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Goverment Launch One nation One ration Card

One Nation One Ration Card 

Hello Friends अगर आप एक राशन कार्ड धारी है और अपने किस जिले या कस्बे मे किसी जन वितरण प्रणाली (PDS) की दुकान से राशन लेते है तो आपके लिए एक खुशखबरी है क्यूंकि भारत सरकार ने देश के सभी राज्यों मे One Nation One Ration Card स्कीम का शुभारंभ करने जा रही है जिसके तहत देश का कोई भी नागरिक देश के किसी भी जन वितरण दुकान से राशन ले पाएगा । आइये जानते है इस सरकारी योजना के बारे मे पूरी जानकारी ।

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cheque bounce reasons.Cheque bounce hone par kya kare in hindi

How to protect myself from cheque bounce

Hello Friends वर्तमान मे Digital Payment का चलन बहुत बढ़ गया है हर कोई पैसे के लेन देन के लिए Digital Platform जैसे UPI,Mobile Banking,Internet Banking etc का इस्त्माल करते है और कई लोग Payment Transfer के लिए Cheque कर प्रयोग भी करते है लेकिन कभी कभी Digital Technology दगा दे जाती है और आपका Cheque Bounce कर जाता है ।

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What Article 30 and 30(1A) in hindi

What Article 30 and 30(1A) in hindi

भारतीय संविधान दुनिया के ऐसे संविधानों मे एक है जो एक लिखित संविधान है यानि इसके सभी अनुछ्छेद(Article) और Acts को लिख कर एक Documents तैयार की गई है , जो दुनिया के कुछ ही देश ऐसे है जिसका संविधान लिखित रूप मे उपलब्ध है और इन्हे बिना किसी कानूनी प्रक्रिया से बदला नहीं जा सकता । भारत इनमे से ही एक है जिसका संविधान देश को एक मजबूत आधार प्रदान करता है । और देश वासियों को कानूनी तरीके से जीवन यापन करने का मार्गदर्शन करता है ।

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Whts is NRC,CAB and CAA in Hindi

Hello Friends भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतान्त्रिक देश है जिसकी सभ्यता इसकी संस्कृति संविधान व कानून की सरलता ही इसे दुनिया मे अपनी एक अलग पहचान बनाए रखती है । भारत सरकार देश की इस गरिमा को बरकरार रखने की भरकस प्रयास करती रहती है और बहुत हद तक देश की गरिमा एक नई उचाइयों मे पहुँच चुकी है ।
what is nrc
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How to apply voter ld card

How to apply voter ld card वोटर कार्ड कैसे प्राप्त करे

Hello Friends भारत मे विधानसभा Election (चुनाव) का माहौल है ऐसे मे Indians Voters वोट देने के लिए तैयार है जो लोग  पहली बार Vote दे रहे हो वो Vote देने के लिए ज्यादा उत्सुक है India मे Vote देने के लिए आपकी उम्र 18 साल  होना जरूरी है और आपका नाम Indian Voter List मे होना चाहिए । अगर आप भी पहली बार Vote दे रहे है और आपका नाम Voter List  मे नहीं है तो आइए जानते है
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Article 371 in Hindi What is Article 371 ?

Article 371 in Hindi
Hello friends आप तो जानते ही है की भारत सरकार ने जम्मू कश्मीर से धारा 370 और अनुच्छेद 35A को निरस्त कर दिया है ,ऐसे मे अब अगर आप जम्मू कश्मीर मे खुद की जमीन खरीदना चाह रहे है तो अब ये मुमकिन है की आप अपना आशियाना वहाँ बना सकते है जबकि धारा 370 के लागू होने के बाद भारत का कोई भी नागरिक जम्मू कश्मीर मे जमीन नहीं ले सकता था ।

लेकिन भारत मे अब भी कैसे ऐसे राज्य है जहां धारा 370 लागू नहीं है लेकिन फिर भी देश का कोई भी नागरिक इन राज्यों मे खुद की जमीन नहीं खरीद सकता है और ऐसा इसलिए है क्यूंकि इन राज्यों को विशेष राज्य का दर्जा हासिल है और यहाँ धारा 371 लागू है ।

तो आइए जानते है ऐसे कौन कौन से राज्य है? और क्या होता है विशेष राज्य का दर्जा? और जानिए क्या है धारा 371(अनुच्छेद 371) ?

Knowledge panel पे विस्तृत रूप से ये सारी जानकारी आपको दी जाएंगी अगर आपके पास इससे जुड़े कोई सवाल या सुझाव है तो comment बॉक्स मे हमे बताएं ।

धारा 371 क्या है ?
What is Article 371 ?

