Pradhanmantri Mantri jan Arogya Yojna (PMJAY)


Hello  Friends , भारत में केंद्र सरकार ने  दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ योजना का आरंभ किया है जिसके तहत भारतीय नागरिक को 5 लाख तक का इलाज मुफ्त में दिया जायेगा।


आइये जानते है इसके बारे में पूरी जानकारी। 

क्या है यह योजना  ?

भारत सरकार ने 1 सितम्बर 2018 को पुरे भारत में स्वस्थ्य बीमा योजना लागु किया है जिसे दुनिया की सबसे बड़ी हेल्थ योजना बताया जा रहा है सरकार ने इस योजना का नाम आयुष्मान भारत रखा है।

इसके अंतर्गत कितनी बीमा राशि कवर होगा ?

इस योजना के अंतर्गत योजना एक लाभार्थी को 5 लाख तक है इलाज का खर्च सरकार मुफ्त में देगी।


किसे और कहाँ मिलेगा इस योजना का लाभ।  

सरकार ने इस योजना के लिए देश के सरकारी और निजी के कुल 8735 अस्पताल और 31 राज्य एवं सभी केंद्रशासित राज्य को चुना गया है। इस योजना के तहत देश के शहरी क्षेत्र 2.33 और ग्रामीण क्षेत्र के 8.03 करोड़ गरीब परिवार  को लाभ मिलेगा। इलाज के कुल 1,354 पैकेज हैं, जिसमें कैंसर सर्जरी और कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट बाइपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे जांच शामिल हैं।



किसे नही मिलेगा इस योजना का लाभ ।

जिन घरों में मोटर चालित दो, तीन या चार पहिए वाले वाहन, मछली पकड़ने की नौका, यांत्रिक तीन या चार पहिए वाले वाहन, कृषि के उपकरण, 50,000 से अधिक जमाराशि की सीमा के साथ किसान क्रेडिट कार्ड है और जिस परिवार में कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी हो तो वह एसईसीसी 2011 के अनुसार अपने आप ही इससे बाहर हो जाएगा। परिपत्र के मुताबिक, जिन घरों में किसी सदस्य की कमाई प्रति माह 10,000 रुपये से ज्यादा है, वह आयकर देता है, पक्की दीवारों तथा छत के साथ दो या तीन कमरे है, एक फ्रिज है, एक लैंडलाइन फोन है वह भी लाभार्थी सूची से बाहर हो जाएगा।



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How to Registered for PMJAY ( Pradhanmantri Jan Arogya Yojna)


Hello Friends भारत सरकार ने हाल ही में दुनिया की सबसे बड़ी योजना का शुभारंभ किया है जिसे हर भारतीय को मिलेगा 5 लाख तक का स्वास्थ्य बीमा।

PMJAY(Pradhanmantri Jan Arogya Yojna)

आइये जानते है कैसे जुड़े इस योजना से-

PMJAY यानि प्रधानमंत्री जान आरोग्य योजना द्वारा भारत के तकरीबन 10 करोड़ गरीब परिवार को लाभ होगा। इस तरह देश की करीब 40 प्रतिशत आबादी को इसके तहत मेडिकल कवर मिल जाएगा। लाभार्थी परिवार पैनल में शामिल सरकारी या निजी अस्पताल में प्रति साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज करा सकेंगे। इसके तहत इलाज पूरी तरह कैशलेस होगा।

कौन देगा इतनी राशि ?

इस योजना पर होने वाले खर्च को केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर उठाएंगी। PMJAY पर आने वाले खर्च का 60 प्रतिशत केंद्र सरकार वहन करेगी और 40 प्रतिशत भार राज्य सरकारों पर पड़ेगा।

कैसे जुड़े देश की जनता ?

