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adsense alternatives Puts Adgebra ad

adsense alternatives for new websites

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Hello Friends अगर आप Internet के जरिये पैसे कमाना चाहते है तो Google Adsense के बारे मे जरूर जानते है इसके आलवे दूसरी Advertisement Service Provider है जिसका नाम है Adgebra जिसके तहत आप अपने website पे Adgebra के Add लगा के Earning कर सकते है ।

आइये जानते है कैसे आप अपने Blogger पे Adgebra के Add लगा सकते है ? 
How to setup Adgebra Add on Blogger? 
lets Start
सबसे पहले आपको Adgebra के Official Website पे जाकर कुछ Form fill करने होंगे
Website - https://www.adgebra.in/

यहाँ पे मैं आपको कुछ Snapshot दिये जा रहे है जो आपको Adgebra Registration मे मदद करेगा ।

1. Official Website पे आपको Publisher ऑप्शन Select करने के बाद Signup करना होगा 
 



2.इस लिंक पे Click करके आप Direct Signup पेज पे जा सकते है 
https://login.adgebra.in/AdgebraUI/pubsignup.do




3. इसके बाद आपको दिये गए Application फॉर्म को भर कर Submit करना होगा । 

4. Submit करने के कुछ 24 या 48 घंटे के बाद आपको Approval का Email आएगा जिसके बाद आप login करके अपने Website के detail submit करेंगे । 


5. उसके बाद प्राप्त HTML code को आप अपने Blogger Website के </body> सेक्शन के नीचे Paste करते ही आपको आपके Website पे Adgebra के Add आने लगेंगे   । 


दोस्तो google addsense के तरह Adgebra भी अच्छी ख़ासी earning देती है ।  आप अपने website पर दोनों Advertisement Services का इस्त्माल कर सकते है ।  

अगर आपके website पे  Adgebra के add नहीं आ रहे है या फिर Blogger पे Html code सेव नहीं हो रहा हो तो नीचे दिये गए लिंक पे Click करे और जाने कैसे आप Blogger पे Adgebra के Html Code डाल सकते है । 






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Who is the person Behind the Railways Stations Announcements


दोस्तो आप Knowledge Panel मे आज आप जानेंगे एक ऐसे Indians के बारे मे जिसके बारे मे आपको इंटरनेट पे बहुत कम ही जानकारी मिलेगी ।
अपमे से बहुत से लोगों ने भारतीय रेल(Indian Rail),मेट्रो ट्रेन (Indian Metro) से सफर अवश्य ही किया होगा और इस दौरान जब भी आप रेलवे स्टेशन या मेट्रो स्टेशन पे गए होंगे तो आपको आपके ट्रेन के स्थिति बताने के लिए स्टेशन मे बहुत ही मधुर आवाज मे आकाशवाणी (Announcements ) होती है—
In Hindi – यात्रीगण कृपया ध्यान दे गाड़ी संख्या 12431 राजधानी एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म न 1 पर आ रही है, धन्यवाद
In English - May I have your Attention Please Train No 12431 rajdhani Express is arrived on Platform No 1, thank you

जिसे सुनकर आप जान पाते है की आपकी ट्रेन की वर्तमान स्थिति क्या है और दोस्तो ये आवाज इतनी सुरीली होती है की हर कोई इसे सुनने वाला ये जानना चाहता है की इतनी मधुर आवाज के पीछे कौन है ।

आज Knowledge Panel आपको बताएगा इस सुरीली आवाज के पीछे कौन है ।
दोस्तो हमारे देश मे 1853 से रेल यातायात(Railway Traffic System) की शुरुआत हुई और उसके बाद समय के साथ भारतीय रेल की सूरत बदलती गई। इन्ही बदलाओ मे एक था Automatic Announcement System जो समय के साथ इसकी तकनीक बदलती ।  
दोस्तो हम चर्चा कर रहे है एक ऐसे सख्स के बारे मे जिनकी मधुर आवाज आज भी सुनते है ।
Sarla Coudhary
Sarla Choudhary
इनकी आवाज का चुनाव सेंट्रल रेलवे ने 1982 मे किया उसके बाद 1986 मे इन्हे परमानेंट Voice Announcer के रूप मे रख लिया गया और 1991 मे इनके recorded वॉइस System मे नियुक्त कर लिया गया जिसे को हम सब ने 20 साल तक Railway Stations मे सुना, करीब 12 साल पहले इनहोने ने परिवारिक कारणो से railway को छोर दिया लेकिन आज भी हम इनकी मधुर आवाज को सेंट्रल रेलवे मे सुनते है ।  

