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Hindi typing without any typing knowledge



दोस्तो अगर आपके पास कम्प्युटर या लैपटाप है और आपको अक्सर हिन्दी लिखने मे परेशानी आती है तो आज Knowledge Panel मे आप जानेगे की कैसे आप हिन्दी टायपिंग बिना जाने भी हिन्दी मे आसानी से टाइप कर सकते है । 
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Best mehndi Design for All Occasion and all indian festival occasion like teej ,Ganesh chaturthi etc

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ईद ,तीज , रक्षाबंधन सावन जैसे कई त्योहारों के खूबसूरत मौके पर महिलाओं मे मेहंदी लगाने की होड़ लगी रहती है हर त्योहारों और शादियों के मौके पर महिलाएं मेहंदी लगती है तो आइये मेहंदी के कुछ खास और खूबसूरत डिज़ाइन को अपने हाथों मे चार चाँद लगा दे ।

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12th May International Nurses Day Kyun Manate hai

नर्स जिसे ईश्वर का दूत और चिकित्सक का दाहिना हाथ कह सकते है क्यूंकि वो नर्स ही है जो निःस्वार्थ भाव से दूसरों के जीवन के लिए संघर्ष करती है , जो इंसान के जन्म और मृत्यु दोनों देखती है ,जिसका दिल सेवा भाव से भरा होता है ।
12th May International Nurses Day

12th May International Nurses Day

आज International Nurses Day के अवसर पर आइये जानते है ईश्वर के उस रूप को जिसे हर इंसान जन्म होते ही दर्शन करता है।
हम अक्सर फिल्मों मे या बड़े बुजुर्गो से सुनते है की पुराने जमाने मे जब एक माँ बच्चे को जन्म देती है तो किसी दाई माँ को बुलाया जाता है जो आसानी से माँ के बच्चे को जन्म लेने मे उनकी मदद करती थी और कुछ ही देर मे पूरे परिवार को बच्चे के जन्म की खुशखबरी सुनती थी । ये दाई माँ कोई और नहीं बल्कि वो उस जमाने की नर्स कहलाती थी ।
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World Thalassemia Day celebrated on May 8 every year


Hello Friends पुरानी कहावत है "स्वास्थ्य ही धन है" Health is Wealth ,एक स्वस्थ व्यक्ति किसी अमीर व्यक्ति से ज्यादा धनी माना जाता है ,इसलिए  आज हम चर्चा करेंगे आपके Health की ,आज आप जनाएंगे दुनिया की एक गंभीर लाइलाज बीमारी Thalassemia (थेलेसीमिया ) के बारे मे ।

हर साल 8 May को पूरी दुनिया मे International Thalassaemia Day के रूप मे मनाई जाती है जो सभी करोड़ो Thalassemia (थेलेसीमिया ) पीड़ित को समर्पित होता है ।

World Health Organisation (WHO) के अनुसार Thalassemia (थेलेसीमिया) दुनिया के गंभीर लाइलाज आनुवांशिक बीमारी (genetic disorders) मे से एक है । 

आइये जानते है क्या है Thalassemia (थेलेसीमिया) और कैसे बचे इस गंभीर बीमारी से ।



What is Thalassemia (थेलेसीमिया) ?



Thalassemia (थेलेसीमिया) एक गंभीर आनुवांशिक बीमारी (genetic disorders)  है जो किसी को विरासत मे अपने माता पिता से मिलती है,इसका अर्थ ये हुआ की अगर कोई माँ बाप के शरीर मे Thalassemia (थेलेसीमिया) जैसी कोई Blood Diseases है तो उनके होने वाले  बच्चे  मे इस रोग के होने का खतरा बढ़ जाता है ।

इस रोग के होने पर शरीर की Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता (Anemia)के लक्षण प्रकट होते हैं। इसकी पहचान बच्चे के तीन माह की आयु के बाद ही होती है। इसमें रोगी बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है।


Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) की मात्रा कम हो जाने से शरीर दुर्बल हो जाता है तथा अशक्त होकर हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्रसित रहने लगता है। जिसे 
Thalassemia (थेलेसीमिया) कहा जाता है । 



Thalassemia (थेलेसीमिया) का इलाज और होने के कारण 


ये एक लाइलाज बीमारी है जिसका अब तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं । Hemoglobin (हीमोग्लोबीन) दो तरह के Protein से बनता है Alpha Globin and Bita Globin,Thalassemia (थेलेसीमिया) से पीड़ित व्यक्ति के शरीर मे इन प्रोटीन में ग्लोबिन निर्माण नहीं होता,जिसके  कारण Red blood cells तेजी से नष्ट होने लगती है , रक्त की भारी कमी होने के कारण रोगी के शरीर Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) की कमी हो जाती है जिस कारण बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ता है एवं बार-बार रक्त चढ़ाने के कारण रोगी के शरीर में अतिरिक्त Iron जमा होने लगती है, जो Heart,Kidney और Lungs में पहुँचकर मौत का कारण बन जाता है ।

यह बीमारी उन बच्चों में होने की संभावना अधिक होती है, जिनके माता-पिता दोनों के Genes (जींस) में Thalassemia (थैलीसीमिया) होता है। अगर समय रहते Pregnancy (ग्रभावस्था) का दौरान समय समय पे जांच की जाय तो होने वाले बच्चे को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है । 

Medicine Thalassemia पर पूरे विश्व मे अनुसंधान प्रयास जारी है और इसी अनुसंधान ने इस बीमारी को कंट्रोल करने की दावा बनाई है  भारत मे यह Asunra  के नाम से जाना जाता है वेदेशों मे Exjade के नाम से प्रसिद्ध है ये दवाई शरीर मे Iron की मात्रा को Control करने मे सहायक है जिससे Thalassemia के Patient को Extra Iron से होने वाले खतरो से बचाया जा सकता है । 
ये बिलकुल नई दवा है इससे पहले दो तरीको से शरीर से Iron की मात्रा कम करके इसका इलाज होता था । 