इस योजना का लाभ पाने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन की जरुरत नहीं है। बीमा कवर के लिए उम्र की भी बाध्यता नहीं रहेगी, न ही परिवार के आकार को लेकर कोई बंदिश है। इसका मकसद सभी गरीबों को हेल्थ प्रोग्राम से जोड़ना है। इलाज के कुल 1,354 पैकेज हैं, जिसमें कैंसर सर्जरी और कीमोथेरपी, रेडिएशन थेरपी, हार्ट बाइपास सर्जरी, न्यूरो सर्जरी, रीढ़ की सर्जरी, दांतों की सर्जरी, आंखों की सर्जरी और एमआरआई और सीटी स्कैन जैसे जांच शामिल हैं।


कैसे चेक करें अपना नाम?

योजना को संचालित करने वाली नैशनल हेल्थ एजेंसी (NHA) ने एक वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर लॉन्च किया है, जिसके जरिए कोई भी यह जांच सकता है कि लाभार्थियों की फाइनल लिस्ट में उसका नाम शामिल है या नहीं। लिस्ट में अपना नाम जांचने के लिए आप mera.pmjay.gov.in वेबसाइट देख सकते हैं या हेल्पलाइन नंबर 14555 पर कॉल कर सकते हैं।

कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ ?

आइये इस तस्वीर के जरिये जानते है कैसे आप इस योजना का लाभ उठा सकते है। 


More Details About PMJAY in Hndi Click Here - PMJAY kya hai ? 

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How to Earn Money in India

अपनी हॉबी को बनाएं कमाई का जरिया, नहीं पड़ेगी नौकरी की जरूरत


हर किसी में कोई न कोई टैलेंट होता ही है। लेकिन कई बार इसके लिए सही प्लेटफॉर्म और कीमत नहीं मिल पाती है। ऐसे में अगर आपमें भी कोई टैलेट है तो यह जानकारी आपके काम की आ सकती हैं। क्योंकि इंटरनेट की दुनिया में आपके इस टैलेंट के कद्रदानों की कमी नहीं है। अगर आपके पास इस तरह का कोई खास टैलेंट है तो ऑनलाइन मार्केट ( Online Market ) में कई प्लेटफॉर्म आपका इंतजार कर रहे हैं। जिससे आप घर बैठे लाखों रुपए कमा सकते हैं। खास बात यह है कि इसके लिए आपको कोई खर्च या इन्वेस्टमेंट की जरूरत नहीं है। आज हम कुछ ऐसे ही Websites  के बारे में बताते हैं जिसके जरिए आप अपने टैलेंट को दुनिया तक पहुंचा सकते हैं।

फोटोमूला ( PhotoMoolah )

अगर आपको फोटोग्राफी करना पसंद है यह आप इस वेबसाइट के साथ जुड़कर पैसे कमा सकते हैं। यह एक ऐसा प्लेटफार्म है, जो फोटो खींचने वालों को फोटो के खरीददारों से मिलाता है। यहां पर मिलने वाली जहर तस्वीर का कमर्शियल इस्तेमाल होता है। इसके लिए खरीददार द्वारा फोटोग्राफर को भुगतान तो किया ही जाता है साथ ही फोटोमूला को भी कमीशन मिलता है। इससे जुड़ने के लिए photomoolah.com पर जाकर आपको अपना अकाउंट बनाकर अपनी तस्वीरें अपलोड करनी होंगी।

यूडेमाई  (Udemy)
अगर आप कुकिंग, पोट्री, क्रॉफ्ट, स्केचिंग या फिर म्यूजिक, वेब प्रोग्रामिंग डिजाइनिंग जैसे प्रोफेशन के अच्छे जानकार हैं तो यूडेमाई से जुड़ सकते हैं। यूडेमाई एक ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म है। इस पर आप अपना वर्चुअल क्लामरूम शुरू कर सकते हैं। इस सर्विस की पहुंच करीब 14 लाख स्टूडेंटस तक है। हर माह करीब 5 लाख स्टूडेंट इस साइट पर विजिट करते हैं। इस पर 42 हजार से ज्यादा कोर्स उपलब्ध हैं। इससे जुड़ने के लिए आपको अपना अकांउट बनाकर अपने कोर्स को सेलेक्ट करना होगा। इसमें कम से कम 30 मिनट की क्लास को अपलोड करना होगा। कोशिश ये होनी चाहिए कि इस क्लास में 60 फीसदी वीडियो अपलोड हों।