आजकल ये आवाज Train Management System (TMS) के द्वारा अलग अलग तरीके से Computer द्वारा मिक्स करके Announcement की जाती है । 

दोस्तो अगर अपने कभी मेट्रो ट्रेन पर सफर किया होगा हो तो ये जरूर सुना होगा –
the Next Station Is Rajeev Chowk doors will open on the left Please mind the gap.
अगला स्टेशन राजीव चौक है दरवाजे बाई तरफ खुलेगी कृपया दरवाजे से हट कर खड़े हो । 
Female Voice मे ये मधुर आवाज की मल्लिका है Rini Simon Khanna 
Rini Simon Khanna
ये कोई और नहीं दूरदर्शन(Doordarshan) की वरिष्ठ एंकर है पूरी दिल्ली मेट्रो मे अग्रेजी भाषा मे इनकी मधुर आवाज गूँजती है दिल्ली मेट्रो ने जब 2002 मे ये सर्विस स्टार्ट किया । इन्होने ने अपने केरियर की शुरुवात दूरदर्शन से की दूरदर्शन पर ये दिव्यंगों के लिए समाचार पढ़ती थी इसके अलावा आप इनकी आवाज गणतन्त्र दिवस (Republic Day ) स्वतन्त्रता दिवस ( Independence Day ) पर भी सुन सकते है । 

Shammi Narang
दूसरी एक दमदार आवाज Male Voice मे Shammi Narang का है जो की दूरदर्शन के जानेमने एंकर है। इन्हे भारतीय Broadcast का Walter Cronkite भी कहा जाता जो दुनिया के सबसे चर्चित Broadcast Journalist है इन्होने 19 साल की उम्र मे Indian Institute of Technology से डिग्री हासिल कर ली और इन्हे United States of Information Service मे sound director की नियुक्ति भी मिल गई और इन्होने समूचे वॉइस ऑफ अमेरिका(Voice Of America) मे हिन्दी भाषा का परचम लहराया और 1982 मे इनको दूरदर्शन(Doordarshan) के साथ जुड़ गए 20 साल तक करार साइन किया । 


तो अगली बार जब आप ट्रेन मे सफर कर तो Announcement पे ध्यान जरूर दीजिएगा ।
So the next time you travel on Delhi metro, you now know who the two amazing individuals behind the Announcement are! 
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cheque bounce reasons.Cheque bounce hone par kya kare in hindi

How to protect myself from cheque bounce

Hello Friends वर्तमान मे Digital Payment का चलन बहुत बढ़ गया है हर कोई पैसे के लेन देन के लिए Digital Platform जैसे UPI,Mobile Banking,Internet Banking etc का इस्त्माल करते है और कई लोग Payment Transfer के लिए Cheque कर प्रयोग भी करते है लेकिन कभी कभी Digital Technology दगा दे जाती है और आपका Cheque Bounce कर जाता है ।

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What is Encephalitis,cause,symptoms and treatment - chamki bukhar in hindi

Encephalitis



Encephalitis यानि चमकी बुखार 


बीते कुछ दिनों मे भारत के बिहार राज्य मे चमकी बुखार (Encephalitis) का कहर है बिहार के मुजफ्फरपुर और इसके आस पास के इलाको मे चमकी बुखार का प्रकोप है जिसमे तकरीबन 150 से भी ज्यादा बच्चे की मौत हो चुकी है जिनकी उम्र तकरीबन 15 वर्ष तक बताए गए है । ये प्रकोप दिनों दिन फैलती जा रही है यहाँ के अस्पताल पीड़ित बच्चो से भरा पड़ा है । इसके पीछे मुजफ्फरपुर का विश्वप्रसिद्ध लीची को वजह माना जा रहा है। 