पहला Deferasirox injection के जरिए आठ से दस घण्टे तक लौह निकाला जाता है। यह प्रक्रिया बहुत महंगी और कष्टदायक होती है। इसमें प्रयोग होने वाले एक इंजेक्शन की कीमत 135 रुपए होती है। इस प्रक्रिया में हर साल पचास हजार से डेढ़ लाख रुपए तक खर्च आता है। 

दूसरी प्रक्रिया में kelfer नामक दवा (Capsule) दी जाती है। यह दवा सस्ती तो है लेकिन इसका इस्तेमाल करने वाले 30% रोगियों को जोड़ों में दर्द की समस्या हो जाती है। साथ ही इनमें से 1% बच्चे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।ऐसे में नई दवा Asunra काफ़ी लाभदायक होगी। यह दवा फलों के रस के साथ मिलाकर पिलाई जाती है और इसकी कीमत 100 रुपये प्रति डोज है।


Thalassemia (थेलेसीमिया) के प्रकार 

Type of Thalassemia 


मुख्यतः यह रोग दो वर्गों में बांटा गया है। Minor और Major 

जब ये रोग किसी बच्चे मे माता पिता मे किस एक से प्राप्त होता है तो इसे Minor Thalassemia कहा जाता है अगर माता पिता दोनों Thalassemia से पीड़ित है तो उसे Major Thalassemia कहते है । 


Thalassemia (थेलेसीमिया) के लक्षण । 


अगर कोई व्यक्ति या बच्चे का सूखता चेहरा, लगातार बीमार रहना, वजन ना ब़ढ़ना और इसी तरह के कई लक्षण दिखाई दे तो वह बच्चों या व्यक्ति में थेलेसीमिया रोग होने पर होने के लक्षण है।


Thalassemia से बचाव 

किसी Thalassemia पीड़ित बच्चे की उम्र 12 से 15 साल होती है इस बीमारी का इलाज करने पर लगभग 25 वर्ष तक जीने की उम्मीद रहती है उम्र के बढ़ते ही Blood की जरूरत ज्यादा लगने लगती है ।  

इससे बचने के लिए स्त्री पुरुष विवाह से पहले Blood Test करा लें तभी आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। नजदीकी रिस्तेदारों मे विवाह करने से बचें और जिस प्रकार विवाह से पहले स्त्री पुरुष अपने जन्म कुंडली का मिलान करते है उसी प्रकार स्वास्थ्य कुंडली का भी मिलान करना चाहिए ताकि वो खुद को और आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचा सके । 


World Health Organisation (WHO) के अनुसार भारत मे प्रत्येक वर्ष 5 से 7 हजार Thalassemia पीड़ित बच्चे का जन्म होता है । केवल Delhi और उसके आसपास के क्षेत्र में ही यह संख्या करीब 1500  है। भारत की कुल Population का 3.5 % Thalassemia (थैलेसीमिया) से पीड़ित है।England में केवल 350 बच्चे इस रोग के शिकार हैं, जबकि पाकिस्तान में 1लाख  और भारत में करीब 10 लाख बच्चे इस रोग से ग्रसित हैं।

आइये इस International Thalassaemia Day के दिन ये संकल्प ले की आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाएंगे क्यूंकी  ये एक जानलेवा बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं सिर्फ बचाव ही इसका इलाज है इसलिए समय समय पर खून की जांच करवाले और अपने आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाए । 

click Here and Get WHO Reports


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Mother's Day kiyu Manate hai. Mother's Day Celebration

International Mother's Day 12 may

Hello friends इस खूबसूरत धरती पर ईश्वर द्वारा बनाई गई सबसे बेहतरीन बनावट मे माँ का स्थान सबसे ऊपर है क्यूंकि माँ ही इस प्रकृति का आधार है इस Nature की बनावट की शिल्पकार अगर कोई है तो वो माँ है । आइये उस माँ के सम्मान मे इस Mother's Day अपना आदर समर्पित करें धरती के शिल्पकर को ।


जानिए क्यूँ मनाते है Mother's Day

When we Celebrate Mother's Day

Mothers Day Quotes & Facts



Mother's Day धरती के हर माँ के सम्मान और पारिवारिक संबंध को मजबूत करने के पूरे दुनिया मे माया जाता है  Mother's Day दुनिया के हर देशो मे अलग अलग Date मे मनाया जाता है ज़्यादातर ये March से May के बीच मनाया जाता है ।

Mother's Day falls on different dates depending on the countries where it is celebrated. It is held on the second Sunday of May in many countries.

माना जाता है की इसकी शुरुआत पुराने ग्रीस युग मे हुई थी उस वक्त Cybele जो ग्रीक देवताओं की माँ थी उनके सम्मान के लिए उनकी पुजा अर्चना की जाती थी उस वक्त से ही मातृ पुजा और मातृ दिवस की शुरुआत हुई ।

प्राचीन रोम वासी मे भी ऐसे कई प्रथा प्रचलित थी जिसमे माताओं को उपहार दी जाती थी ।Europe और Britain जैसे देशों मे कई प्रचलित परम्पराएं हैं जहां एक Special Sunday को Motherhood and Mothers को सम्मानित किया जाता हैं जिसे Mothering Sunday कहा जाता था। Mothering Sunday लितुर्गिकल कैलेंडर का हिस्सा है, जो कई ईसाई उपाधियों और कैथोलिक कैलेंडर में लेतारे सन्डे, चौथे रविवार लेंट में वर्जिन मेरी और "Mother Church" को सम्मानित करने के लिए मनाया जाता हैं।

परम्परानुसार इस दिन प्रतीकात्मक उपहार देने तथा कुछ परम्परागत महिला कार्य जैसे अन्य सदस्यों के लिए खाना बनाने और सफाई करने को प्रशंसा के संकेत के रूप में चिह्नित किया गया था।  Mother's Day कई देशों मे International Woman's Day के रूप मे 8 March को भी मनाया जाता है ।