ऐसे होती है कमाई   


यहां आप अपना कोर्स अपलोड करते हैं तो इससे जुड़े स्टूडेंट इसे खरीदते हैं। इसके लिए वह साइट को भुगतान भी करते हैं। इसके बाद साइट फिर आपके अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर देती है। कंपनी से स्टूडेंट जिस रेट पर कोर्स खरीदते हैं उसका सौ फीसदी पेमेंट ऑनर को लौटा देती है। teach.udemy.com पर इसकी डिटेल उपलब्ध हैं।

टूर्स बाय लोकल  (Tour by Local)

www.toursbylocals.com यह वेबसाइट पर्यटकों के लिए स्थालनीय गाइड उपलब्ध कराती है। अगर आपको लगता है कि आप अपने शहर की ऐतिहासिक स्थलों के बारे में सबकुछ जानते हैं तो इस वेबसाइट पर खुद को रजिस्टर्ड करें। इसके लिए आपको लोकल लैंग्वेज के अलावा इंग्लिश जानना भी जरूरी है। इससे 155 देशों के करीब 2000 गाइड जुड़े हुए हैं। पर्यटक आपको काम के बाद खुद पेमेंट करेंगे।

अपने अंदर के योग्यता को पहचानें और आगे बढ़ने के लिये इस्त्माल करें

Sources- Danik Bhaskar News Portal

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How to create user account in pc or laptop


दोस्तो अगर अपने कम्प्युटर को सुरक्षित रखने की सोच रहे है तो आपको अपने लैपटाप पर User Account बनाने की समस्या आती  होगी 
आज आप जानेंगे की कैसे आप अपने लैपटाप पर आसानी से User Account बना सकते है ।

अपने कम्प्युटर या लैपटाप मे हर कोई अपना Administrator User Account बनाता है । इसलिए आज आप जानेंगे की आप आसानी से  कैसे Administrator User Account Create करेंगे ।
यहाँ आप जानेंगे की कैसे आसान तरीको से आप User Account बना सकते है ।

1)  अपने कम्प्युटर या लैपटाप मे keyboard से Windows के साथ R बटन दबाये और Type करे netplwiz

       

2)      नई user को add करने के लिए Add option मे click करे ।





3)      दिये गए कॉलम को भरे और next ऑप्शन पे क्लिक करे ।


4)      पासवर्ड डाले और next  पे क्लिक करे ।


5)      इस बॉक्स मे आपको ये चुनना है किया की आपके user किस Group के होंगे । Administrator,Standard User या फिर Other इनमे से कोई भी इक ऑप्शन को Select करे फिर finish पे क्लिक करे ।


6)      इसके साथ ही आपके Computer या लैपटाप मे User Account ban जाएगा ।


User Account बनाने का दूसरा तरीका कुछ इस प्रकार है । 


अब आप जानेगे की कैसे command के द्वारा User Account बनाए जाते है ।

    1)  सबसे पहले आप अपने कीबोर्ड से windows के साथ R बटन दबाये और टाइप करे cmd
    2)  आपके सामने इक Black कलर की विंडो खुलेगी उसमे टाइप करे ।
Net user <space>/add <space>user name <space>password then press Enter
 3)  इस प्रकार आपके computer या लैपटाप मे Standard User Account बन जाएगी।
4)  Standard User Account को Administrator मे बदलने के लिए cmd विंडो मे टाइप करे

Net localgroup administrators<space>username<space>/add



 
 

इस प्रकार आप आसानी से अपने कम्प्युटर मे  Administrator user Account बना सकते है । 

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What is E way Bill System?

What is E way Bill System?

