Showing posts with label Special Articles. Show all posts
Showing posts with label Special Articles. Show all posts

agarbatti manufacturing business Must Read and Make Money

Hello Friends अगर आप कम बजट मे बेहतर आय वाला व्यापार करना चाहते है और अगरबत्ती बनाने का Business बेहतरीन और अच्छा माना गया है,भारत मे अलग धर्मो मे अगरबत्ती को पवित्र और शुद्ध माना गया है और शायद आपको जान कर आश्चर्य होगा की भारत मे 4000 करोड़ के अगरबत्ती का आयात दूसरे देशों से होता है जबकि इसे हम अपने घर से तैयार कर सकते है इसके लिए न ही ज्यादा खर्च आएगा और न ही अधिक जगह की जरूरत होगी, भारत सरकार भी अगरबत्ती उद्योग को बढ़ावा देने का एलान की है ।

अगरबत्ती का बिज़नस 

कम खर्च बेहतर मुनाफा 

business of Incense Sticks

केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग तथा Ministry of Micro, Small & Medium Enterprises (MSME)  मंत्री नितिन गडकरी ने भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) के राष्ट्रीय सम्मेलन शुक्रवार को में कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्योग (एमएसएमई) क्षेत्र में कॉरपोरेट एवं निजी कंपनियों के प्रवेश पर प्रतिबंध हटा दिया गया है। इससे 700 MSME क्लस्टर के निर्माण का रास्ता साफ होगा और आयात पर निर्भरता कम होगी। साथ ही रोजगार भी बढ़ेगा।

उन्होंने कहा कि उदाहरण के लिए हम 4,000 करोड़ रुपये की अगरबत्तियों का आयात करते हैं जबकि उन्हें यहीं बनाया जा सकता है। इसके लिए निर्यात संवर्धन करने की जरूरत है और यह एमएसएमई क्षेत्र को आगे बढ़ाने में मदद कर सकता है।

ये बिज़नस दिखने और सुनने मे काफि छोटा और कम मुनाफा वाला लगता है लेकिन ये भी जान लें की इसका भविष्य कभी खत्म नहीं होगा भविष्य मे धार्मिक और अन्य कार्यों के लिए लोग अगरबत्ती का उपयोग ज्यादा करेंगे । 

आइये जानते है कैसे करे अगरबत्ती के कारोबार की शुरुआत 


शुरुआत करने के लिए आपको अगरबत्ती बनाने के मशीन खरीदनी होगी जिसकी कीमत 35000 से 175000 रुपए तक होती है जिसमे एक मिनट मे 150 से 200 अगरबत्ती बनाई जा सकती है।

अगरबत्ती बनाने के लिए Mixture machine,Dryer Machine और Production Machine की जरूरत होती है जिसमे Mixture Machine के द्वारा कच्चे माल को अच्छे मिलकर एक पेस्ट तैयार की जाती है और Production Machine के द्वारा इसे बांस के स्टिक मे लपेटकर तैयार की जाती है फिर उसे Dryer machine के द्वारा सुखाया जाता है

अगरबत्ती बनाने की मशीन सेमी और पूरी ऑटोमेटिक भी होती है। अगरबत्ती बनाने वाली ऑटोमैटिक मशीन से काम स्टार्ट करें क्योंकि ये बहुत तेजी से अगरबत्ती बनाती है। ऑटोमैटिक मशीन की कीमत 90000 से 175000 रुपए तक है। एक ऑटोमैटिक मशीन एक दिन में 100 kg अगरबत्ती बन जाती है। मशीन का चुनाव करने के बाद इंस्टॉलेशन के बजट के हिसाब से मशीनों के सप्लायर से डील करें और इंस्टॉलेशन करवाएं. मशीनों पर काम करने की ट्रेनिंग लेना भी आवश्यक है।


अगरबत्ती बनाने के लिए किन किन समीग्रियों की जरूरत पड़ेगी 

अगरबत्ती बनाने के लिए सामग्री में गम पाउडर, चारकोल पाउडर, बांस, नर्गिस पाउडर, खुशबूदार तेल, पानी, सेंट, फूलों की पंखुडिय़ां, चंदन की लड़की, जिलेटिन पेपर, शॉ डस्ट, पैकिंग मटीरियल आदि शामिल हैं।


कहाँ से खरीदे ये सारे सामिग्री ?

ऊपर बताए गए सभी सामग्री को खरीदने के लिए आप किसी अच्छे स्प्लायर से संपर्क करें।अच्छे सप्लायरों की लिस्ट निकालने के लिए आप किसी अगरबत्ती उद्योग में पहले से बिजनेस करने वाले लोगों से मदद ले सकते हैं। कच्चा माल हमेशा जरूरत से थोड़ा ज्यादा मंगाए क्योंकि इसका कुछ हिस्सा वेस्टेज में भी जाता है।


कितना खर्च आयेगा इस कारोबार की शुरुआत मे ?

जिस प्रकार ऊपर बताया गया की इसके मशीन की कम से कम कीमत 35000 से 175000 रुपए तक है । लेकिन इसे आप सिर्फ मात्र 13000 मे भी शुरुआत कर सकते है जिसमे घरेलू तौर पर हाथ से अगरबत्ती निर्माण की जाएगी जिसमे समय एवं कर्मचारी अधिक खर्च होगा और अगरबत्ती का निर्माण कम होगा ।

अगर आप कम समय मे ज्यादा प्रॉडक्शन करना चाहते है तो आपको औटोमेटिक मशीन लेनी होगी जो 10 मिनट मे 100 से 150 अगरबत्ती बनाकर देगी और इसमे कर्मचारी की लागत मे भी बचत होगी ।


अगर आप औटोमेटिक मशीन लगा कर इस कारोबार की शुरुआत करना चाहते है तो मशीन ,कच्चा माल आदि का खर्च मिलकर कम से कम 5 लाख रुपए लगाने होंगे ।