America मे सबसे पहले 1870 मे Julia Ward Howe द्वारा उनके द्वारा लिखी पुस्तक "Mother's Day Proclamation" मे America civil War मे के दौरान युद्ध मे शांति बनाए रखने की अपील की साथ ही उन्होने समाज के राजनीति स्तर पर महिलाओं को विशेष स्थान देने की भी अपील की इसी दौरान सर्वप्रथम Mother's Day मनाया गया ।

1912 मे Anna Jarvis ने "Second Sunday in May, Mother's Day" को Trademark बनाया और Mother's Day International Association की स्थापना की ।

Mother's Day दुनिया भर मे अगल अलग तारीख मे मनय जाता है Google के अनुसार British परंपरा के मे इसे May के दूसरे और चौथे Sunday को मनाया जाता है ।

बाद में यह Dates कुछ इस तरह बदली कि वि‍भिन्न देशों में प्रचलित धर्मों की देवी के जन्मदिन या पुण्य दिवस को इस रूप में मनाया जाने लगा। जैसे Catholic countries  में Virgin Mary Day और Islamic Countries में पैगंबर मुहम्मद की बेटी फातिमा के जन्मदिन की तारीखों से इस दिन को बदल लिया गया।

अधिकांश देशों में, Mother's Day हाल ही में पालन की गयी Holidays है जो North America और Europe में विकसित हुई है। जब यह अन्य देशों और संस्कृतियों के द्वारा अपनाया गया था तब इसे दूसरा अर्थ दिया गया, जो अलग घटनाओं (धार्मिक, ऐतिहासिक या पौराणिक) से जुड़े थे और अलग-अलग तारीख या तारीखों पर मनाये जाते थे।

कुछ देशों में पहले से ही मातृत्व का सम्मान करने के लिए समारोह का आयोजन किया जाता था और उन्होंने समारोह का पालन करने के लिए अपनी स्वयं की मां को गुलनार फूल और अन्य उपहार देने के लिए छुट्टियाँ मनाई जाती थी।

इस समारोह को मनाने का अपना-अपना तौर-तरीका हैं। कुछ देशों में अगर Mother's Day के उपलक्ष्य पर अपनी मां को सम्मानित नहीं किया गया तो यह अपराध माना जाता हैं।

कुछ देशों में, यह एक छोटे से प्रसिद्ध त्योहार के रूप में मनाया जाता हैं, जो अप्रवासियों या मीडिया के अनुसार विदेशी संस्कृति (वैसे ही जैसे कि ब्रिटेन और अमेरिका में दिवाली का त्यौहार) की देन हैं।
International Mother's Day 12th May 2019

Mother's Day मनाने का धार्मिक प्रथा

Hindu धर्म मे इसे इसे "माता तीर्थ औंशी" या "Mother Pilgrimage fortnight" कहा जाता हैं हिन्दू राष्ट्र जैसे नेपाल मे इसे विशेष रूप से मनाया जाता है । 

Islam धर्म मे खासकर ईरान मे इस दिन को पैगंबर मोहम्मद की बेटी Fatima Zahar के जन्मदिवस के दिन मनाया जाता है । 

Catholic धर्म मे ये  Virgin Mary को श्रद्धांजली के रूप मे मनाया जाता है 

बौद्ध धर्म मे Mothers Day के उपलक्ष मे Ullambana (उल्लांबना) नाम का Festival मनाया जाता है जिसमे मौदगल्यायन और उसकी माँ को याद किया जाता है 


अलग अलग देशों मे किस तारीख मे मनाई जाती है Mother's Day 

Mother's Day Celebrated in Different Countries ,held on different dates. 


भारत (India)
वर्तमान मे भारत मे भी Mother's Day का चलन हो गया है जो पहले के मुक़ाबले बढ़ा है जो हर साल May के दूसरे Sunday को मनाया जाता है भारतीय इसे किसी Festivals की तरह नहीं मानते लेकिन भारत के शहरी क्षेत्रों मे कुछ राज्यों मे Mother's Day मनाया जाता है । 

नेपाल (Nepal)
Mata Tirtha Aunsi  "माता तीर्थ औंशी", जिसका अनुवाद है "मदर पिल्ग्रिमेज फोर्टनाईट" ("Mother Pilgrimage New Moon") जो बैशाख के महीने के कृष्ण पक्ष में पड़ता हैं। यह त्यौहार अमावस्या के दिन होता है, इसलिए इसे "माता तीर्थ औंशी" कहते हैं। यह शब्द "माता" अर्थात् मां और "तीर्थ" अर्थात् तीर्थयात्रा शब्द से व्युत्पन्न हुआ हैं। यह त्यौहार जीवित और स्वर्गीय माताओं के स्मरणोत्सव और सम्मान में मनाया जाता है, जिसमें जीवित माताओं को उपहार दिया जाता हैं तथा स्वर्गीय माताओं का स्मरण किया जाता हैं। नेपाल की परंपरा में माता तीर्थ की तीर्थयात्रा पर जाना प्रचलित हैं जो काठमांडू घाटी के माता तीर्थ ग्राम विकास समिति की परिधि के पूर्व में स्थित हैं।