दोस्तो GST के बाद सरकार ने देश मे नया बिल लागू किया है जिसे E- Way Bill का नाम दिया गया है आइये आज हम चर्चा करेंगे की क्या है ये E-Way Bill

दोस्तो Knowledge Panel समय समय पर आपको कुछ अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी देता रहता है इसलिए आप सभी से अनुरोध है की हमारे हर लेख पर अपना सुझाव जरूर दे ताकि हम आपके लिए बेहतर जानकारी ला सकें । 

दोस्तो E-Way Bill System पूरे भारत के कुछ राज्यो मे 1 अप्रेल से लागू हो गया है तो आइये जानते है इसकी पूरी बारीकी को-



E-Way Bill System क्या है?

अगर कोई व्यापारी या अन्य व्यक्ति 50000 ( पचास हजार ) से अधिक के कीमत के समान का सप्लाई दूसरे या अपने ही राज्यो मे करता है तो उसे E–way Bill बनाना होगा ।

दोस्तो समझने वाली वाली बात ये है की आपका समान चाहे वो जीएसटी के दायरे मे आए या ना आए अगर कीमत 50000 से ज्यादा है तो E – Way Bill की जरूरत जरूर पड़ेगी ।




कब से और कहाँ कहाँ लागू होगी E-Way Bill ?

शुरुआत मे ये भारत के 5 राज्यो मे लागू की गई है जिसमे आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्त5र प्रदेश मे इंट्रा-स्टेट (Intra State) ई-वे बिल सिस्टतम लागू हो गया है। अब इन राज्यों में 50 हजार रुपए से अधिक कीमत के Goods (समान) की सप्लाई राज्य के अंदर भी करने पर ई-वे बिल बनाना होगा अभी तक इंट्रा-स्टे ट ई-वे बिल सिस्टम केवल कर्नाटक में लागू था।


क्या है इंटर स्टेट (Inter State) और इंट्रा स्टेट (Intra State) ई-वे बिल ?

राज्य के अंदर ही स्टॉक ट्रांसपोर्ट करने के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल बनेगा, जबकि एक राज्य से दूसरे राज्य में स्टॉक भेजने या मंगाने के लिए इंटर स्टेट ई-वे बिल बनेगा।

सरकार ने बिल जेनरेशन आसान हो उसके लिए इंटर स्टेट और इंट्रा स्टेट बिल बनाने के फार्मेट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया है। कारोबारी को केवल इंट्रा स्टेट बिल बनाते समय केवल दूरी को बदलना होगा। इसके पहले इंटर स्टेट ई-वे बिल एक अप्रैल 2018 से सरकार लागू कर चुकी है।

इंट्रा स्टेट( Intra State) ई-वे बिल किसे है बनाना?

इंट्रा स्टेट ई-वे बिल 50 हजार रुपए से ज्यासदा का सामान ले जाने वाले अनरजिस्टर्ड कारोबारी, रजिस्टर्ड कारोबारी, डीलर्स और ट्रांसपोर्टर्स को जेनरेट करना होगा।

कहाँ करे E –way Bill का registration ?

आंध्र प्रदेश, गुजरात, केरल, तेलंगाना और उत्त?र प्रदेश राज्योंा के कारोबारी, डीलर, इंडस्ट्री  और ट्रान्स्पोर्टर्स के लिए इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के तहत रजिस्ट्रे शन की प्रोसेस शुरू हो चुका है। वे ई-वे बिल पोर्टल https://www.ewaybillgst.gov.in पर जाकर रजिस्ट्रे शन या इनरॉलमेंट करा सकते हैं।

ई-वे बिल की वेबसाइट https://www.ewaybillgst.gov.in पर ही इंट्रा स्टेट ई-वे बिल जेनरेट होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल के लिए वही फॉर्म भरना होगा जो इंटर स्टेट ई-वे बिल के लिए भरते हैं। बस डेस्टिनेशन की दूरी और पहुंचाने का टाइम पीरियड कम हो जाएगा। ई-वे बिल जेनरेट करने का तरीका इंटर स्टेट ई-वे बिल की ही तरह होगा। इंटर स्टेट ई-वे बिल की तरह इंट्रा स्टेट ई-वे बिल में इन्वॉइस जेनरेट करने के बाद ट्रांसपोर्ट बिल और फिर ई-वे बिल बनाना होगा।


Unregistered Business Man को भी करना होगा Registration,कैसे? 