कच्चे माल मे कितना खर्च आएगा आप इसका अनुमान कुछ इस प्रकार लगा सकते है यहाँ प्रति किलोग्राम कच्चे माल की दरें दी गई है


हाथ के मशीन के द्वारा अगरबत्ती बनाती महिला 

चारकोल डस्ट 1 किलो ग्राम 13 रुपये,जिगात पाउडर 1 किलो ग्राम 60 रुपए,सफ़ेद चिप्स पाउडर 1 किलो ग्राम 22 रुपए,चन्दन पाउडर 1 किलो ग्राम 35 रुपए,बांस स्टिक 1 किलो ग्राम 116 रुपए,परफ्यूम 1 पीस 400 रुपए,डीईपी 1 लीटर 135 रुपए,पेपर बॉक्स 1 दर्जन 75 रुपए,रैपिंग पेपर 1 पैकेट 35 रुपए औरकुप्पम डस्ट 1 किलो ग्राम 85 रुपए है।


आप अपने बजट और जरूरत के अनुसार इसे खरीद सकते है


Get Buyers of Raw Materials - Buy Now 

पैकिंग कैसे करेंa

अगरबत्ती धार्मिक कार्यों मे उपयोग होने वाली चीज है इसलिए आपको धार्मिक आस्था को ध्यान मे रखते हुये पैकिंग तैयार करनी होगी जो लोगों को पसंद आए और आपकी अगरबत्ती घर घर तक पहुचें
तैयार अगरबत्ती 

कैसे होगा मुनाफा

इस कारोबार मे अगर आप सालाना 30 लाख का कारोबार करते है तो आपको कम से कम 10 प्रतिशत का मुनाफा होगा जो तकरीबन 3 लाख रुपए है आपको 25 से 30 प्रतिशत का मुनाफा हो सकता है इसके लिए आपको अगरबत्ती के सुगंध पर विशेष ध्यान देना होगा क्यूंकि सुगंधित अगरबत्ती ही बाज़ारों मे ज्यादा चलती है ।

अधिक जानकारी के लिए नीचे दिये गए वीडियो पे क्लिक करें । 








आपको ये Article कैसा लगा हमे Comment Box मे जरूर बताए । हमे उम्मीद है बताई गई जानकारी आपके लिए बेहतर और Helpful होगी ऐसे ही Knowledgeable और Interesting Hindi Article पढ़ने के लिए Visit करे www.knowledgepanel.in.

Share:

Best mehndi Design for All Occasion and all indian festival occasion like teej ,Ganesh chaturthi etc

Best Mehndi Design 

ईद ,तीज , रक्षाबंधन सावन जैसे कई त्योहारों के खूबसूरत मौके पर महिलाओं मे मेहंदी लगाने की होड़ लगी रहती है हर त्योहारों और शादियों के मौके पर महिलाएं मेहंदी लगती है तो आइये मेहंदी के कुछ खास और खूबसूरत डिज़ाइन को अपने हाथों मे चार चाँद लगा दे ।

Best Mehndi Design
Share:

most heart touching love story of purnia,bihar

most heart touching love story of purnia,bihar
हम सभी के जीवन मे कुछ पल ऐसे आते है जिसे हम ना चाहते हुये भी कभी भूल नहीं सकते वो खास पल परछाई की तरह हमेशा हमारे साथ जुड़ी रहती है जिसे हम कुछ देर के लिए छुपा तो सकते है लेकिन उसे कभी हटा नहीं सकते ।
Share:

father's day kyu manate hai Fathers day in india

जिस प्रकार माँ को इस सृष्टि का आधार माना गया है वही पिता को इस धरती का सहारा मनाया गया है इसलिए हर वर्ष सहनशीलता की मूर्ति कहे जाने वाले दुनिया के हर पिता (Father) के सम्मान मे Fathers Day मनाया जाता है। आइये जानते है क्यूँ और कब मनाते है Fathers Day और जीवन मे पिता का साया क्यूँ जरूरी है । 

Father's Day


father's day kyu manate hai

Share:

Top amazing facts in hindi its amazing facts of life

क्या आप जानते है की कोई भी इंसान अपनी सांस रोक कर खुद को नहीं मार सकता ! नींबू मे स्ट्रोबेरी से ज्यादा शक्कर होती है ?


आज Knowledge Panel मे ऐसे ही चौका देने वाले facts को जानेगे 
Top 40 Facts जो आपके होंश उड़ा दे

Top 40 Facts जो आपके होंश उड़ा दे 


Share:

childhood is the happiest moment of a person's life

childhood is the happiest moment of a person's life

दोस्तो आज कल की इन आधुनिक और  सवेदनशील दुनिया मे शायद ही कभी हुमे कुछ ऐसे पल को याद करने का मौका मिलता है जिस पल के साथ कभी हमारा अटूट रिश्ता हुआ करता था । आज Knowledge Panel  मे हम  ऐसे ही कुछ अनोखे और कभी न भूल पाने वाले पलों की चर्चा करेंगे।
Share:

Unforgettable Memories of India Top Memories of 2019

Hello friends कैसे हो आप,उम्मीद करता हूँ आप जीवन को बेहतर बनाने की कोशिश मे लगे होंगे लेकिन हर पल हर वक़्त आपके दिल मे एक ही ख्याल आता होगा की थोड़ा और बेहतर हो जाता तो अच्छा होता इसी इंतजार और चाहत मे हम सब ज़िंदगी जीते रहते है और वक़्त को पीछे छोड़ते रहते है और वक़्त कैसे गुजर जाता है हमे पता ही नहीं चलता।
unforgettable memories