भारत मे कई ऐसे राज्य है जिन्हे कई विशेष अधिकार प्राप्त है जिसके तहत केंद्र सरकार उन राज्यों के विकास,सुरक्षा एवं सेवाओ आदि के लिए विशेष पैकेज एवं अनुदान देती रहती है दूसरी शब्दो मे यूं कहे की ये राज्य,केंद्र सरकार के विशेष संरक्षण मे रहती है और केंद्र सरकार ये सभी दायित्वों को भारत की सविधान के 21वें भाग मे अस्थाई रूप से लिखित अनुच्छेद 371 के तहत करती है । 


किन राज्यों मे लागू है अनुच्छेद 371 ?

भारत के 11 राज्यों मे ये धारा लागू की गई है जिसे 11 अलग अलग भागों मे बांटा गया है जिसमे अनुच्छेद 371 ,371A, 371B, 371C, 371D, 371E, 371F, 371G, 371H, 371I, 371J शामिल है । और इन राज्यों जैसे महाराष्ट्र और गुजरात नागालैंड असम आंध्र प्रदेश और तेलंगाना सिक्किम मिजोरम अरुणाचल प्रदेश गोवा कर्नाटक मे ये लागू की गई है । 


जानिए इन सभी भागों की विस्तृत जानकारी 

अनुच्छेद 371 

संविधान का अनुच्छेद 371 महाराष्ट्र और गुजरात (Maharashtrya and Gujrat) राज्य के लिए है। इसके मुताबिक इन राज्यों के राज्यपाल की यह जिम्मेदारी है कि महाराष्ट्र में विदर्भ, मराठवाडा और शेष महाराष्ट्र के लिए और गुजरात में सौराष्ट्र और कच्छ के इलाके के लिए अलग Development Board (विकास बोर्ड) बनाए जाएंगे,इन बोर्डों का काम इन इलाकों के Developments के लिए एक समान राजस्व का वितरण होगा।  साथ ही राज्य सरकार के अंतर्गत technical education (तकनीकी शिक्षा), रोजगारपरक शिक्षा और रोजगार के मौके प्रदान करने की जिम्मेदारी भी इन बोर्ड के ऊपर ही होगी। 


Click Here - जानिए क्या है अनुच्छेद 370 और 35 A 

अनुच्छेद 371A

ये अनुच्छेद भारत के नागालैंड (Nagaland) राज्य मे लागू है जिसके अनुसार नागालैंड के जमीन पर नागा वासियों का मालिकाना हक हैऔर इससे जुड़े कानून पर केंद्र सरकार का कोई हक नहीं है इसके अलावा नागालैंड के पारंपरिक नियमों ,सामाजिक और धार्मिक रीतिरिवाज,फ़ौजदारी और दीवानी न्याय व्यवस्था पर केंद्र सरकारी कोई कानून नहीं ला सकती जब तक नागालैंड के विधानसभा सदन इस पर फैसला ना सुना दे । इसी अनुच्छेद के तहत नागालैंड के तुएनसांग जिले को भी विशेष दर्जा मिला है, नागालैंड सरकार में तुएनसांग जिले के लिए एक अलग मंत्री भी बनाया जाता है,साथ ही इस जिले के लिए एक 35 सदस्यों वाली स्थानीय काउंसिल बनाई जाती है। 


अनुच्छेद 371 B 

यह अनुच्छेद असम (Assam) के लिए है,इसके मुताबिक भारत के राष्ट्रपति राज्य विधानसभा की आदिवासी इलाकों से चुन कर आए विधानसभा सदस्य समितियों के गठन कर वहाँ विकास कार्यो मे प्रेरित करेंगे जो कार्यों का सारा लेखा जोखा राष्ट्रपति को देंगे । 


अनुच्छेद 371 C

यह अनुच्छेद मणिपुर (Manipur )के लिए है, इसके मुताबिक भारत के राष्ट्रपति विधानसभा में राज्य के पहाड़ी क्षेत्रों से निर्वाचित सदस्यों की एक समिति का गठन और कार्य करने की शक्ति प्रदान कर सकते हैं, और इसके काम को सुनिश्चित करने के लिए राज्यपाल को विशेष जिम्मेदारी सौंप सकते हैं। राज्यपाल को इस विषय पर हर साल एक रिपोर्ट राष्ट्रपति के पास भेजनी होती है। 