इस तीर्थ यात्रा के संबंध में एक किंवदंती हैं। " प्राचीन समय में भगवान श्री कृष्ण की मां देवकी प्राकृतिक दृश्य देखने के लिए घर से बाहर निकल गयी। उन्होंने कई स्थानों का दौरा किया और घर लौटने में बहुत देर कर दी। भगवान कृष्ण अपनी मां के न लौटने पर दुखी हो गए। वे अपनी मां की तलाश में कई स्थानों पर घूमते रहे परन्तु उन्हें सफलता नहीं मिली। अंत में, जब वह "माता तीर्थ कुंड" पहुंचे तो उन्होंने देखा कि उनकी मां तालाब के फुहार में नहा रही हैं। भगवान कृष्ण अपनी मां को देख कर बहुत खुश हुए और अपनी समस्त शोकपूर्ण घटना जो उनकी माता की अनुपस्थिति में हुई थी उनके आगे कहने लगे। मां देवकी ने कृष्ण भगवान से कहा कि "ओह!बेटा कृष्णा फिर तो इस स्थान को बच्चों की उनकी स्वर्गीय माताओं से मिलने का पवित्र स्थल ही रहने दिया जाये".तब से यह किंवदंती है कि यह स्थान एक पवित्र तीर्थयात्रा बन गया हैं जहां श्रद्धालु एवं भक्तगण अपनी स्वर्गीय माताओं को श्रद्धा अर्पण करने आते हैं। साथ ही यह भी किंवदंती हैं कि एक भक्त ने अपनी मां की छवि को तालाब में देखा और उसके अंदर गिर कर उसकी मृत्यु हो गई। आज भी वहां एक छोटे से तालाब को चरों तरफ से लोहे की सिकल से बांध दिया गया हैं। पूजा करने के पश्चात तीर्थयात्री वहां पूरे दिन गाने-बजाने का संपूर्ण आनद उठाते हैं। इस किंवदंती को साबित करने का ऐसा कोई भी सबूत नहीं है। "

Bolivia 
central South America मे स्थित ये देश मे Mothers Day 27 मई को मनाया जाता हैं। इसे कोरोनिल्ला युद्ध को स्मरण करने के लिए 8 नवम्बर 1927 को कानून पारित किया गया। यह युद्ध 27 मई 1812 को उस जगह हुआ था जो अब कोचाबाम्बा का शहर कहलाता है। इस लड़ाई में, उन महिलाओं का स्पेनिश सेना द्वारा सरेआम कत्ल कर दिया गया जो देश की आजादी के लिए लड़ रही थी।

China (चीन)
चीन मे Mother's Day के चलन पूरे दुनिया मे प्रसिद्ध है जिसमे लोग अपनी माँ को Carnations (गुलनार) के फूल उपहार देते है  ये दिन गरीब माताओं के मदद करने के लिए 1997 मे तय की गई थी खासतौर पे ऐसे माताएँ जो ग्रामीण इलाकों मे रहती है । 

हाल ही के कुछ सालों में चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के सदस्य Li Hanqiu ने मातृ दिवस को Meng Mu , जो  Mèng Zǐ की मां थीं, की याद में कानूनी मान्यता देने के लिए हिमायत की और 100 Confucian scholars and lecturers of ethics की मदद से non-governmental organization बनाया जिसका नाम Chinese Mothers' Festival Promotion Society (चाइनिज मदर फेस्टिवल प्रोमोशन सोसाइटी) है। उन्होंने पश्चिमी उपहार Carnations (गुलनार) के बदले White Lilies देने के लिए कहा जो प्राचीन समय में चीनी महिलाओं द्वारा तब लगाया जाता था जब उनके बच्चे अपना घर छोड़कर जाते थे। अब सिर्फ कुछ छोटे शहरों के अलावा, यह एक अनौपचारिक त्यौहार रह गया है।

थाईलैंड (Thailand)
थाईलैंड में मातृत्व दिवस थाइलैंड की रानी के जन्मदिन पर मनाया जाता है।

रूस (Russia )
यहाँ Public Holiday के रूप मे Mother's Day 8 मार्च को International Women's Day के रूप मे मनाया जाता है । 

Click Here - Why we Celebrate International Women's Day

इस प्रकार ज़्यादातर देशों मे Mother's Day साल के May महीने मे दूसरे Sunday को मनाया जाता है इस साल 2019 मे भी May के Second Sunday 12 May को मनाया जा रहा है । 

इस Mother's Day आइये पढ़ते है कुछ कविता Written by Angesh Upadhyay Author of Knowledge Panel 

“  माँ,अक्सर जब दिल रहता है उदास तो अचानक होता है कुछ प्यारा सा एहसास

क्या वो एहसास तुम हो ?

जीवन मे अगर कही भटक जाऊ तो याद आती है माँ की वो बातें

जब वो प्यार से कहती थी – बेटा न करना ऐसा काम की जीवन मे भटकना पड़े

माँ की बात को काट कर उस राह पे चला जाता और अचानक गिर जाता

लेकिन तभी अचानक एक हाथ मेरे कंधे पर आता और पीछे से आवाज आती-

बेटा माना किया था न इधर मत आना । 

क्यूँ किया तूने ऐसे काम क्या तुझे नहीं आया अपनी माँ का ख्याल ,उठ बेटा चल देख तेरी माँ तेरे लिए क्या लाई है ,

तभी माँ अपने आंचल मे छुपा लेती है और कहती है बेटा यहाँ तुझे कुछ नहीं होगा "





Happy Mother's Day to You

Mother's Day Spacial Article Must Read

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Happy Mothers Day, Mother's Day quotes

Happy Mother's Day 


दोस्तो दुनिया मे भगवान ईश्वर अल्लाह इन सबसे भी ज्यादा बड़ा दर्जा अगर किन्ही का है तो वो माँ का है।
हमारे पूरे जीवन मे उनका स्थान कोई नहीं ले सकता माँ का प्यार उनकी ममता के बदले आप चाह कर भी कुछ नहीं दे सकते है क्यू की दोस्तो उनके प्यार और ममता के बराबर दुनिया मे कोई दूसरी चीज बनी ही नहीं,जीवन मे उनका दिया ज्ञान कभी खाली नहीं जाता दोस्तो
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Mutual Funds Kya hai and how to earn money from mutual funds in India

Hello Friends अक्सर हम Bank मे या अपने दोस्तो रिस्तेदारों से Mutual Funds , SIP, Lumpsump जैसे investment करने के तरीकों के बारे मे सुनते रहते है लेकिन इसके बारे मे जानकारी ना होने के कारण हम इसे ignore कर देते है तो Knowledge Panel के इसी Segments मे जानते है क्या होता है Mutual Fund और कैसे करते है इसमे Investment ?


how to earn money from mutual funds in india

What is Mutual Funds ?