बीते वक़्त मे खोने और पाने का सिलसिला जारी रहता है इसी दौरान हम ऐसे नगीने को खो देते है जिसे हम हमेशा सुनना देखना और महसूस करना पसंद करते है,आइये जानते है ऐसे ही कुछ प्रसिद्ध,खास और बेहतरीन व्यक्तित्व के धनी शखासियत के बारे मे जिन्हे हमने वर्ष 2019 मे हमेशा के लिए खो दिया ।

Share:

Bihar Diwas Special


आज भारत के एहम राज्य बिहार Bihar Diwas माना रहा है आज ही के दिन 22 March 1912 को Bihar को बंगाल से अलग किया गया था इसलिए 22 March को Bihar Diwas मनाया जाता है । पहले विहार ,मगध और अंत मे बिहार के नाम से जाने वाला राज्य की जनसंख्या लगभग 10 करोड़ से भी ज्यादा है 75 % लोग खेती करते है 38 जिलो (District) 9 प्रमंडल (Division ) इन 38 जिलों को 101 अनुमंडल (Subdivision) ,534 प्रखंड (Block) ,8471 पंचायत (Panchayat ) ,45103 गावों (Village) मे बांटा गया है प्राचीन काल मे बिहार का नाम शिक्षा जगत मे सबसे ऊपर था नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University ) विक्र्म्शिला विश्वविध्यालय (vikarmshila University ) का नाम पूरी दुनिया मे आज भी लोग जानते है । लेकिन दुर्भाग्यवश आज बिहार शिक्षा मे सबसे पीछे है । 


आज Bihar Diwas पर हम बात करेंगे प्रदेश की सबसे गंभीर समस्या शिक्षा के बारे मे । 
भारत के सबसे पिछड़े राज्य बिहार  के बारे में क्योँकि देश में जब भी शिक्षा की चर्चा होती है तो हम बिहार को नहीं भूल सकते है। 


दोस्तो बिहार (Bihar) भारत का एक ऐसा राज्य है जो शिक्षा के स्तर मे भारत के 38 राज्यो मे सबसे नीचे है आइये इस गंभीर विषय पर एक चर्चा करे और जाने क्यू है बिहार मे शिक्षा का ये हाल ।



दोस्तो Knowledge Panel ने इंटरनेट,अखबारो,टीवी चैनल के माध्यम से ली गई जानकारी को इकठ्ठा कर के आपके लिए एक आर्टिक्ल तैयार किया है । पसंद आए तो इसे Share जरूर कीजिये ताकि सब मिल कर बिहार के शिक्षा को सुधारने मे आगे आए । 

दोस्तो देश मे हमेसा से कुछ अलग तरह की बातों के लिए चर्चा मे रहने वाला राज्य बिहार मे कुल 17 State Universities है जिसमे ( Patliputra University, Bihar Animal Science University ,Purnea university and Munger University जिसे 2016 मे खोली गई ),9 central universities, 2 Deemed universities और 5 Private university है यानि कुल मिला कर 27 विश्वविध्यालय है इसके आलवे अगर हम बात करे Engineering Colleges की तो कुल 4 Central Governments,13 पब्लिक सैक्टर के Governments engineering College और 17 Privet Engineering College है जो हर साल तकरीबन 9000 छात्रो को Engineering की शिक्षा देती है  10 Government medical College 3 Private Medical College साथ ही dental College , Agriculture College, MBA College, MCA College, Art & Fashion, law etc ये सब मिला कर कुल 134 Colleges है बिहार मे ।
इन सब के आलवे अगर हम बात करे निचले स्तर के शिक्षा की अर्थात प्राथमिक मध्यमिक और उच्य स्तर के शिक्षा की तो बिहार मे कुल 71,832 विद्यालय है जिसमे 2 करोड़ 34 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करने जाते है। दूसरी तरफ हर साल सैकड़ो छात्र IAS,IPS,IFS,CA,IIT जैसे कठिन परीक्षा मे बिहारी छात्र अपना दबदबा बनाए रखते है । देश के अलग अलग हिस्सो के सरकारी और गैर सरकारी विभागो के शीर्ष स्थान मे भी बिहारी छात्रो का वर्चश्व बना रहता है ।

ये तो सब आकड़े को देखने के बाद हमारे मन मे एक ही सवाल उठता है
क्या सच मे ये वही बिहार है ?
पूरे भारत मे सबसे परिश्रमी माने जाने वाले ये बिहारी आज पीछे क्यू है ? 
देश को सबसे ज्यादा IAS देने वाला राज्य आज शिक्षा के क्षेत्र मे सबसे पीछे क्यू है ?  

ये सवाल हर किसी के मन मे उठता है ।

दोस्तो ऊपर दिये आकड़ों को देखने के बाद आप सोचेंगे की सब कुछ तो बिलकुल ठीक है फिर कमी है कहाँ............

कमी है दोस्तो अब आगे आप कुछ आकड़ों देखने के बाद आपको समझ आ जाएगा गलती कहाँ है ।

दोस्तो 1961 से 2011 तक बिहार मे साक्षारता दर कुछ इस प्रकार है
वर्ष
कुल
पुरुष
महिला
1961
21.95
35.85
8.11
1971
23.17
35.86
9.86
1981
32.32
47.11
16.61
1991
37.49
51.37
21.99
2001
47.53
60.32
33.57
2011
63.82
73.39
53.33