अनुच्छेद 371 D 

इस अनुच्छेद को 32वें संशोधन के बाद 1973 में जोड़ा गया जो पहले सिर्फ आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh )के लिए था, लेकिन 2014 में आंध्र प्रदेश के दो हिस्से करने के बाद ये अनुच्छेद आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के लिए लागू हुआ। इसके अंतर्गत इन राज्यों के लिए राष्ट्रपति के पास यह अधिकार होता है कि वह राज्य सरकार को आदेश दे कि किस नियुक्ति मे किस वर्ग के लोगों को नौकरी दी जाय , इसी तरह शिक्षण संस्थानों में भी राज्य के लोगों को बराबर हिस्सेदारी या आरक्षण मिलता है,राष्ट्रपति नागरिक सेवाओं से जुड़े पदों पर नियुक्ति से संबंधित मामलों को निपटाने के लिए हाईकोर्ट से अलग ट्रिब्यूनल बना सकते हैं। 


अनुच्छेद 371 E 

इसके तहत तहत केंद्र सरकार संसद में कानून बनाकर आंध्र प्रदेश (Andhra Pradesh ) में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना करेगी। ये अनुच्छेद समय के साथ अप्रसांगिक हो गया है यानि इसे हटा दिया गया । 


अनुच्छेद 371 F 

इस अनुच्छेद को संविधान में 36वें संशोधन के बाद 1975 में जोड़ा गया  जो सिक्किम (Sikkim) राज्य के लिए लागू की गई जिसके तहत राज्य के विधानसभा के प्रतिनिधि मिलकर एक ऐसा प्रतिनिधि चुन सकते हैं जो राज्य के विभिन्न वर्गों के लोगों के अधिकारों और रुचियों का ख्याल रखेंगे,संसद विधानसभा में कुछ सीटें तय कर सकता है, जिसमें विभिन्न वर्गों के ही लोग चुनकर आएंगे,राज्यपाल के पास विशेष अधिकार होते हैं जिसके तहत वे सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए बराबर व्यवस्थाएं किए जा सकें,साथ ही राज्य के विभिन्न वर्गों के विकास के लिए प्रयास करेंगे,राज्यपाल के फैसले पर किसी भी कोर्ट में अपील नहीं की जा सकेगी। इसके अलावा भारत के सभी कानून भी सिक्किम में लागू होंगे। 


अनुच्छेद 371 G 

1986 में किए गए संविधान के 53वें संशोधन के बाद मिजोरम (Mijoram )के लिए अनुच्छेद 371 G को जोड़ा गया जिसके अंतर्गत भारतीय संसद मिजोरम विधानसभा के अनुमति के बगैर मिजोरम मे कोई भी कानून पास नहीं करवा सकती । 


अनुच्छेद 371 H 

1986 में 55वें संविधान संशोधन के बाद अरुणाचल प्रदेश (Arunachal Pradesh ) के लिए यह अनुच्छेद जोड़ा गया। जिसके अनुसार अरुणाचल प्रदेश के राज्यपाल के पास कानून व्यवस्था से जुड़े मसलों पर मंत्रिमंडल से चर्चा करने के बाद अपने विवेकानुसार फैसले लेने का अधिकार होगा,अगर कानून व्यवस्था के किसी मुद्दे पर राज्यपाल और सरकार में मतभेद होंगे तो राज्यपाल का निर्णय ही मान्य होगा। 


अनुच्छेद 371 I 

यह अनुच्छेद गोवा (Goa) राज्य के लिए बनाया गया कानून था। गोवा आकार में बेहद छोटा था इसलिए इस अनुच्छेद के मुताबिक गोवा की विधानसभा को कम से कम 30 सदस्यों की विधानसभा बनाने का नियम बनाया गया, हालांकि ये भी समय के साथ निरस्त हो गया है।


अनुच्छेद 371 J 

2012 में संविधान में किए गए 98वें संशोधन के बाद कर्नाटक (Karnataka )के लिए यह अनुच्छेद बनाया गया। यह अनुच्छेद 371 से मिलता जुलता नियम है,इसके मुताबिक कर्नाटक में हैदराबाद-कर्नाटक के इलाके के लिए एक अलग विकास बोर्ड बनेगा जो हर साल राज्य विधानसभा को अपनी रिपोर्ट देगा। साथ ही यह विकास बोर्ड इलाके के विकास के लिए मिलने वाले राजस्व का वितरण भी समान तौर पर करेगा।  साथ ही इलाके के लोगों के लिए शिक्षा और रोजगार के समान मौके प्रदान करेगा। यह बोर्ड किसी भी सरकारी नौकरी में इस इलाके के लोगों के लिए एक अनुपात में आरक्षण की मांग भी कर सकता है और यह व्यवस्था इस इलाके में पैदा हुए लोगों के लिए ही होगी। 