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share market kya hai in Hindi Sensex,BSE,NSE and Nifty

share market kya ha

Hello friends अक्सर आप अखबारो news Channels और social Media के जरिये share Market मे उछाल के बारे मे सुनते होंगे की Sensex मे आज इतने अंक की गिरावट आई इतने अंक मे बढ़ोतरी हुई बीएसई (BSE),एनएसई (NSE), निफ्टी Nifty मे भी गिरावट दर्ज की गई।
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Hello Friends जीवन मे हर कोई आगे बढ़ना चाहता है सब अपने अनुसार आगे बढ्ने का रास्ता चुन लेते है कोई आगे बढ़ता है असफल होता है और रास्ता बदल लेता है और कोई आगे बढ़ता है कोई ऐसा भी है जो असफल भी होता है लेकिन बिना रुके एवं बिना रास्ता बदले आगे बढ़ते रहता है और एक दिन उसे सफलता हासिल हो ही जाती है। इस प्रकार इंसान के जीवन मे सफल और असफल होने का सिलसीला चलता ही रहता है लेकिन जीवन के इसी उतार चढ़ाव को जो समझ गया अंत मे वही सबसे सफल इंसान कहलाता है ।
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Dreams comes True a Beautiful Short story in hindi

short story in hindi

कहते है सपने कभी अपने नहीं होते लेकिन फिर भी हर इंसान अपने जीवन मे अपनी ख्वाइश पूरी करने की जद्दोजहज मे लगा रहता है लेकिन कभी कभी इंसान के सपने पारिवारिक और सामाजिक रीति रिवाजों के बोझ तले दब जाता है तो कभी कभी इंसान इन कुरुतियों से लड़ते हुये अपने दिली ख्वाइश पूरी कर लेता है चाहे वो इत्तिफ़ाक से हो या उन रीतिरिवाजों के दायरे मे हो लेकिन सच तो ये है की काश ये रीतिरिवाज जात पात धर्म का बंधन ना होता तो शायद इंसान धरती पर सबसे ज्यादा सुखी होता । ऐसे ही सामाजिक भावनाओ से जुड़ी है आज की ये लघु कथा जिसे KnowledgePanel के नियमित  Reader Mr. Sourav AnkitChourasia ने भेजा है जो अपने भावनाओं को शब्दों मे पिरो कर पेश किया है, आप इनकी लिखी और भी रचनाओं जैसे कविता,कहानी आदि को इनके Personal Blog - https://blogbyankit.blogspot.com पर पढ़ सकते है

सपने हुये अपने 


कहानी की शुरुआत होती है एक माध्यम वर्गीय परिवार से जहां ठाकुर साहेब अपने धर्मपत्नी और अपनी चार पुत्री और एक पुत्र के साथ बड़े खुशी खुशी ढेर सारे सपने सँजोये अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे और अपनी दवा की दुकान से अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे , वक्त के साथ जीवन अपनी दूरी तय कर रही थी और एक वक्त ऐसा आ गया जहां ठाकुर साहेब को अपनी पुत्री भारती की शादी की चिंता सताने लगी और बहुत असरे बाद वो वक्त भी आ गया जब उनकी पुत्री भारती के रिश्ते के लिए लड़के वाले उनके घर आने वाले थे ये खबर बिना किसी देरी के वो अपनी धर्मपत्नी को देना चाहत थे और ठाकुर साहेब अपने दवा की दुकान से सारे काम निपटा के घर आए

"अजी सुनती हो ठकुराइन !! -  कहां हो ?? ज़रा फ्रिज से ठंडा पानी लेती आओ, बड़ी प्यास लगी है और सुनों अपनी भारती के लिए रिश्ता आया है। लड़का परिवहन विभाग में काम करता है। ज़रा मेरे कमरे में पानी लेकर जल्दी  आओ "--- ये कहते हुए ठाकुर साहब भरी दोपहरीया में पसीना पोंछते हुए अपने कमरे में चले गए (उनकी धर्मपत्नी शिक्षिका हैं।) 

और 2-3 के बाद उनके घर लड़के वाले का आगमन होता है ठाकुर साहेब सारे काम निपटा कर जल्दी घर लौट आए ताकि मेहमानो के खातिरदारी मे कोई कमी ना रह जाए और सच मे मेहमानों की खातिरदारी में ठाकुर साहब ने कोई कसर नहीं छोड़ी। महंगे से महंगे स्वादिष्ट मिठाइयाँ तरह तरह के पकवान परोसे गए। लड़के और उसके परिवार वालों ने भारती को देखा। भारती उन्हें पसंद आ गई।

इसके बाद दौर शुरू हुआ लेनदेन की बातों का। चूंकि लड़का सरकारी नौकरी में था तो हर लडकी के पिता की भांति भारती के पिता भी इस रिश्ते को हाथ से जाने नहीं देना चाहते थे। लेकिन लड़के वालों की मांग सुनकर भारती ने कड़े शब्दों में मना कर दिया था। भारती की मां को भी ये रिश्ता दहेज के कारण मंजूर न था और आखिर में रिश्ते के लिए ठाकुर साहब ने 'ना' कह दिया।


भारती अपने चार बहनों और एक भाई में मंझली थी। उस लड़के से शादी ना होना शायद भारती के लिए अच्छा ही हुआ क्यूंकि वह आगे पढ़ना चाहती थी और कुछ बनना चाहती थी भारती अत्यन्त सुलझी हुई शांत स्वभाव की लडकी थी । हाई स्कूल पास करने के बाद उसने कॉमर्स में अपनी रुचि जताई और इसी में अपना भविष्य ढूंढने में लग गई। हालांकि उसने स्नातक में कॉमर्स की पढ़ाई के साथ- साथ बैंकिंग और अन्य परीक्षाओं के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश की ताकि कोई नौकरी पा सके और आगे पीएचडी की पढ़ाई और रिसर्च करने में कोई आर्थिक समस्या न हो। बरहाल, पढ़ाई के दौरान उसके कई दोस्त बने जो उसे काफ़ी अजीज होते थे। इसी दौरान हर लड़की के जैसे भारती के भी कुछ ख्वाब पलने लगे मन किसी लड़के पर आ गया ।