आकड़ों को देखे तो बिहार की साक्षारता दर बढ़ी है और सरकार इसके लिए कई तरह के योजना भी लेकर आती रहती है अब देखना ये है की 2021 मे होने वाले जनगणना मे इन आकड़ों मे कितनी बढ़ोतरी होती है ।
वर्तमान समय की बात करे तो बिहार मे शिक्षा जगत कई सारे समस्या से घिरी है यहाँ मांग और आपूर्ति यानि Demand and Supply का तालमेल कुछ अच्छा नहीं है तेजी से बढ़ती जनसंख्या और इतने सारे सुविधाओ के बाबजूद उचयस्तरीय शिक्षा के लिए छात्रो का दूसरे राज्यो मे जाना ये सब शिक्षा के गंभीर समस्या मे से है ।
शिक्षा को आगे बढ़ाने वाले शिक्षक की बात करे सरकार के मुताबिक पूरे बिहार मे तकरीबन 4,67,877 शिक्षक है जो 2 करोड़ 34 लाख छात्रो को पढ़ते है यानि हर 50 छात्रो पर 1 शिक्षक 

अब सबसे चौकने वाली बात ये है की कुल शिक्षक मे तकरीबन 37.8 % शिक्षक स्कूल मे अनुपस्थित रहते है यानि 2,91,019 शिक्षक अक्सर पढ़ाने नहीं जाते जो देश मे ही नहीं विश्व मे अपने आप मे एक अनोखी घटना है । 

दोस्तो अबतक तो आप समझ ही गए होंगे की बिहार की शिक्षा मे कमी कहाँ है । जी हाँ दोस्तो कमी यहाँ की शिक्षा वयवस्था मे है । कमी बिहार सरकार के द्वारा चलाई जा रही शिक्षा योजना पे है ।

इन सब से मतलब साफ है की सरकार को बिहार मे निचले स्तर की पढ़ाई  पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ।

शिक्षा के क्षेत्र मे कुछ जरूरी और ध्यान देने वाले तथ्य अक्सर बिहार को लेकर देश के सामने आती है..
  • साल 2017 मे आए बिहार बोर्ड 12वी का परिणाम आपको चौका देगा जिसमे 70% छात्र फ़ेल हो गए ! इतने खराब रिज़ल्ट का कारण
  • साल 2016 मे बिहार बोर्ड के  Toppers घोटालो को पूरा देश जानता है जिसमे सभी Faculty मे Top किए छात्र शिक्षा के सबसे बारे घोटाले का शिकार हुए जिसने बिहार शिक्षा व्यवस्था  को हिला के रख दिया ।
  • Toppers घोटाले के बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुये Bihar Education Board मे भारी फेरबदल किया ।
  • इतने फेरबदल के बाद भी साल 2017 मे फिर Topers मे घोटाले की बात सामने आ रही है  जिसमे 12 कक्षा के आर्ट्स Topers गणेश कुमार पर इंल्ज़ाम लगा की वे बिहार बोर्ड के साथ मिल कर अपनी उम्र छिपा कर परीक्षा दी  है और छानबीन मे ये सामने आया की इस प्रक्रिया मे शिक्षा विभाग के बारे अधिकारी शामिल है ।
  • इसके आलवे 2017 के आए 12वी के परिणाम मे कुछ ऐसे छात्र भी है जिन्होने ने आईआईटी जैसे कठिन परीक्षा पास की है लेकिन बिहार बोर्ड के 12वी के परिणाम ने उन्हे फ़ेल कर दिया वो भी किसी विषय मे 0 अंक आने के कारण ।
उपर्युक तथ्यो से ये साफ है की बिहार शिक्षा की पूरी सिस्टम ही खराब है और ये बिहार के के लिए गंभीर समस्या का विषय है  ।
इस खराब सिस्टम को सुधारने के लिए राज्य सरकार को कुछ कड़े फैसले लेने होंगे ।
  • सबसे पहले बिहार मे  शिक्षक की 9 लाख खाली पदो पर अनुभवी और प्रतिभाशील शिक्षक की बहाली करनी होगी ।
  • वर्तमान मे बहाल शिक्षक बच्चो को किस प्रकार की शिक्षा दे रहे है इसकी बराबर जांच होनी चाहिए
  • शिक्षक का वेतन उसके डिग्री पर नहीं बल्कि उसके शिक्षा शैली पर देनी चाहिए ।
  • शिक्षक का कार्यकाल घाटा कर इतनी करनी चाहिए की ताकि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए नए पीढ़ी अपना योगदान दे सके । क्योकि वर्तमान मे स्कूल मे कुछ ऐसे शिक्षक भी कार्यरत है जो कई सालो से एक ही तरह के ज्ञान बच्चो को दे रहे है न उन्हे वर्तमान घटनाओ का ज्ञान है न वे उस लायक है की अपनी ज्ञान बढ़ा सके ।
  • बिहार मे कुछ स्कूल के पास प्रायप्त बिल्डिंग नहीं है जहां बच्चे ठीक से पढ़ाई कर सके ,निजी स्कूल मे दी जाने वाली सुविधा से ज्यादा सुविधा सरकार बच्चो को दे सकती है इस बात पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए ।


बिहार का भविष्य बिहार के शिक्षक के हाथ मे उन्हे आगे आकर खुद इसका पहल करना होगा तभी वो सच्चे शिक्षक कहलाएंगे ।
  • शिक्षक को अगर वेतन नहीं मिलता तो पूरे प्रदेश मे आंदोलन और हड़ताल होता है लेकिन जरा सोचिए अगर छात्र अपने लिए आंदोलन और हड़ताल करे तो क्या होगा !
  • जितने आंदोलन और हड़ताल शिक्षक वेतन पाने के लिए करते है अगर थोड़ा भी आंदोलन हड़ताल बच्चो के भविष्य के लिए दे तो शायद सरकार वेतन देने मे कोताही नहीं बरतेगी ।
  • बिहार का भविष्य बिहार के शिक्षक के हाथो मे है दोस्तो अगर आप एक शिक्षक और सच्चे बिहारी है तो खुद को आगे लाइए और बिहार का नाम शिक्षा मे आगे बढ़ाइए ।

Written By- Angesh Upadhyay
Sources- Google



Friends if want to get exciting News and Thought Please Subscribe,Share and Like my post