जिन कारोबारियों का टर्नओवर 20 लाख रुपए से कम है और जिन्होंने जीएसटी में रजिस्ट्रेशन नहीं कराया है। अगर वह 50 हजार रुपए से अधिक के गुड्स को राज्य के अंदर सप्लाई करते हैं तो उन्हें भी ई-वे बिल बनाना होगा। इंट्रा स्टेट ई-वे बिल में अनरजिस्टर्ड डीलर को एनरॉलमेंट फॉर्म भरना होगा जिसके बाद उनका रजिस्ट्रेशन होगा। ये फॉर्म ई-वे बिल की वेबसाइट पर है और उन्हें रजिस्ट्रेशन के दौरान ये फॉर्म भरना होगा।


कितनी अवधि के लिए वैलिड होता है यह E – Way Bill ?

यह बिल बनने के बाद कितने दिनों के लिए वैलिड होता है, यह भी निर्धारित है। अगर किसी गुड्स (वस्तु) का मूवमेंट 100 किलोमीटर तक होता है तो यह बिल सिर्फ एक दिन के लिए वैलिड (वैध) होता है।
अगर इसका मूवमेंट 100 से 300 किलोमीटर के बीच होता है तो बिल 3 दिन, 300 से 500 किलोमीटर के लिए 5 दिन, 500 से 1000 किलोमीटर के लिए 10 दिन और 1000 से ज्यादा किलोमीटर के मूवमेंट पर 15 दिन के लिए मान्य होगा।

E-Way-Bill को दरअसल, जीसटी पोर्टल पर पर GST INS-1 Form के रूप में जारी किया जाता है। इसके बाद इसकी जानकारी माल के Supplier, उसके Transporter और Receiver को हो जाएगी



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Taj mahal

Outstanding Universal Value
Hello Friends You know about the taj mahal worlds's most famous heritage building in India. 


Brief synthesis
The Taj Mahal is located on the right bank of the Yamuna River in a vast Mughal garden that encompasses nearly 17 hectares, in the Agra District in Uttar Pradesh. It was built by Mughal Emperor Shah Jahan in memory of his wife Mumtaz Mahal with construction starting in 1632 AD and completed in 1648 AD, with the mosque, the guest house and the main gateway on the south, the outer courtyard and its cloisters were added subsequently and completed in 1653 AD. The existence of several historical and Quaranic inscriptions in Arabic script have facilitated setting the chronology of Taj Mahal. For its construction, masons, stone-cutters, inlayers, carvers, painters, calligraphers, dome builders and other artisans were requisitioned from the whole of the empire and also from the Central Asia and Iran. Ustad-Ahmad Lahori was the main architect of the Taj Mahal.

The Taj Mahal is considered to be the greatest architectural achievement in the whole range of Indo-Islamic architecture. Its recognised architectonic beauty has a rhythmic combination of solids and voids, concave and convex and light shadow; such as arches and domes further increases the aesthetic aspect. The colour combination of lush green scape reddish pathway and blue sky over it show cases the monument in ever changing tints and moods. The relief work in marble and inlay with precious and semi precious stones make it a monument apart.