Click Here - जानिए क्या हुआ कश्मीर का हाल अनुच्छेद 371 हटने के बाद  

उपर्युक्त सभी अनुच्छेद मे बताए गए कुछ नियमो को समय के साथ कुछ बदलाव भी किए गए है लेकिन भारत के उत्तर पूर्व राज्यों मे पारंपरिक रीतिरिवाजों के लिए बनाए गए नियम आज भी लागू है जहां आप वहाँ रहने वाले जनजातियों के संपत्ति और उनके अधिकारों के खिलाफ नहीं जा सकते । 

दूसरे शब्दों मे ये कहा जा सकता है की अगर आप इन राज्यों मे रहने का ख्याल बना रहें है तो आपको इन अनुच्छेदों का पालन करना होगा और आपको किराए के मकान मे ही रहना होगा क्योंकि इनमे से किसी राज्यों मे आपको जमीन नहीं मिलेगी । 


आपको ये Article कैसा लगा हमे Comment Box मे जरूर बताए । हमे उम्मीद है बताई गई जानकारी आपके लिए बेहतर और Helpful होगी ऐसे ही Knowledgeable और Interesting Hindi Article पढ़ने के लिए Visit करे www.knowledgepanel.in.



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Government e Marketplace in Hindi - What is GeM

government e marketplace in hindi

Hello friends अगर आप एक व्यापारी (Businessman) है और किसी उत्पादों की Manufacturing करते है तो भारत सरकार आपके उत्पादों के Buyers (खरीदार) ढूंढने मे आपकी मदद करेगी तो आइये जानते है कैसे जुड़े सरकार के Online E-Marketplace से - 
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CSC Registration process in hindi

दोस्तो हम सभी अक्सर बाजारो मे,अपने दोस्तो से,रिस्तेदारों से CSC के बारे मे सुनते आ रहे है और कई लोग तो इससे काफी सारे पैसे भी कमाए है कई लोगो ने तो अपने भविष्य को सुधारने के लिए भी इसे अपनाया है ।

तो दोस्तो अगर अप भी अगर CSC के दुवारा अपना भविष्य सुधारणा चाहते है तो Knowledge Panel मे 

आप जानेगे की कैसे आप इससे पैसे कमा सकते है और कैसे इसकी शुरुआत कर सकते है ।


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सबसे पहले यह जान ले की CSC क्याहै ?
CSC यानि Common Service Center (कॉमन सर्विस सेंटर) अगर आपके पास थोरे बहुत पैसे है और कम्प्युटर और सरकारी योजना को समझने की काबिलियत है तो आप CSC अपना कर अपना भविष्य सवार सकते है । भारत सरकार की वो भी सभी योजना जो भारत के ग्रामीण इलाके मे नहीं पहुच सकते सरकार CSC के माध्यम से अपनी योजना उन तक पहुचाती है । CSC मे VLE (Village Level Entrepreneur ) बन कर आप भारत सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम से जुड़ सकते है । 

कैसे आप CSC से जुड़ सकते है । 
दोस्तो इसके लिए आपको CSC जो की अब डिजिटल सेवा के नाम से जाने जाती है के Official Website http://register.csc.gov.in/register/fresh पे जाकर अपना नामांकन करवाना होगा नामांकन करने के 15 दिन के अंदर आपको एक User ID और password दी जाएगी जिससे आप CSC Portal https://digitalseva.csc.gov.in/ पर Login कर पाएंगे ।

दोस्तो CSC मे registration के लिए आपके पास आधार कार्ड होना आवश्यक है और आपका आधार नंबर से आपका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक होना चाहिए तभी आप Registration के पहले पड़ाओ को पास कर पाएंगे ।
इसके आलवे आपको कुछ Documents की जरूरत होगी जिससे आप Registration के process को पूरा कर पाएंगे ।
1.   आधार कार्ड
2.   पैन कार्ड
3.   बैंक अकाउंट नंबर
4.   IFSC code
5.   Cancel Chaque
6.   आपके शॉप या ऑफिस की अंदर और बाहरी तस्वीर

( ये तस्वीर लेते समय आपको ध्यान रखना होगा की आपके कैमरे की लोकेशन ऑन हो और मोबाइल डाटा ऑन हो ।)






Registration करने के बाद आपको CSC की तरफ से एक ईमेल प्राप्त होगी जिसमे आपको Application reference Number दी जाएगी जिससे आप अपने Application की status जान पाएंगे ।


Registration करने के तकरीबन 15 दिन बाद आपको OMT आईडी और DIGIMAIL Credential प्राप्त होगा । उसके बाद आप CSC यानि डिजिटल सेवा के पोर्टल का इस्त्माल कर पाएंगे ।