Share:

Hindi typing without any typing knowledge



दोस्तो अगर आपके पास कम्प्युटर या लैपटाप है और आपको अक्सर हिन्दी लिखने मे परेशानी आती है तो आज Knowledge Panel मे आप जानेगे की कैसे आप हिन्दी टायपिंग बिना जाने भी हिन्दी मे आसानी से टाइप कर सकते है । 
Share:

12th May International Nurses Day Kyun Manate hai

नर्स जिसे ईश्वर का दूत और चिकित्सक का दाहिना हाथ कह सकते है क्यूंकि वो नर्स ही है जो निःस्वार्थ भाव से दूसरों के जीवन के लिए संघर्ष करती है , जो इंसान के जन्म और मृत्यु दोनों देखती है ,जिसका दिल सेवा भाव से भरा होता है ।
12th May International Nurses Day

12th May International Nurses Day

आज International Nurses Day के अवसर पर आइये जानते है ईश्वर के उस रूप को जिसे हर इंसान जन्म होते ही दर्शन करता है।
हम अक्सर फिल्मों मे या बड़े बुजुर्गो से सुनते है की पुराने जमाने मे जब एक माँ बच्चे को जन्म देती है तो किसी दाई माँ को बुलाया जाता है जो आसानी से माँ के बच्चे को जन्म लेने मे उनकी मदद करती थी और कुछ ही देर मे पूरे परिवार को बच्चे के जन्म की खुशखबरी सुनती थी । ये दाई माँ कोई और नहीं बल्कि वो उस जमाने की नर्स कहलाती थी ।
Share:

World Thalassemia Day celebrated on May 8 every year


Hello Friends पुरानी कहावत है "स्वास्थ्य ही धन है" Health is Wealth ,एक स्वस्थ व्यक्ति किसी अमीर व्यक्ति से ज्यादा धनी माना जाता है ,इसलिए  आज हम चर्चा करेंगे आपके Health की ,आज आप जनाएंगे दुनिया की एक गंभीर लाइलाज बीमारी Thalassemia (थेलेसीमिया ) के बारे मे ।

हर साल 8 May को पूरी दुनिया मे International Thalassaemia Day के रूप मे मनाई जाती है जो सभी करोड़ो Thalassemia (थेलेसीमिया ) पीड़ित को समर्पित होता है ।

World Health Organisation (WHO) के अनुसार Thalassemia (थेलेसीमिया) दुनिया के गंभीर लाइलाज आनुवांशिक बीमारी (genetic disorders) मे से एक है । 

आइये जानते है क्या है Thalassemia (थेलेसीमिया) और कैसे बचे इस गंभीर बीमारी से ।



What is Thalassemia (थेलेसीमिया) ?



Thalassemia (थेलेसीमिया) एक गंभीर आनुवांशिक बीमारी (genetic disorders)  है जो किसी को विरासत मे अपने माता पिता से मिलती है,इसका अर्थ ये हुआ की अगर कोई माँ बाप के शरीर मे Thalassemia (थेलेसीमिया) जैसी कोई Blood Diseases है तो उनके होने वाले  बच्चे  मे इस रोग के होने का खतरा बढ़ जाता है ।

इस रोग के होने पर शरीर की Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता (Anemia)के लक्षण प्रकट होते हैं। इसकी पहचान बच्चे के तीन माह की आयु के बाद ही होती है। इसमें रोगी बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है।


Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) की मात्रा कम हो जाने से शरीर दुर्बल हो जाता है तथा अशक्त होकर हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्रसित रहने लगता है। जिसे 
Thalassemia (थेलेसीमिया) कहा जाता है । 



Thalassemia (थेलेसीमिया) का इलाज और होने के कारण 


ये एक लाइलाज बीमारी है जिसका अब तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं । Hemoglobin (हीमोग्लोबीन) दो तरह के Protein से बनता है Alpha Globin and Bita Globin,Thalassemia (थेलेसीमिया) से पीड़ित व्यक्ति के शरीर मे इन प्रोटीन में ग्लोबिन निर्माण नहीं होता,जिसके  कारण Red blood cells तेजी से नष्ट होने लगती है , रक्त की भारी कमी होने के कारण रोगी के शरीर Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) की कमी हो जाती है जिस कारण बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ता है एवं बार-बार रक्त चढ़ाने के कारण रोगी के शरीर में अतिरिक्त Iron जमा होने लगती है, जो Heart,Kidney और Lungs में पहुँचकर मौत का कारण बन जाता है ।

यह बीमारी उन बच्चों में होने की संभावना अधिक होती है, जिनके माता-पिता दोनों के Genes (जींस) में Thalassemia (थैलीसीमिया) होता है। अगर समय रहते Pregnancy (ग्रभावस्था) का दौरान समय समय पे जांच की जाय तो होने वाले बच्चे को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है । 

Medicine Thalassemia पर पूरे विश्व मे अनुसंधान प्रयास जारी है और इसी अनुसंधान ने इस बीमारी को कंट्रोल करने की दावा बनाई है  भारत मे यह Asunra  के नाम से जाना जाता है वेदेशों मे Exjade के नाम से प्रसिद्ध है ये दवाई शरीर मे Iron की मात्रा को Control करने मे सहायक है जिससे Thalassemia के Patient को Extra Iron से होने वाले खतरो से बचाया जा सकता है । 
ये बिलकुल नई दवा है इससे पहले दो तरीको से शरीर से Iron की मात्रा कम करके इसका इलाज होता था । 


पहला Deferasirox injection के जरिए आठ से दस घण्टे तक लौह निकाला जाता है। यह प्रक्रिया बहुत महंगी और कष्टदायक होती है। इसमें प्रयोग होने वाले एक इंजेक्शन की कीमत 135 रुपए होती है। इस प्रक्रिया में हर साल पचास हजार से डेढ़ लाख रुपए तक खर्च आता है। 

