने हुये अपने 


कहानी की शुरुआत होती है एक माध्यम वर्गीय परिवार से जहां ठाकुर साहेब अपने धर्मपत्नी और अपनी चार पुत्री और एक पुत्र के साथ बड़े खुशी खुशी ढेर सारे सपने सँजोये अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे और अपनी दवा की दुकान से अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे , वक्त के साथ जीवन अपनी दूरी तय कर रही थी और एक वक्त ऐसा आ गया जहां ठाकुर साहेब को अपनी पुत्री भारती की शादी की चिंता सताने लगी और बहुत असरे बाद वो वक्त भी आ गया जब उनकी पुत्री भारती के रिश्ते के लिए लड़के वाले उनके घर आने वाले थे ये खबर बिना किसी देरी के वो अपनी धर्मपत्नी को देना चाहत थे और ठाकुर साहेब अपने दवा की दुकान से सारे काम निपटा के घर आए

"अजी सुनती हो ठकुराइन !! -  कहां हो ?? ज़रा फ्रिज से ठंडा पानी लेती आओ, बड़ी प्यास लगी है और सुनों अपनी भारती के लिए रिश्ता आया है। लड़का परिवहन विभाग में काम करता है। ज़रा मेरे कमरे में पानी लेकर जल्दी  आओ "--- ये कहते हुए ठाकुर साहब भरी दोपहरीया में पसीना पोंछते हुए अपने कमरे में चले गए (उनकी धर्मपत्नी शिक्षिका हैं।) 

और 2-3 के बाद उनके घर लड़के वाले का आगमन होता है ठाकुर साहेब सारे काम निपटा कर जल्दी घर लौट आए ताकि मेहमानो के खातिरदारी मे कोई कमी ना रह जाए और सच मे मेहमानों की खातिरदारी में ठाकुर साहब ने कोई कसर नहीं छोड़ी। महंगे से महंगे स्वादिष्ट मिठाइयाँ तरह तरह के पकवान परोसे गए। लड़के और उसके परिवार वालों ने भारती को देखा। भारती उन्हें पसंद आ गई।

इसके बाद दौर शुरू हुआ लेनदेन की बातों का। चूंकि लड़का सरकारी नौकरी में था तो हर लडकी के पिता की भांति भारती के पिता भी इस रिश्ते को हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे। लेकिन लड़के वालों की मांग सुनकर भारती ने कड़े शब्दों में मना कर दिया था। भारती की मां को भी ये रिश्ता दहेज के कारण मंजूर न था और आखिर में रिश्ते के लिए ठाकुर साहब ने 'ना' कह दिया।


भारती अपने चार बहनों और एक भाई में मंझली थी। उस लड़के से शादी ना होना शायद भारती के लिए अच्छा ही हुआ क्यूंकि वह आगे पढ़ना चाहती थी और कुछ बनना चाहती थी भारती अत्यन्त सुलझी हुई शांत स्वभाव की लडकी थी । हाई स्कूल पास करने के बाद उसने कॉमर्स में अपनी रुचि जताई और इसी में अपना भविष्य ढूंढने में लग गई। हालांकि उसने स्नातक में कॉमर्स की पढ़ाई के साथ- साथ बैंकिंग और अन्य परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश की ताकि कोई नौकरी पा सके और आगे पीएचडी की पढ़ाई और रिसर्च करने में कोई आर्थिक समस्या न हो। बरहाल, पढ़ाई के दौरान उसके कई दोस्त बने जो उसे काफ़ी अजीज होते थे। इसी दौरान हर लड़की के जैसे भारती के भी कुछ ख्वाब पलने लगे मन किसी लड़के पर आ गया ।

इन्ही मे से एक लड़का था ' भारत' , बहुत मैच्योर, पारिवारिक और व्यवहारिक। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ साथ पार्ट टाइम जॉब भी कर रहा था। बातचीत थोड़ी आगे बढ़ी पहले दोस्ती फ़िर प्रेम के आगोश मे डूबते गए , फ़िर घर वाले और समाज, जात पात, उंच नीच का भय दोनों के मन में आने लगा । भारती इस रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले अपने पैरों पर खड़ी हो जाना चाहती थी ताकि उसके परिवार वाले राजी खुशी उन दोनों को अपना लें।

खैर समय अपनी गति से चलता है कुछ दो-तीन सालों के बाद भारती यूजीसी नेट क्वालीफाई करती है और कुछ टाइम बाद उसका सलेक्शन गेस्ट लेक्चरर के तौर पर पास के ही कॉलेज में हो जाता है। इधर भारत भी अपनी पढ़ाई पूरी कर एक अच्छे मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहा थ ।

पढे सच्ची घटना पर आधारित एक सच्ची प्रेम कहानी

कुछ महीने बैंगलोर में काम करने के बाद उसे कंपनी विदेश भेजने की तैयारी में थी ,लेकिन विदेश जाने से पहले वो भारती के साथ घर बसा लेना चाहता था लेकिन परिवार वालों से कहने में संकोच भी करता था । लेकिन
आपसी तालमेल के बाद दोनों एक दिन मुकर्रर करते हैं और अपने परिवार जनों के सामने अपने अपने दिल की बात रखते हैं। काफी मान मनौवल के बाद भारती के माता पिता भारत और उसके माता पिता से मिलने को राजी हो जाते हैं। इधर भारत भी अपने माता पिता को जैसे तैसे कर के मना लेता है। तय दिन में दोनों परिवार वाले मिलते हैं बातों और मुलाकातों के शीलशिला मे आखिरकार जीत 'भारती और भारत' के प्रेम की होती है और शादी तय हो जाती है।


तय तारीख पर दोनों की शादी हो जाती है। दोनों परिवारों के बीच भी धीरे धीरे तालमेल बैठ जाता है और सभी लोग प्रेम से रहने लगते हैं। 

और इस प्रकार ठाकुर साहेब के सपने भी पूरे हो जाते है और भारती अपने मोहब्बत को पाने मे कामयाब भी हो जाती है सपने हकीकत मे बदल तो जाते है।

ये कहानी तो यहीं अपने एक सुखद अंत तक पहुंच गई। लेकिन काश!! ये कहानी वर्तमान मे हर भारती और भारत की होती तो समाज मे फैली इस जात-पात,धर्म,रीतिरिवाज जैसे दूषित बीमारी का निदान हो जाता।

रिश्ते चाहे जैसे भी बने अगर वे प्रेम और संस्कार के प्रांगण मे हो तो उसे कोई रीतिरिवाज और जात पात नहीं रोक सकती ।

Edited By - Mr. Angesh Upadhyay
Presented By - Knowledge Panel


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