इसमे आपको 200 से अधिक काम करने का अधिकार प्राप्त होगा जिसे आपको अलग अलग तरीको से बारीकी से  समझना होगा फिर उसमे बताए गए निर्देश का पालन करना होगा ।

वर्तमान मे CSC मे बहुत सारे बदलाव हुये है जिसकी जानकारी आपको आपके CSC Dashboard मे दिखता रहेगा । 

Physical Verification है जरूरी
CSC id मिलने के बाद आपको अपने जिले के CSC District Manager से सपर्क करना होगा जो आपके Center मे आएंगे और आपके सेंटर की जांच करके आपको approved करेंगे जिसके बाद आप वो सभी जरूरी योजनाओ के लिए काम कर पाएंगे ।
अपने जिले CSC district मैनेजर की जानकारी के लिए नीचे दिये गए लिंक पे क्लिक करे 


Click here - All Distrcit Manager of CSC

Digi mail पे पाये जरूरी जानकारी 
समय समय पर आपको आपके Digimail मे वो सभी जरूरी योजनाओ की जानकारी मिलती रहेगी इसलिए आप अपने Digimail को अपने Smartphone मे Configure कर ले । अगर आपको CSC से जुड़े कोई जानकारी या शिकायत करनी हो तो आप इसी digimail की सहायता से मेल कर सकते है 







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What is Digital India Program All Details in Hindi


Hello Friends भारत को Digital बनाने के लिए  भारत सरकार ने कई सारी योजनाओ की शुरुआत की जिसमे Digital India Program भारत की सबसे बड़ी Digital Schemes मे से है

डिजिटल इंडिया के रुप में, एक महत्वकांक्षी कार्यक्रम का आरम्भ दिल्ली के इंदिरा गाँधी इनडोर स्टेडियम में 1 जुलाई (बुधवार) 2015 को हुआ था। इसकी शुरुआत विभिन्न प्रमुख उद्योगपतियों (टाटा समूह के अध्यक्ष साइरस मिस्त्री, आरआईएल अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक मुकेश अंबानी, विप्रो अध्यक्ष अज़ीम प्रेमजी आदि) की मौजूदगी में हुई। सम्मेलन में, गाँव से शहर तक भारत की बड़ी संख्या में डिजिटल क्रांति लाने के अपने विचार को इन लोगों ने साझा किया। देश में 600 जिलों तक पहुँच के लिये सूचना तकनीक कंपनी की मौजूदगी में कई सारे कार्यक्रम रखे गये। देश को डिजिटल रुप से सशक्त बनाने के लिये भारतीय सरकार द्वारा लिया गया एक बड़ा कदम है डिजिटल इंडिया कार्क्रम। इस योजना से संबंधित विभिन्न स्कीमों को अनावृत किया जा चुका है (एक लाख करोड़ से ज्यादा की कीमत) जैसे डिजीटल लॉकर, ई-स्वास्थ्य, ई-शिक्षा, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल, ई-हस्ताक्षर आदि।

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एक ऐसा कार्यक्रम है जिसके लिए सरकार ने 1,13,000 करोड़ का बजट रखा है। इस कार्यक्रम के तहत 2.5 लाख पंचायतों समेत छ: लाख गांवों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने का लक्ष्य है और सरकार की योजना 2017 तक यह लक्ष्य पाने की है। अब तक इस योजना के तहत 55 हजार पंचायतें जोड़ी गई हैं।  इन पंचायतों को ब्रॉडबैंड से जोड़ने पर 70 हजार करोड़ रुपए के बजट का प्रस्ताव है। इसके साथ ही 1.7 लाख आईटी पेशेवर तैयार करना भी लक्ष्य है। इसके लिए केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक स्किल डेवलपमेंट योजना की शुरुआत की है जो कि देश के लोगों को सरकार से सीधे जुड़ने में मददगार हो।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी चाहते हैं कि भारतीय किसानों को आईटी क्षेत्र से लाभ मिलना चाहिए। कृषि उत्पादन, मृदा संबंधी विवरण और बिक्री मूल्य का विश्व की कीमतों के साथ तुलनात्मक अध्ययन, इन तीनों को एकसाथ जोड़ देना चाहिए। अगर हमारे पास बोए गए बीज संबंधी विवरण होगा तो हम उत्पादन का स्वरूप का पता लगा सकते हैं।