दूसरी प्रक्रिया में kelfer नामक दवा (Capsule) दी जाती है। यह दवा सस्ती तो है लेकिन इसका इस्तेमाल करने वाले 30% रोगियों को जोड़ों में दर्द की समस्या हो जाती है। साथ ही इनमें से 1% बच्चे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।ऐसे में नई दवा Asunra काफ़ी लाभदायक होगी। यह दवा फलों के रस के साथ मिलाकर पिलाई जाती है और इसकी कीमत 100 रुपये प्रति डोज है।


Thalassemia (थेलेसीमिया) के प्रकार 

Type of Thalassemia 


मुख्यतः यह रोग दो वर्गों में बांटा गया है। Minor और Major 

जब ये रोग किसी बच्चे मे माता पिता मे किस एक से प्राप्त होता है तो इसे Minor Thalassemia कहा जाता है अगर माता पिता दोनों Thalassemia से पीड़ित है तो उसे Major Thalassemia कहते है । 


Thalassemia (थेलेसीमिया) के लक्षण । 


अगर कोई व्यक्ति या बच्चे का सूखता चेहरा, लगातार बीमार रहना, वजन ना ब़ढ़ना और इसी तरह के कई लक्षण दिखाई दे तो वह बच्चों या व्यक्ति में थेलेसीमिया रोग होने पर होने के लक्षण है।


Thalassemia से बचाव 

किसी Thalassemia पीड़ित बच्चे की उम्र 12 से 15 साल होती है इस बीमारी का इलाज करने पर लगभग 25 वर्ष तक जीने की उम्मीद रहती है उम्र के बढ़ते ही Blood की जरूरत ज्यादा लगने लगती है ।  

इससे बचने के लिए स्त्री पुरुष विवाह से पहले Blood Test करा लें तभी आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। नजदीकी रिस्तेदारों मे विवाह करने से बचें और जिस प्रकार विवाह से पहले स्त्री पुरुष अपने जन्म कुंडली का मिलान करते है उसी प्रकार स्वास्थ्य कुंडली का भी मिलान करना चाहिए ताकि वो खुद को और आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचा सके । 


World Health Organisation (WHO) के अनुसार भारत मे प्रत्येक वर्ष 5 से 7 हजार Thalassemia पीड़ित बच्चे का जन्म होता है । केवल Delhi और उसके आसपास के क्षेत्र में ही यह संख्या करीब 1500  है। भारत की कुल Population का 3.5 % Thalassemia (थैलेसीमिया) से पीड़ित है।England में केवल 350 बच्चे इस रोग के शिकार हैं, जबकि पाकिस्तान में 1लाख  और भारत में करीब 10 लाख बच्चे इस रोग से ग्रसित हैं।

आइये इस International Thalassaemia Day के दिन ये संकल्प ले की आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाएंगे क्यूंकी  ये एक जानलेवा बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं सिर्फ बचाव ही इसका इलाज है इसलिए समय समय पर खून की जांच करवाले और अपने आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाए । 

click Here and Get WHO Reports


आपको ये Article कैसा लगा हमे Comment Box मे जरूर बताए । हमे उम्मीद है बताई गई जानकारी आपके लिए बेहतर और Helpful होगी ऐसे ही Knowledgeable और Interesting Hindi Article पढ़ने के लिए Visit करे www.knowledgepanel.in.


Like us on Facebook -  Facebook Click Here

Subscribe on YouTube -  YouTube - Click Here


Share:

Mother's Day kiyu Manate hai. Mother's Day Celebration

International Mother's Day 12 may

Hello friends इस खूबसूरत धरती पर ईश्वर द्वारा बनाई गई सबसे बेहतरीन बनावट मे माँ का स्थान सबसे ऊपर है क्यूंकि माँ ही इस प्रकृति का आधार है इस Nature की बनावट की शिल्पकार अगर कोई है तो वो माँ है । आइये उस माँ के सम्मान मे इस Mother's Day अपना आदर समर्पित करें धरती के शिल्पकर को ।


जानिए क्यूँ मनाते है Mother's Day

When we Celebrate Mother's Day

Mothers Day Quotes & Facts



Mother's Day धरती के हर माँ के सम्मान और पारिवारिक संबंध को मजबूत करने के पूरे दुनिया मे माया जाता है  Mother's Day दुनिया के हर देशो मे अलग अलग Date मे मनाया जाता है ज़्यादातर ये March से May के बीच मनाया जाता है ।

Mother's Day falls on different dates depending on the countries where it is celebrated. It is held on the second Sunday of May in many countries.

माना जाता है की इसकी शुरुआत पुराने ग्रीस युग मे हुई थी उस वक्त Cybele जो ग्रीक देवताओं की माँ थी उनके सम्मान के लिए उनकी पुजा अर्चना की जाती थी उस वक्त से ही मातृ पुजा और मातृ दिवस की शुरुआत हुई ।

प्राचीन रोम वासी मे भी ऐसे कई प्रथा प्रचलित थी जिसमे माताओं को उपहार दी जाती थी ।Europe और Britain जैसे देशों मे कई प्रचलित परम्पराएं हैं जहां एक Special Sunday को Motherhood and Mothers को सम्मानित किया जाता हैं जिसे Mothering Sunday कहा जाता था। Mothering Sunday लितुर्गिकल कैलेंडर का हिस्सा है, जो कई ईसाई उपाधियों और कैथोलिक कैलेंडर में लेतारे सन्डे, चौथे रविवार लेंट में वर्जिन मेरी और "Mother Church" को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता हैं।