इन्ही मे से एक लड़का था ' भारत' , बहुत मैच्योर, पारिवारिक और व्यवहारिक। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के साथ साथ पार्ट टाइम जॉब भी कर रहा था। बातचीत थोड़ी आगे बढ़ी पहले दोस्ती फ़िर प्रेम के आगोश मे डूबते गए , फ़िर घर वाले और समाज, जात पात, उंच नीच का भय दोनों के मन में आने लगा । भारती इस रिश्ते में आगे बढ़ने से पहले अपने पैरों पर खड़ी हो जाना चाहती थी ताकि उसके परिवार वाले राजी खुशी उन दोनों को अपना लें।

खैर समय अपनी गति से चलता है कुछ दो-तीन सालों के बाद भारती यूजीसी नेट क्वालीफाई करती है और कुछ टाइम बाद उसका सलेक्शन गेस्ट लेक्चरर के तौर पर पास के ही कॉलेज में हो जाता है। इधर भारत भी अपनी पढ़ाई पूरी कर एक अच्छे मल्टीनेशनल कंपनी में काम कर रहा थ ।

पढे सच्ची घटना पर आधारित एक सच्ची प्रेम कहानी

कुछ महीने बैंगलोर में काम करने के बाद उसे कंपनी विदेश भेजने की तैयारी में थी ,लेकिन विदेश जाने से पहले वो भारती के साथ घर बसा लेना चाहता था लेकिन परिवार वालों से कहने में संकोच भी करता था । लेकिन
आपसी तालमेल के बाद दोनों एक दिन मुकर्रर करते हैं और अपने परिवार जनों के सामने अपने अपने दिल की बात रखते हैं। काफी मान मनौवल के बाद भारती के माता पिता भारत और उसके माता पिता से मिलने को राजी हो जाते हैं। इधर भारत भी अपने माता पिता को जैसे तैसे कर के मना लेता है। तय दिन में दोनों परिवार वाले मिलते हैं बातों और मुलाकातों के शीलशिला मे आखिरकार जीत 'भारती और भारत' के प्रेम की होती है और शादी तय हो जाती है।


तय तारीख पर दोनों की शादी हो जाती है। दोनों परिवारों के बीच भी धीरे धीरे तालमेल बैठ जाता है और सभी लोग प्रेम से रहने लगते हैं। 

और इस प्रकार ठाकुर साहेब के सपने भी पूरे हो जाते है और भारती अपने मोहब्बत को पाने मे कामयाब भी हो जाती है सपने हकीकत मे बदल तो जाते है।

ये कहानी तो यहीं अपने एक सुखद अंत तक पहुंच गई। लेकिन काश!! ये कहानी वर्तमान मे हर भारती और भारत की होती तो समाज मे फैली इस जात-पात,धर्म,रीतिरिवाज जैसे दूषित बीमारी का निदान हो जाता।

रिश्ते चाहे जैसे भी बने अगर वे प्रेम और संस्कार के प्रांगण मे हो तो उसे कोई रीतिरिवाज और जात पात नहीं रोक सकती ।

Edited By - Mr. Angesh Upadhyay
Presented By - Knowledge Panel


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international woman's day celebration 2021


दोस्तो 8 March को पूरी दुनिया International women's day के रूप मे मनाती है आइये जानते है इसके पीछे की पूरी कहानी की क्यू मनाई जाती है ये Day और कितना सुरशित है दुनिया की महिलाए ।

International women's day  अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष,8 March को मनाया जाता है। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।

कैसे हुई शुरुआत International women's day की ? 
इसकी शुरुआत, America के New York City  में 23 February 1909 में एक समाजवादी राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था। सन 1910 में Socialist International के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका प्रमुख उदेश्य था महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलवाना  ,क्योंकि उस समय अधिकतर देशों में महिला को वोट देने का अधिकार नहीं था।





1917  में रूस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी ऐतिहासिक थी। तत्कालीन सरकार ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया। उस समय रूस में जुलियन कैलेंडर चलता था और बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। इन दोनों की तारीखों में कुछ अन्तर है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक 1917  की फरवरी का आखिरी इतवार 23  फ़रवरी को था जब की ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन 8 मार्च थी। इस समय पूरी दुनिया में (यहां तक रूस में भी) ग्रेगेरियन कैलैंडर चलता है। इसी लिये 8 March को International women's day  के रूप में मनाया जाने लगा। 1917 में सोवियत संघ ने इस दिन यानि 8 March को एक National Holiday घोषित किया, और यह आसपास के अन्य देशों में फैल गया। इसे अब कई पूर्वी देशों में भी मनाया जाता है।



कुछ क्षेत्रों में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा चयनित राजनीतिक और मानव अधिकार विषयवस्तु के साथ महिलाओं के राजनीतिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए International women's day  को बड़े जोर-शोर से मनाया जाता हैं। कुछ लोग बैंगनी रंग के रिबन पहनकर इस दिन का जश्न मनाते हैं।

इस Woman's Day आइये जानते है कितना सुरक्षित है धरती की महिलाये -
World बैंक के आंकड़े बताते है की  पूरी दुनिया मे तकरीबन 7,632,819,325 ( सात अरब से भी ज्यादा ) लोग रहते है जिसमे 49.55 % महिलाए है और धरती के 81 देश ऐसे है जहां महिला की जनसंख्या अधिक है और 36 देश को पुरुष प्रधान देश बताया गया है । प्रत्येक 107 पुरुष पर 100 महिला का अनुपात का अनुमान है ।

अब आइए जानते है धरती पे 10 ऐसे देश का नाम जहां महिला सुरक्षित है - 
The world's 10 safest countries For Woman , according to the World Economic Forum (WEF).