वे मानते हैं कि अब भारत में सरकारी कर्मचारियों के तकनीकी रूप से उन्नयन की आवश्यकता है। हर रिकॉर्ड बढ़ाने के लिए डेटाबेस में हरेक विवरण रखना आवश्यक हो गया है ताकि प्रदर्शन, सुरक्षा, रखरखाव को बेहतर किया जा सके।

सभी विद्यालयों में सेंट्रल सर्वर होना चाहिए जो सभी प्रकार के E-Training सामग्री (शिक्षकों एवं छात्रों, दोनों के लिए) से परिपूर्ण सेंट्रल क्लाउड से जुड़ा होगा। वर्ग 6 से ऊपर के सभी छात्रों को टेबलेट, जैसे-  आकाश- दिया जाना चाहिए।

लेकिन 3000 रुपए के आस-पास मूल्य के ये टेबलेट अच्छी गुणवत्ता वाले होने चाहिए जो उन्हें आसानी से उनके स्कूल सर्वर से जोड़ सकें। सभी ई-सामग्री क्षेत्रीय भाषा एवं अंग्रेजी भाषा में होनी चाहिए। 100 प्रतिशत की अनुवृत्ति (Subsidy) केवल उन लोगों को दी जाए जो इस संबंध में बिलकुल असमर्थ हैं।

बेहतर संचार, जानकारी साझा करने और हमारे देश के Digitization के लिए संपूर्ण भारत में Free WiFi  सक्रिय किया जाना चाहिए।

न्यायिक प्रणाली को डिजिटल प्लेटफार्म पर लाकर उसे पुलिस विभाग, सीबीआई, फॉरेंसिक आदि के साथ जोड़ा जाए ताकि अवांछित एवं जटिल प्रक्रिया से बचा जा सके।

सरकार ने पहले ही ‘भारतीय नागरिक पहचान कार्ड Indian Citizen Identity Card (आईसीआईसी) परियोजना के रूप में एक सही कदम उठाया है। इस Central Database में सभी नागरिकों से संबंधित सभी Information , जैसे – Birth Certificate,Educational Certificate,Voter ID Card,Ration Card,Driving Licence,PAN Card,Passport,Gas,Electricity Bill,Telephone Bill,Bank Accounts,Bio-metrics,Insurance,Vehicle Registration इत्यादि होनी चाहिए। सभी नागरिकों को Single Digital ICIC या एक नंबर दिया जाना चाहिए।  लोगों को यह नंबर याद रखना चाहिए। उस कार्ड या नंबर को सभी तरह की आवश्यकताओं, चाहे बच्चों का स्कूल में दाखिला हो, अस्पताल में भर्ती करने के समय, यातायात चौकियों, बीमा लेने के समय, रेल-हवाई टिकट, रंगीन टीवी खरीदने, के लिए अनिवार्य कर दिया जाना चाहिए।

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21 वीं सदी में भारत अपने नागरिकों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए प्रयास करेगा जहां सरकार और उसकी सेवाएं नागरिकों के दरवाजे पर उपलब्ध हों और लंबे समय तक सकारात्मक प्रभाव की दिशा में योगदान करें Digital India कार्यक्रम का उद्देश्य आई टी की क्षमता को इस्तेमाल कर के भारत को Digital  रूप से सशक्त समाज और ज्ञान अर्थव्यवस्था में बदलना है।


kaise jure Digital India Program se

agar aap Digital India Program se jurna chahte hai to aapko Digital India Program ke tahat CSC me Registered karn hoga ye bilkul sahi aur sara tarika hai Digital India se judne ke liye .iske dwara aap apne Area ke logo ko Digital India Program ke tahat hone wale Program ko Promote karke paise bhi kama sakte hai . Digital India ke tahat bahut sare Rural Area Program uplabhd hai jo Rural Area me rahne logo ke liye labdayak hai . 



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Smart City Schemes of India . क्या आपका शहर है स्मार्ट ?


जब भी हम बात करते है Smart City की तो हमारे  मन मे एक ही सवाल उठती है की क्या है Smart city, कहाँ है ये Smart City, कैसे जाए हम Smart  city

प्रस्तुत है इसके बारे मे पूरा विवरण जिसे पढ़ कर आपके मन बहुत सारे सवाल उठेंगे आप ये भी  सोचने लगेंगे की ये तो असंभव है लेकिन जो भी हो ये काल्पनिक दुनिया सच होगी यही तो मिसन है Smart City की


Smart City Schemes Indian Government की वह योजना है जिसके अंतर्गत 2022 तक भारत तकरीबन 100 शहर को Smart स्मार्ट बनाना है, Smart बनाने से तात्पर्य यह है की इन शहरो मे हर वो सुविधा होगी जिसका उपयोग लोग अपने दैनिक जीवन मे करते है।