परम्परानुसार इस दिन प्रतीकात्मक उपहार देने तथा कुछ परम्परागत महिला कार्य जैसे अन्य सदस्यों के लिए खाना बनाने और सफाई करने को प्रशंसा के संकेत के रूप में चिह्नित किया गया था।  Mother's Day कई देशों मे International Woman's Day के रूप मे 8 March को भी मनाया जाता है ।

America मे सबसे पहले 1870 मे Julia Ward Howe द्वारा उनके द्वारा लिखी पुस्तक "Mother's Day Proclamation" मे America civil War मे के दौरान युद्ध मे शांति बनाए रखने की अपील की साथ ही उन्होने समाज के राजनीति स्तर पर महिलाओं को विशेष स्थान देने की भी अपील की इसी दौरान सर्वप्रथम Mother's Day मनाया गया ।

1912 मे Anna Jarvis ने "Second Sunday in May, Mother's Day" को Trademark बनाया और Mother's Day International Association की स्थापना की ।

Mother's Day दुनिया भर मे अगल अलग तारीख मे मनय जाता है Google के अनुसार British परंपरा के मे इसे May के दूसरे और चौथे Sunday को मनाया जाता है ।

बाद में यह Dates कुछ इस तरह बदली कि वि‍भिन्न देशों में प्रचलित धर्मों की देवी के जन्मदिन या पुण्य दिवस को इस रूप में मनाया जाने लगा। जैसे Catholic countries  में Virgin Mary Day और Islamic Countries में पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा के जन्मदिन की तारीखों से इस दिन को बदल लिया गया।

अधिकांश देशों में, Mother's Day हाल ही में पालन की गयी Holidays है जो North America और Europe में विकसित हुई है। जब यह अन्य देशों और संस्कृतियों के द्वारा अपनाया गया था तब इसे दूसरा अर्थ दिया गया, जो अलग घटनाओं (धार्मिक, ऐतिहासिक या पौराणिक) से जुड़े थे और अलग-अलग तारीख या तारीखों पर मनाये जाते थे।

कुछ देशों में पहले से ही मातृत्व का सम्मान करने के लिए समारोह का आयोजन किया जाता था और उन्होंने समारोह का पालन करने के लिए अपनी स्वयं की मां को गुलनार फूल और अन्य उपहार देने के लिए छुट्टियाँ मनाई जाती थी।

इस समारोह को मनाने का अपना-अपना तौर-तरीका हैं। कुछ देशों में अगर Mother's Day के उपलक्ष्य पर अपनी मां को सम्मानित नहीं किया गया तो यह अपराध माना जाता हैं।

कुछ देशों में, यह एक छोटे से प्रसिद्ध त्योहार के रूप में मनाया जाता हैं, जो अप्रवासियों या मीडिया के अनुसार विदेशी संस्कृति (वैसे ही जैसे कि ब्रिटेन और अमेरिका में दिवाली का त्यौहार) की देन हैं।
International Mother's Day 12th May 2019

Mother's Day मनाने का धार्मिक प्रथा

Hindu धर्म मे इसे इसे "माता तीर्थ औंशी" या "Mother Pilgrimage fortnight" कहा जाता हैं हिन्दू राष्ट्र जैसे नेपाल मे इसे विशेष रूप से मनाया जाता है । 

Islam धर्म मे खासकर ईरान मे इस दिन को पैगंबर मोहम्मद की बेटी Fatima Zahar के जन्मदिवस के दिन मनाया जाता है । 

Catholic धर्म मे ये  Virgin Mary को श्रद्धांजली के रूप मे मनाया जाता है 

बौद्ध धर्म मे Mothers Day के उपलक्ष मे Ullambana (उल्लांबना) नाम का Festival मनाया जाता है जिसमे मौदगल्यायन और उसकी माँ को याद किया जाता है 


अलग अलग देशों मे किस तारीख मे मनाई जाती है Mother's Day 

Mother's Day Celebrated in Different Countries ,held on different dates. 


भारत (India)
वर्तमान मे भारत मे भी Mother's Day का चलन हो गया है जो पहले के मुक़ाबले बढ़ा है जो हर साल May के दूसरे Sunday को मनाया जाता है भारतीय इसे किसी Festivals की तरह नहीं मानते लेकिन भारत के शहरी क्षेत्रों मे कुछ राज्यों मे Mother's Day मनाया जाता है । 

नेपाल (Nepal)
Mata Tirtha Aunsi  "माता तीर्थ औंशी", जिसका अनुवाद है "मदर पिल्ग्रिमेज फोर्टनाईट" ("Mother Pilgrimage New Moon") जो बैशाख के महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ता हैं। यह त्यौहार अमावस्या के दिन होता है, इसलिए इसे "माता तीर्थ औंशी" कहते हैं। यह शब्द "माता" अर्थात् मां और "तीर्थ" अर्थात् तीर्थयात्रा शब्द से व्युत्पन्न हुआ हैं। यह त्यौहार जीवित और स्वर्गीय माताओं के स्मरणोत्सव और सम्मान में मनाया जाता है, जिसमें जीवित माताओं को उपहार दिया जाता हैं तथा स्वर्गीय माताओं का स्मरण किया जाता हैं। नेपाल की परंपरा में माता तीर्थ की तीर्थयात्रा पर जाना प्रचलित हैं जो काठमांडू घाटी के माता तीर्थ ग्राम विकास समिति की परिधि के पूर्व में स्थित हैं।