The uniqueness of Taj Mahal lies in some truly remarkable innovations carried out by the horticulture planners and architects of Shah Jahan. One such genius planning is the placing of tomb at one end of the quadripartite garden rather than in the exact centre, which added rich depth and perspective to the distant view of the monument. It is also, one of the best examples of raised tomb variety. The tomb is further raised on a square platform with the four sides of the octagonal base of the minarets extended beyond the square at the corners. The top of the platform is reached through a lateral flight of steps provided in the center of the southern side. The ground plan of the Taj Mahal is in perfect balance of composition, the octagonal tomb chamber in the centre, encompassed by the portal halls and the four corner rooms. The plan is repeated on the upper floor. The exterior of the tomb is square in plan, with chamfered corners. The large double storied domed chamber, which houses the cenotaphs of Mumtaz Mahal and Shah Jahan, is a perfect octagon in plan. The exquisite octagonal marble lattice screen encircling both cenotaphs is a piece of superb workmanship. It is highly polished and richly decorated with inlay work. The borders of the frames are inlaid with precious stones representing flowers executed with wonderful perfection. The hues and the shades of the stones used to make the leaves and the flowers appear almost real. The cenotaph of Mumtaz Mahal is in perfect centre of the tomb chamber, placed on a rectangular platform decorated with inlaid flower plant motifs. The cenotaph of Shah Jahan is greater than Mumtaz Mahal and installed more than thirty years later by the side of the latter on its west. The upper cenotaphs are only illusory and the real graves are in the lower tomb chamber (crypt), a practice adopted in the imperial Mughal tombs.

The four free-standing minarets at the corners of the platform added a hitherto unknown dimension to the Mughal architecture. The four minarets provide not only a kind of spatial reference to the monument but also give a three dimensional effect to the edifice.


The most impressive in the Taj Mahal complex next to the tomb, is the main gate which stands majestically in the centre of the southern wall of the forecourt. The gate is flanked on the north front by double arcade galleries. The garden in front of the galleries is subdivided into four quarters by two main walk-ways and each quarters in turn subdivided by the narrower cross-axial walkways, on the Timurid-Persian scheme of the walled in garden. The enclosure walls on the east and west have a pavilion at the centre.

The Taj Mahal is a perfect symmetrical planned building, with an emphasis of bilateral symmetry along a central axis on which the main features are placed. The building material used is brick-in-lime mortar veneered with red sandstone and marble and inlay work of precious/semi precious stones. The mosque and the guest house in the Taj Mahal complex are built of red sandstone in contrast to the marble tomb in the centre. Both the buildings have a large platform over the terrace at their front. Both the mosque and the guest house are the identical structures. They have an oblong massive prayer hall consist of three vaulted bays arranged in a row with central dominant portal. The frame of the portal arches and the spandrels are veneered in white marble. The spandrels are filled with flowery arabesques of stone intarsia and the arches bordered with rope molding.

Criterion (i): Taj Mahal represents the finest architectural and artistic achievement through perfect harmony and excellent craftsmanship in a whole range of Indo-Islamic sepulchral architecture. It is a masterpiece of architectural style in conception, treatment and execution and has unique aesthetic qualities in balance, symmetry and harmonious blending of various elements.

Integrity


Integrity is maintained in the intactness of tomb, mosque, guest house, main gate and the whole Taj Mahal complex. The physical fabric is in good condition and structural stability, nature of foundation, verticality of the minarets and other constructional aspects of Taj Mahal have been studied and continue to be monitored. To control the impact of deterioration due for atmospheric pollutants, an air control monitoring station is installed to constantly monitor air quality and control decay factors as they arise. To ensure the protection of the setting, the adequate management and enforcement of regulations in the extended buffer zone is needed. In addition, future development for tourist facilities will need to ensure that the functional and visual integrity of the property is maintained, particularly in the relationship with the Agra Fort.

Authenticity
The tomb, mosque, guest house, main gate and the overall Taj Mahal complex have maintained the conditions of authenticity at the time of inscription. Although an important amount of repairs and conservation works have been carried out right from the British period in India these have not compromised to the original qualities of the buildings. Future conservation work will need to follow guidelines that ensure that qualities such as form and design continue to be preserved.

Protection and management requirements
The management of Taj Mahal complex is carried out by the Archaeological Survey of India and the legal protection of the monument and the control over the regulated area around the monument is through the various legislative and regulatory frameworks that have been established, including the Ancient Monument and Archaeological Sites and Remains Act 1958 and Rules 1959 Ancient Monuments and Archaeological Sites and Remains (Amendment and Validation); which is adequate to the overall administration of the property and buffer areas. Additional supplementary laws ensure the protection of the property in terms of development in the surroundings.