आप ऐसे city की कल्पना कर सकते है जहां सड़क के हर तरफ कैमरे लगे हो जहां आप रात्री को पैदल चले तो सड़क पर लगे बल्ब खुद बख़ुद डीम हो जाए या जल जाए , सूर्य के रोशनी के अनुसार घर की रोशनी घटाई बढ़ाई जा सके , स्कूल मे शिक्षक के अनुपस्थिति पर दूसरे स्कूल के शिक्षक Video Conference के जरिये पढ़ा सके । जी हाँ ऐसे होने की ही कल्पना की गई है ।   

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली National Democratic Alliance (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) NDA सरकार ने शहरी भारत को रहन-सहनपरिवहन और अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस करने के इरादे से तीन महत्वाकांक्षी योजनाओं- Smart Cities (स्मार्ट सिटीज) , Atal Mission for Rejuvenation and Urban Transformation (AMRUT) (अमृत) और सभी को आवास योजना (इसके बारे मे आप हमारे अगले पोस्ट मे पढ़ सकते है) का शुभारम्भ किया है। इन परियोजनाओं से देशवासियों की उम्मीदों को नयी उड़ानें मिलती नजर आ रही है और सपनों मे नई जोश जागते दिख रही है ।


क्या-क्या हैं स्मार्ट सिटी के मकसद 
what is the main view of Smart City Schemes 
  • शहरी जीवन की गुणवत्ता में सुधार लाना
  • स्वच्छ पर्यावरण उपलब्ध कराना
  • परिवहन व्यवस्था को बेहतरीन बनाना
  • शहरों की छवि खराब करती झुग्गी झोपड़ियों को हटाना
  • झुग्गी में रहने वाले लोगों को वैकल्पिक सुविधा मुहैया कराना 
  • शहरी संसाधनोंस्रोतों और बुनियादी संरचनाओं का सक्षम ढंग से विकास करना
  • 2022 तक सभी को आवास उपलबध कराना
क्या-क्या है स्मार्ट सिटी मिशन में
Full Details of Smart City Schemes of India

इस मिशन में 100 Cities को शामिल किया जाएगा। इसकी अवधि पांच साल (2015-16 से 2019-20) की होगी। पांच साल पूरे होने पर Ministry (मंत्रालय) द्वारा मूल्यांकन किया जायेगा और तब तय किया जायेगा कि इस Mission को कहां-कहां चलाया जाये। 100 Smart Cities की कुल संख्या एक समान मापदंड के आधार पर States और Union Territories के बीच वितरित किया गया है। इस वितरण फार्मूला का इस्तेमाल कायाकल्प और शहरी परिवर्तन के लिए AMRUT Schemes के तहत धनराशि के आवंटन के लिए भी किया गया है। smart City Mission एक केन्द्र प्रायोजित योजना के रूप में संचालित किया जाएगा। पांच साल में 48,000 करोड़ रुपयेकरीब प्रति वर्ष प्रति शहर 100 करोड़ रुपये औसत दिये जायेंगे।

किस शहर का पहले लगेगा नंबर?

किस शहर का नंबर पहले लगेगाये Enter City Competition में शहरों के Smart city Plan पर निर्भर करेगा। 2016  के आखिर तक 20 शहरों को Smart Cities के लिए चुना जाएगा। बाकी 80 शहरों के चयन का काम 2017-18 तक पूरा कर लिया जाएगा। रैंकिंग में सबसे ऊपर आए 20 Smart Cities  के बाद बाकी 80 Cities को खुद के प्लान में सुधार का मौका दिया जाएगा। काम शुरू होने के बाद कार्यों की समीक्षा मिशन के कार्यान्वयन के दो साल बाद की जाएगी। जिन States / City स्थानीय निकायों का प्रदर्शन अच्छा होगा उन राज्यों को शेष Possibilities Smart Cities में से कुछ का पुनःआवंटन किया जायेगा। यानि जितना Smart States उतनी Smart cities 

Smart City शब्द सुनते ही सबसे पहले जो तस्वीर उभरती है वह कुछ ऐसी होती है:

  • एक शहर जहां की जलवायु शुद्ध हो लोग खुली हवा में सांस ले सकें।
  • बिजली-पानी की सप्लाई 24 घंटे सुचारू हो।
  • बिजली कटौती कतई न हो।
  • दिनभर लोगों को ट्रैफिक में न जूझना पड़ेसार्वजनिक यातायात उपलब्ध हो जो विश्व स्तरीय हों।
  • बुनियादी सुविधाएं जैसे किसी चीज की बुकिंगबिल जमा करनाआदि बेहद सुगम हो।
  • सड़केंइमारतेंशापिंग मालसिनेप्लैक्स सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से बने हों।
  • अनाधिकृत कालोनियों की सड़ांध मारती गलियां न हों।
  • झुग्गी-बस्तियां न हों।
  • कुछ ऐसा शहर दिखे जहां लोगों के रहन-सहन में समानता दिखे।
  • सड़कों पर कूड़ा-करकट कतई न दिखे।
  • सड़कें एकदम साफ हों।
  • स्कूल-कॉलेजअस्पतालआदि अत्याधुनिक सुविधओं से लैस हों।
  • शहर में बिजली के ग्रिड से लेकर सीवर पाइप सब कुछ अच्छे नेटवर्क में हों।
  • सड़केंकारें और इमारतें हर चीज़ एक एक नेटवर्क से जुड़ी हों।
  • इमारत अपने आप बिजली बंद करेंस्वचालित कारें खुद अपने लिए पार्किंग ढूंढें।
  • शहर ऐसा जिसका कूड़ादान भी स्मार्ट हो।
  • गैस सिलेंडर के लिये लाइन लगने के बजायेपाइपलाइन घर तक आये।
  • ऐसी व्यवस्था हो जिससे अपराध कम हों और लोग चैन से रह सकें।

अगर आप भी अपने शहर की स्मार्ट सिटि का दर्जा देना चाहते है तो सरकार की Smart City Mission को सफल बनाए स्मार्ट बने और स्मार्ट बनाए
सरकार के योजनाओ का फायदा उठाए । 
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How to Earn Money from csc?


दोस्तो हम सभी अक्सर बाजारो मे,अपने दोस्तो से,रिस्तेदारों से CSC के बारे मे सुनते आ रहे है और कई लोग तो इससे काफी सारे पैसे भी कमाए है कई लोगो ने तो अपने भविष्य को सुधारने के लिए भी इसे अपनाया है ।
तो दोस्तो अगर अप भी अगर CSC के दुवारा अपना भविष्य सुधारणा चाहते है तो Knowledge Panel मे आप जानेगे की कैसे आप इससे पैसे कमा सकते है और कैसे इसकी शुरुआत कर सकते है ।

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CSC यानि Common Service Center (कॉमन सर्विस सेंटर) अगर आपके पास थोरे बहुत पैसे है और कम्प्युटर और सरकारी योजना को समझने की काबिलियत है तो आप CSC अपना कर अपना भविष्य सवार सकते है ।
आज मैं आपको बताऊंगा की कैसे आप CSC से जुड़ सकते है । दोस्तो इसके लिए आपको CSC जो की अब डिजिटल सेवा के नाम से जाने जाती है के Official Website http://register.csc.gov.in/register/fresh पे जाकर अपना नामांकन करवाना होगा नामांकन करने के 15 दिन के अंदर आपको एक User ID और password दी जाएगी जिससे आप CSC Portal https://digitalseva.csc.gov.in/ पर Login कर पाएंगे ।
दोस्तो CSC मे registration के लिए आपके पास आधार कार्ड होना आवश्यक है और आपका आधार नंबर से आपका मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी लिंक होना चाहिए तभी आप Registration के पहले पड़ाओ को पास कर पाएंगे ।



इसके आलवे आपको कुछ चीजों की जरूरत होगी जिससे आप Registration के process को पूरा कर पाएंगे ।
1.   आधार कार्ड
2.   पैन कार्ड
3.   बैंक अकाउंट नंबर
4.   IFSC code
5.   Cancel Chaque
6.   आपके शॉप या ऑफिस की अंदर और बाहरी तस्वीर

( ये तस्वीर लेते समय आपको ध्यान रखना होगा की आपके कैमरे की लोकेशन ऑन हो और मोबाइल डाटा ऑन हो ।)





Registration करने के बाद आपको CSC की तरफ से एक ईमेल प्राप्त होगी जिसमे आपको Application reference Number दी जाएगी जिससे आप अपने Application की status जान पाएंगे ।
Registration करने के तकरीबन 15 दिन बाद आपको OMT आईडी और DIGIMAIL Credential प्राप्त होगा । उसके बाद आप CSC यानि डिजिटल सेवा के पोर्टल का इस्त्माल कर पाएंगे ।


इसमे आपको 200 से अधिक काम करने का अधिकार प्राप्त होगा जिसे आपको अलग अलग तरीको से बारीकी से  समझना होगा फिर उसमे बताए गए निर्देश का पालन करना होगा ।




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