इस तीर्थ यात्रा के संबंध में एक किंवदंती हैं। " प्राचीन समय में भगवान श्री कृष्ण की मां देवकी प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए घर से बाहर निकल गयी। उन्होंने कई स्थानों का दौरा किया और घर लौटने में बहुत देर कर दी। भगवान कृष्ण अपनी मां के न लौटने पर दुखी हो गए। वे अपनी मां की तलाश में कई स्थानों पर घूमते रहे परन्तु उन्हें सफलता नहीं मिली। अंत में, जब वह "माता तीर्थ कुंड" पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनकी मां तालाब के फुहार में नहा रही हैं। भगवान कृष्ण अपनी मां को देख कर बहुत खुश हुए और अपनी समस्त शोकपूर्ण घटना जो उनकी माता की अनुपस्थिति में हुई थी उनके आगे कहने लगे। मां देवकी ने कृष्ण भगवान से कहा कि "ओह!बेटा कृष्णा फिर तो इस स्थान को बच्चों की उनकी स्वर्गीय माताओं से मिलने का पवित्र स्थल ही रहने दिया जाये".तब से यह किंवदंती है कि यह स्थान एक पवित्र तीर्थयात्रा बन गया हैं जहां श्रद्धालु एवं भक्तगण अपनी स्वर्गीय माताओं को श्रद्धा अर्पण करने आते हैं। साथ ही यह भी किंवदंती हैं कि एक भक्त ने अपनी मां की छवि को तालाब में देखा और उसके अंदर गिर कर उसकी मृत्यु हो गई। आज भी वहां एक छोटे से तालाब को चरों तरफ से लोहे की सिकल से बांध दिया गया हैं। पूजा करने के पश्चात तीर्थयात्री वहां पूरे दिन गाने-बजाने का संपूर्ण आनद उठाते हैं। इस किंवदंती को साबित करने का ऐसा कोई भी सबूत नहीं है। "

Bolivia 
central South America मे स्थित ये देश मे Mothers Day 27 मई को मनाया जाता हैं। इसे कोरोनिल्ला युद्ध को स्मरण करने के लिए 8 नवम्बर 1927 को कानून पारित किया गया। यह युद्ध 27 मई 1812 को उस जगह हुआ था जो अब कोचाबाम्बा का शहर कहलाता है। इस लड़ाई में, उन महिलाओं का स्पेनिश सेना द्वारा सरेआम कत्ल कर दिया गया जो देश की आजादी के लिए लड़ रही थी।

China (चीन)
चीन मे Mother's Day के चलन पूरे दुनिया मे प्रसिद्ध है जिसमे लोग अपनी माँ को Carnations (गुलनार) के फूल उपहार देते है  ये दिन गरीब माताओं के मदद करने के लिए 1997 मे तय की गई थी खासतौर पे ऐसे माताएँ जो ग्रामीण इलाकों मे रहती है । 

हाल ही के कुछ सालों में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य Li Hanqiu ने मातृ दिवस को Meng Mu , जो  Mèng Zǐ की मां थीं, की याद में कानूनी मान्यता देने के लिए हिमायत की और 100 Confucian scholars and lecturers of ethics की मदद से non-governmental organization बनाया जिसका नाम Chinese Mothers' Festival Promotion Society (चाइनिज मदर फेस्टिवल प्रोमोशन सोसाइटी) है। उन्होंने पश्चिमी उपहार Carnations (गुलनार) के बदले White Lilies देने के लिए कहा जो प्राचीन समय में चीनी महिलाओं द्वारा तब लगाया जाता था जब उनके बच्चे अपना घर छोड़कर जाते थे। अब सिर्फ कुछ छोटे शहरों के अलावा, यह एक अनौपचारिक त्यौहार रह गया है।

थाईलैंड (Thailand)
थाईलैंड में मातृत्व दिवस थाइलैंड की रानी के जन्मदिन पर मनाया जाता है।

रूस (Russia )
यहाँ Public Holiday के रूप मे Mother's Day 8 मार्च को International Women's Day के रूप मे मनाया जाता है । 

Click Here - Why we Celebrate International Women's Day

इस प्रकार ज़्यादातर देशों मे Mother's Day साल के May महीने मे दूसरे Sunday को मनाया जाता है इस साल 2019 मे भी May के Second Sunday 12 May को मनाया जा रहा है । 

इस Mother's Day आइये पढ़ते है कुछ कविता Written by Angesh Upadhyay Author of Knowledge Panel 

“  माँ,अक्सर जब दिल रहता है उदास तो अचानक होता है कुछ प्यारा सा एहसास

क्या वो एहसास तुम हो ?

जीवन मे अगर कही भटक जाऊ तो याद आती है माँ की वो बातें

जब वो प्यार से कहती थी – बेटा न करना ऐसा काम की जीवन मे भटकना पड़े

माँ की बात को काट कर उस राह पे चला जाता और अचानक गिर जाता

लेकिन तभी अचानक एक हाथ मेरे कंधे पर आता और पीछे से आवाज आती-

बेटा माना किया था न इधर मत आना । 

क्यूँ किया तूने ऐसे काम क्या तुझे नहीं आया अपनी माँ का ख्याल ,उठ बेटा चल देख तेरी माँ तेरे लिए क्या लाई है ,

तभी माँ अपने आंचल मे छुपा लेती है और कहती है बेटा यहाँ तुझे कुछ नहीं होगा "





Happy Mother's Day to You

Mother's Day Spacial Article Must Read

Article कैसा लगा हमे Comment Box मे जरूर बताए । हमे उम्मीद है बताई गई जानकारी आपके लिए बेहतर और Helpful होगी ऐसे ही Knowledgeable और Interesting Hindi Article पढ़ने के लिए Visit करे www.knowledgepanel.in.

Like us on Facebook -  Facebook 

Subscribe on YouTube -  YouTube - 


Like our Entertainment Page -  Thik Hai



Share:

Featured Post

Diwali Quotes in Hindi and English- Happy Diwali 2021

Hello Friends दिवाली आने वाली है हर तरफ रोशनी और खुशियों का माहौल होने वाला है । दिवाली भारत का सबसे प्रमुख त्यौहारों मे से एक है , वर्ष के...

Translate