  1. Finland
  2. UAE 
  3. Iceland 
  4. Oman 
  5. Hong Kong 
  6. Singapore
  7. Norway 
  8. Switzerland 
  9. Rwanda
  10. Qatar 
अब जानिए कुछ ऐसे भी देश जहां महिला बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है -
  1. India
  2. Afghanistan
  3. Syria
  4. Somalia
  5. Saudi Arabia
  6. Pakistan
  7. Democratic Republic Of Congo
  8. Yemen
  9. Nigeria
  10. USA

इन आकड़ों से आप इतना समझ गए होंगे की धरती के इंसान की के उत्पत्ति करने वाली कितनी असुरक्षित है । आइये इस Woman's Day हम सब  ये शपथ ले की महिला की सुरक्षा ही हमारी सुरक्षा है । - 

इस Woman's Day कुछ पंक्तियाँ उन महिलाओ के नाम जो अशुरक्षित है और उन महिलाओ के नाम जो हर कुरुतियों का सामना कर के दुनिया मे अपनी अलग पहचान बनाई ।

ज़िन्दगी का सार है तू ज़िन्दगी का आधार है तू ,
हर पल हर पग मिलती बयार है तू,
संस्कार हो या सादगी ममता हो या मीत,
अपने दामन में सबको संजोयी है तू,
समाज की सच्ची शिल्पकार है तू,
दुर्गा है तू काली है तू 
खुदा की अनोखी बनावट है तू,
चाहे कैसा हो रूप हर रूप में खुद को संभाली है तू,
कभी माँ बनकर ममता के आंचल में रखा ,
कभी मीत बनकर जीवन को संवारा,
कभी साथ चल कर जीना सिखाया,
कुदरत की खूबसूरत बनावट है तू,
ज़िन्दगी देने वाली जीवनदायनी है तू,
नारी है तू महिला है तू बेटी है तू संगनी है तू
तभी तो कहते है
ज़िन्दगी का सार है तू ज़िन्दगी का आधार है तू ,
हर पल हर पग मिलती बयार है तू,

 By Angesh Upadhyay 


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childhood is the happiest moment of a person's life

childhood is the happiest moment of a person's life

दोस्तो आज कल की इन आधुनिक और  सवेदनशील दुनिया मे शायद ही कभी हुमे कुछ ऐसे पल को याद करने का मौका मिलता है जिस पल के साथ कभी हमारा अटूट रिश्ता हुआ करता था । आज Knowledge Panel  मे हम  ऐसे ही कुछ अनोखे और कभी न भूल पाने वाले पलों की चर्चा करेंगे।
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What is Act 370 and 35 A? read Details in hindi


धरती का स्वर्ग कहे जाने वाला भारत की खूबसरत राज्य जम्मू कश्मीर पुरे दुनिया में अपनी खूबसूरती के लिए  मशहूर है हर कोई रहना चाहता है इस शहर में लेकिन हर कोई नहीं रह सकता इस खूबसूरत शहर में तो आइये जानते है क्या आप रह सकते है अपने ही देश भारत के इस खूबसूरत शहर में ?


भारतीय संविधान में अपना विशेष स्थान रखने वाला यह राज्य का अपना कानून है आइये जानते है कुछ महत्वपूर्ण नियम,धाराएं ,एक्ट जो जम्मू कश्मीर में लागु है। इन्हीं नियमो और धारा में एक धारा है 370 और 35 A जो भारत पाकिस्तान के बंटवारे के बाद लागू की गई



क्या है धारा 370? जानिए इसकी विस्तृत जानकारी


  1. जम्मू कश्मीर को इस धारा के अंतर्गत कुछ विशेष दर्जा प्राप्त है जो भारत के बांकी राज्यो को नहीं है ।
  2. जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के पास दोहरी नागरिकता होती है।
  3. जम्मू-कश्मीर की कोई महिला यदि भारत के किसी अन्य राज्य के व्यक्ति से विवाह कर ले तो उस महिला की नागरिकता समाप्त हो जायेगी। इसके विपरीत यदि वह पकिस्तान के किसी व्यक्ति से विवाह कर ले तो उसे भी जम्मू-कश्मीर की नागरिकता मिल जायेगी।
  4. जम्मू-कश्मीर का राष्ट्रध्वज अलग होता है। भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का यहां कोई महत्व नहीं है ।
  5. जम्मू-कश्मीर के अन्दर भारत के राष्ट्रध्वज या राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान अपराध नहीं होता है।
  6. कश्मीर में महिलाओं पर शरियत कानून लागू है। इस कानून के अंतर्गत महिलाओ को कोई विशेष अधिकार नहीं प्राप्त है । इस कानून के अंतर्गत मुसलमानों के घरेलू, पारिवारिक, उसमें भी खासकर शादी, तलाक, बच्चों से संबंधित मामलों और पति-पत्नी, माता-पिता के बीच सभी मामलों का शरीयत कानून के हिसाब से ही समाधान निकाला जाता है। भारतीय कानून उसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकता। इस्लामिक समाज इसी शरीयत कानून या शरीया कानून के हिसाब से चलता है। 
  7. कश्मीर में पंचायत को अधिकार प्राप्त नहीं है।
  8. जम्मू - कश्मीर की विधानसभा का कार्यकाल 6 वर्षों का होता है जबकि भारत के अन्य राज्यों की विधानसभाओं का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है।
  9. भारत के उच्चतम न्यायालय के आदेश जम्मू-कश्मीर के अन्दर मान्य नहीं होते हैं।
  10. भारत की संसद को जम्मू-कश्मीर के सम्बन्ध में अत्यन्त सीमित क्षेत्र में कानून बना सकती है।
  11. धारा 370 की वजह से कश्मीर में आरटीआई (RTI) और सीएजी (CAG) जैसे कानून लागू नहीं होते है।
  12. कश्मीर में चपरासी को 2500 रूपये ही मिलते है।
  13. कश्मीर में अल्पसंख्यकों [हिन्दू-सिख] को 16% आरक्षण नहीं मिलता।
  14. धारा 370 की वजह से कश्मीर में बाहर के लोग जमीन नहीं खरीद सकते हैं।
  15. धारा 370 की वजह से ही कश्मीर में रहने वाले पाकिस्तानियों को भी भारतीय नागरिकता मिल जाती है।
  16. धारा 370 के प्रावधानों के अनुसार, संसद को जम्मू-कश्मीर के बारे में रक्षा, विदेश मामले और संचार के विषय में कानून बनाने का अधिकार है लेकिन किसी अन्य विषय से सम्बन्धित क़ानून को लागू करवाने के लिये केन्द्र को राज्य सरकार का अनुमोदन चाहिये।
  17. इसी विशेष दर्ज़े के कारण जम्मू-कश्मीर राज्य पर संविधान की धारा 356 लागू नहीं होती। इस कारण राष्ट्रपति के पास राज्य के संविधान को बर्ख़ास्त करने का अधिकार नहीं है।
  18. 1976 का शहरी भूमि क़ानून जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होता। इसके तहत भारतीय नागरिक को विशेष अधिकार प्राप्त राज्यों के अलावा भारत में कहीं भी भूमि ख़रीदने का अधिकार है। यानी भारत के दूसरे राज्यों के लोग जम्मू-कश्मीर में ज़मीन नहीं ख़रीद सकते। लेकिन अगर वहाँ के निवासी किसी अन्य राज्यो मे जमीन लेना चाहे तो वो धारा 370 के तहत निजी कार्य के लिए जमीन ले सकता है । 
  19. भारतीय संविधान की धारा 360 जिसके अन्तर्गत देश में वित्तीय आपातकाल लगाने का प्रावधान है, वह भी जम्मू-कश्मीर पर लागू नहीं होती।