आइये जानते है क्या है,चमकी बुखार और कैसे अपने बच्चों को इस गंभीर बीमारी से बचाएं  

चमकी बुखार को दिमागी और जापानी बुखार के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, चमकी बुखार को डॉक्टरी भाषा में एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम (एईएस) या Encephalitis कहा जाता है। अब तक उत्तर प्रदेश के गोरखपुर और उसके आस-पास जिलों से दिमागी बुखार से बच्चों की मौत होने के मामले सामने आते थे लेकिन पहली बार बिहार के मुजफ्फरपुर एवं अन्य जिलों में चमकी बुखार ने अपना रौद्र रूप दिखाया है।

यह बीमारी आम तौर गर्मी एवं उमस के दौरान 0 से 15 साल के बच्चों को अपनी चपेट में लेती है। खास बात यह है कि यह बीमारी ज्यादातर उन बच्चों को अपनी चपेट में लती है जो कुपोषित होते हैं। कई मामलों में इस चमकी बुखार का कारण लीची खाना भी बताया गया है। चिंता की बात यह है की इतने गंभीर रूप से फैलने के बाद भी चिकिसक इस बीमारी को रोकने मे असमर्थ दिख रहें है और नतीजा ये हो रहा है की इलाज के अभाव मे बच्चे मौत के मुह मे समा रहे है । 

Doctors के अनुसार हर्प्स वायरस, इंट्रोवायरस, वेस्ट नाइल, जापानी इंसेफलाइटिस, इस्टर्न इक्विन वायरस, टिक-बोर्न ,इंसेफलाइटिस बैक्टीरिया, फुंगी, परजीवी, रसायन, टॉक्सिन ये कुछ ऐसे Virus है जिसके वजह से चमकी बुखार बच्चे के मस्तिष्क के कोशिकाओं एवं तंत्रिकाओं में सूजन आ जाती है जिसे दिमागी बुखार होने लगता है जिसमे बच्चे के पूरे शरीर मे अकड़न सी होने लगती है भारत में एक्यूट इंसेफलाइटिस सिंड्रोम(AES) यानि चमकी बुखार का मुख्य वजह जापानी वायरस को माना जाता है।


लीची खाने से क्यूँ होती है चमकी बुखार

लीची को इसकी खास वजह इसलिए बताई जा रही है की जो बच्चे कुपोषण का शिकार है वो अक्सर भूखे पेट कुछ पक्के और अधपके लीची का सेवन कर रहे है और खास बात ये है की जिस इलाके (मुजफ्फरपुर) मे चमकी बुखार का सबसे अधिक कहर है वह पूरी दुनिया मे लीची के लिए प्रसिद्ध है । 

दरअसल लीची में प्राकृतिक रूप से हाइपोग्लाइसिन ए एवं मिथाइल साइक्लोप्रोपाइल ग्लाइसिन टॉक्सिन पाया जाता है। अधपकी लीची में ये टॉक्सिन अपेक्षाकृत काफी अधिक मात्रा में मौजूद रहते हैं। ये टॉक्सिन शरीर में बीटा ऑक्सीडेशन को रोक देते हैं और हाइपोग्लाइसीमिया (रक्त में ग्लूकोज का कम हो जाना) हो जाता है एवं रक्त में फैटी एसिड्स की मात्रा भी बढ़ जाती है। चूंकि बच्चों के लिवर में ग्लूकोज स्टोरेज कम होता है, जिसकी वजह से पर्याप्त मात्रा में ग्लूकोज रक्त के द्वारा मस्तिष्क में नहीं पहुंच पाता और मस्तिष्क गंभीर रूप से प्रभावित हो जाता है। इस तरह की बीमारी का पता सबसे पहले वेस्टइंडीज में लीची की तरह ही 'एकी' फल का सेवन करने से पता चला था। इसलिए ध्यान रखे बच्चों को खाली पेट लीची ना खिलाएँ 


चमकी बुखार (एईएस) के लक्षण 

What is the symptoms of spinal fever


  1. मिर्गी जैसे झटके आना (जिसकी वजह से ही इसका नाम चमकी बुखार पड़ा)
  2. बेहोशी आना
  3. सिर में लगातार हल्का या तेज दर्द
  4. अचानक बुखार आना
  5. पूरे शरीर में दर्द होना
  6. जी मिचलाना और उल्टी होना
  7. बहुत ज्यादा थका हुआ महसूस होना और नींद आना
  8. दिमाग का ठीक से काम न करना और उल्टी-सीधी बातें करना
  9. पीठ में तेज दर्द और कमजोरी
  10. चलने में परेशानी होना या लकवा जैसे लक्षणों का प्रकट होना।