An area of 10,400 sq km around the Taj Mahal is defined to protect the monument from pollution. The Supreme Court of India in December, 1996, delivered a ruling banning use of coal/coke in industries located in the Taj Trapezium Zone (TTZ) and switching over to natural gas or relocating them outside the TTZ. The TTZ comprises of 40 protected monuments including three World Heritage Sites - Taj Mahal, Agra Fort and Fatehpur Sikri.

The fund provided by the federal government is adequate for the buffer areas. The fund provided by the federal government is adequate for the overall conservation, preservation and maintenance of the complex to supervise activities at the site under the guidance of the Superintending Archaeologist of the Agra Circle. The implementation of an Integrated Management plan is necessary to ensure that the property maintains the existing conditions, particularly in the light of significant pressures derived from visitation that will need to be adequately managed. The Management plan should also prescribe adequate guidelines for proposed infrastructure development and establish a comprehensive Public Use plan.


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What is the Process of GSTR 1 Filing?


दोस्तो पिछले आर्टिक्ल मे हमने जाना की कैसे जीएसटीआर 1 फ़ाइल करते है इस विषय को आगे चर्चा करते हुए हम बताएँगे की जीएसटीआर 1 भरते समय हमे कौन कौन सी जानकारी होना आवश्यक है और GST Portal के द्वारा GST फ़ाइल करने की पूरी प्रक्रिया ।



GSTR 1 क्या है कौन कौन से व्यापारी को जीएसटीआर 1 की जरूरत है जानने के लिए क्लिक करे-

इसके लिए हमारे पास निम्न जानकारी होनी जरूरी है –

दोस्तो GSTR-1 Return File करते समय 13 अलग-अलग प्रकार के Sections और Points है, जिसकी जानकारी (Details) आपको देनी होगी, वो Points कुछ इस प्रकार नीचे दिए गई है:-

1. Provide GSTIN – सबसे पहले अपना GSTIN प्रदान करे, अगर GSTIN ना हो तो उसकी जगह Provisional id का इस्तेमाल कर सकते है।

2. Legal name of the Registered Person – इस Section में करदाता का legal नाम लिखा जाएगा, सामान्यतया GST Portal में प्रवेश के समय करदाता का नाम ऑटो-पॉप्युलेट लिखा होता है।

3. Aggregate Turnover in the preceding Financial Year and for April to June  इस Point में आपको पिछले वित्तीय वर्ष में किए गए कुल कारोबार यानी Turnover की जानकारी देनी है, यह जानकारी आपको पहले वर्ष ही देनी है, जब आप पहली बार GST Return भर रहे हो।

4. Taxable outward supplies made to registered persons (including UIN-holders) – इस अनुभाग में उन सभी आपूर्ति का उल्लेख करना होगा, जो B2B यानी (Business to Business) में आती है।

5. Taxable outward Inter-State Supplies to UN-registered Persons where the Invoice value is more than Rs. 2.5 lakh इसमे अपंजीकृत व्यापारियों को की गई सभी आपूर्तियों के विवरण की जानकरी Invoice के हिसाब से बतानी है, और राज्य के बाहर गैर-पंजीकृत व्यापरियों को की गई 2.5 लाख रुपय की राशि से अधिक की बिक्री की जानकारी देनी होगी।

6. Zero-Rated Supply and Export explained – इस Section मे सभी प्रकार के Zero Rates आपूर्तियो, निर्यातो और निर्यात स्पष्टीकरण की पूरी जानकारी देनी है, इसके साथ ही एक पंजीकृत व्यापारी को दिए गए चालान, निर्यात बिल या बिल के विवरण की भी जानकरी देनी होगी।

7. All sales details made during the month will be given – इस Section में सभी प्रकार की Sales की Details देनी होगी, जो महीने के दौरान की गई है।