कैसे शुरुआत हुई इस धारा की ?

आजादी से पहले पाकिस्तान और भारत दोनों एक थे लेकिन जब पाकिस्तान और हिंदुस्तान का बटवारा हुआ तो उस दौरान जम्मू कश्मीर की सत्ता राजा हरीसिंह के हाथ मे थी वो कश्मीर का पूर्ण रुपेण स्वतंत्रा चाहते थे लेकिन उसी दौरान पाकिस्तानी देश के समर्थक कालीबाइ ने जम्मू कश्मीर पर भरी आक्रमण कर दिया और राजा के सामने प्रस्ताव रखा की वो पाकिस्तान मे शामिल हो जाए । उस दौरान ही भारतीय संविधान सभा मे गोपालस्वामी अयांगर ने धारा 306 A को पेश किया जो बाद मे 370 मे तब्दील हो गई और 26 जनवरी 1957 को इस विशेष धारा को लागू कर दिया गया जिसके साथ ही जम्मू कश्मीर को भारत के अन्य राज्यो के अपेक्षा अलग अधिकार प्राप्त हुये । 


अब जानिए क्या है धारा 35 A?



  • यह धारा 370 का ही हिस्सा है जिसे अनुच्छेद 35A कहा गया है जिसे भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद 14 मई 1954 को लागू किया था। इस आदेश के राष्ट्रपति द्वारा पारित किए जाने के बाद भारत के संविधान में इसे जोड़ दिया गया।इस धारा के तहत जम्मू-कश्मीर के अलावा भारत के किसी भी राज्य का नागरिक जम्मू-कश्मीर में कोई संपत्ति नहीं खरीद सकता इसके साथ ही वहां का नागरिक भी नहीं बन सकता। 
  • इस संविधान के मुताबिक स्थायी नागरिक वो व्यक्ति है जो 14 मई 1954 को राज्य का नागरिक रहा हो या फिर उससे पहले के 10 वर्षों से राज्य में रह रहा हो. साथ ही उसने वहां संपत्ति हासिल की हो। 
  • अनुच्छेद 35A से जम्मू-कश्मीर सरकार और वहां की विधानसभा को स्थायी निवासी की परिभाषा तय करने का अधिकार मिलता है. इसका मतलब है कि राज्य सरकार को ये अधिकार है कि वो आजादी के वक्त दूसरी जगहों से आए शरणार्थियों और अन्य भारतीय नागरिकों को जम्मू-कश्मीर में किस तरह की सहूलियतें दे अथवा नहीं दे। 
  • अनुच्छेद 35A के मुताबिक अगर जम्मू-कश्मीर की कोई लड़की किसी बाहर के लड़के से शादी कर लेती है तो उसके सारे अधिकार खत्म हो जाते हैं. साथ ही उसके बच्चों के अधिकार भी खत्म हो जाते हैं। 


यानि अगर आप धरती के जन्नत मे रहना चाहते है तो आपको 10 वर्ष पहले जाकर फिर से जन्म लेना होगा जो संभव नहीं है । 


दोस्तो बीते कुछ दिनों से सभी राजनीतिक दलों ने इसे हटाने की बात कर रही है आइये जानते है क्यौ हटाया जा रहा है इस अनुच्छेद को । 



क्यों हटाया जा रहा है? 


इसे खत्म करने की बात इसलिए हो रही है क्योंकि इस अनुच्छेद को संसद के जरिए लागू नहीं किया गया है, दूसरा कारण ये है कि इस अनुच्छेद के ही कारण पाकिस्तान से आए शरणार्थी आज भी राज्य के मौलिक अधिकार और अपनी पहचान से वंचित हैं।

शायद इसीलिए कश्मीर मे पाकिस्तानियों ने अपना अधिकार आसानी से जमा लिया है ।  



Click and Read - End of Article 370 and 35A 




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Information Sources - Google,News and Books 



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