8. Nil-rated, Exempt and Non-GST outward Supplies – अन्य सभी प्रकार की आपूर्तिएं, जो चाहे 0 Rates की हो, छूट हो या गैर GST हो उन सभी को इस Section के अंतर्गत लिखना होगा, इसमे वे भी शामिल है जो ऊपर की जरूरतों में तहत रिपोर्ट नहीं की गई है।


9. Amendments to taxable outward supply details furnished in returns for earlier tax periods in table 4, 5 and 6 (including current and amended debit notes, credit notes, and refund vouchers) – पंजीकृत विभागों से संबंधित पिछले महीने के बिक्री आंकड़ों में किया गया कोई भी सुधार इस Section मे लिखा जाएगा, सभी डेबिट नोट्स, क्रेडिट नोट्स और रिफंड वाउचर को भी यहां दर्ज किया जाएगा।

10. Amendments to taxable outward supplies to unregistered persons furnished on returns for earlier tax periods – Point 9 में पिछले रिटर्न में प्रस्तुत पंजीकृत डीलर को आपूर्ति के विवरण की बात कही गई है, जबकि इस Point मे पहले के रिटर्न में उपलब्ध कराए गए गैर-पंजीकृत डीलरों के विवरण में सुधार के बारे में जानकारी देनी है।

11. Consolidated Statement of Advances Received or adjusted in the current tax period, plus amendments from earlier tax periods – मौजूदा अवधि के दौरान उठाए गए Invoice के मुकाबले पिछली अवधि के दौरान प्राप्त की गई सभी अग्रिमों और समझोतों का उल्लेख इस Section में करना होगा।

12. HSN-wise summary of Outward Supplies – इस Section के लिए एक पंजीकृत डीलर होना आवश्यकता होती है, इसमे बेची गई वस्तुओं की जानकारी HSN कोड के अनुसार दी जाती है।

13. Documents issued during the Tax Period – इस Point में आपको टैक्स की अवधि में सभी Issue किए गए चालानों को Add करना है, जैसे कोई भी संशोधित चालान, डेबिट नोट्स, क्रेडिट नोट आदि का विवरण शामिल करना होगा और उसके बाद आप जो टैक्स Pay कर रहे है, उसकी जानकारी देनी है।

GST Portal के द्वारा GSTR-1 Return File कैसे करे । 

दोस्तो अब आपने जान लिया है, की GSTR-1 में कौनसी Details भरनी है, तो आप नीचे दी गई Process को Follow करके अपना GSTR-1 Return भर सकते है:-

1. सबसे पहले GSTN Portal में अपना Username और Password डालकर login कर ले।

2. अब Homepage में सबसे ऊपर मौजूद Services के Option पर Click करे, उसके बाद Return का Option दिखेगा, उस पर Click करे।

3. अब आपके Returns का Dashboard होगा, उसमे आपको उस वित्तीय वर्ष (Financial year) और महीने (month) को Select करना है, जिसका आप Return भर रहे है, उसके बाद click कर दे।

4. जिसके बाद आपके सामने बहुत सारे Title होंगे, उसमे से आपको GSTR-1 को चुनना है| जिसके बाद आपको एक Return Form दिखेगा, उसमे आपको मांगी गई सारी 13 Details भरनी है जो ऊपर बताई गई है।

5. अब सारी मांगी गई Details को भर कर Invoice और सारी रसीदों को Add कर दे या उन्हें Direct upload कर दे।

6. अब Submit करने से पहले सारी जानकारीय पूरी तरह पढ़ ले और Submit करने के बाद Form को एक बार फिर से पढ़ ले, अब FILE GSTR-1 पर Click कर दे।

7. उसके बाद आपको अपने E-Sign or Digital Sign डालने पड़ेंगे, वो डालने के बाद फिर से अपने Return को पूरा देख ले| उसके बाद last में आपको Confirm का POP-UP बटन दिखेगा, उस पर Yes के Option को Select करते ही आपका GSTR-1 File हो जाएगा।

8. आपका GSTR-1 File करने का प्रमाण आपको अंत में मिलेगा, वह एक Acknowledgement Reference Number (ARN) होगा। 


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