अगर बच्चे को बुखार आ जाए तो क्या करें

  1. बच्चे को तेज बुखार आने पर उसके शरीर को गीले कपड़े से पोछते रहें.ऐसा करने से बुखार सिर पर नहीं चढ़ेगा.
  2. Paracetamol की गोली या Syrup डॉक्टर की सलाह पर ही रोगी को दें.
  3. बच्चे को साफ बर्तन में एक लीटर पानी डालकर ORS का घोल बनाकर दें. याद रखें इस घोल का इस्तेमाल 24 घंटे बाद न करें. 
  4. बुखार(Fever) आने पर रोगी बच्चे को दाएं या बाएं तरफ लिटाकर अस्पताल ले जाएं.
  5. बच्चे को बेहोशी की हालत में छायादार स्तान पर लिटाकर रखें.
  6. बच्चों को रात में अच्छी तरह से खाना खिलाकर सुलाएं। खाना पौष्टिक होना चाहिए।
  7. बुखार आने पर बच्चे के शरीर से कपड़े उतारकर उसे हल्के कपड़े पहनाएं. उसकी गर्दन सीधी रखें


क्या न करें 


  1. बच्चे को खाली पेट लीची न खिलाएं.
  2. अधपकी या कच्ची लीची का सेवन करने से बचें.
  3. बच्चे को कंबल या गर्म कपड़े न पहनाएं.
  4. बेहोशी की हालत में बच्चे के मुंह में कुछ न डालें.
  5. मरीज के बिस्तर पर न बैठें और न ही उसे बेवजह तंग करें.
  6. मरीज के पास बैठकर शोर न मचाएं.

सावधानी 

गर्मी के मौसम में फल और खाना जल्दी खराब हो जाता है आप इस बात का खास ख्याल रखें कि बच्चे किसी भी हाल में जूठे और सड़े हुए फल नहीं खाए। बच्चों को गंदगी से बिल्कुल दूर रखें। खाने से पहले और खाने के बाद हाथ जरूर धुलवाएं,साफ पानी पिएं, बच्चों के नाखून नहीं बढ़ने दें। बच्चों को गर्मियों के मौसम में धूप में खेलने से भी मना करें। रात में कुछ खाने के बाद ही बच्चे को सोने के लिए भेजें। डॉक्टरों की मानें तो इस बुखार की मुख्य वजह सिर्फ लीची ही नहीं बल्कि गर्मी और उमस भी है। 


Encephalitis


150 बच्चो की मौत का कारण बनी ये बुखार हर वर्ष गर्मी के मौषम मे पूरे देश मे फैलती है हर वर्ष भारत के तकरीबन 18 से भी ज्यादा राज्य बिहार, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा, नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और केरल मे इस चमकी बुखार यानि Encephalitis से हर वर्ष 20000 बच्चे इस बीमारी के चपेट मे आते है 

सिर्फ भारत ही नहीं दुनिया के 24 देश इस Encephalitis बीमारी से ग्रस्त है इसमे दक्षिण-पश्चिम एशिया और पश्चिमी प्रशांत के देश शामिल है WHO (World Health Organisation) के अनुसार इन देशों मे 300 करोड़ लोगो पे इस Virus का खतरा है भारत मे 2011 से अब तक तकरीबन 92000 मामले सामने आए है जिसमे 12000 की मौत हो चुकी है । 

इन सब के बावजूद Doctors अब तक ये पता नहीं लगा पाये की ये Virus आती कहाँ से है और कैसे फैलती है ।
स्वक्छ्ता ही इसका बचाव है इसलिए स्वक्छरहे और स्वक्छ खाना खाएं और अपने बच्चों को भी स्वक्छ रहने की सलाह दें । 

ये आर्टिक्ल कैसे लगा हमे बताएं और ऐसे ही जरूरी और knowledgeable Articles पढ़ने के लिए Visit करें 
www.knowlegepanel.in

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Bihar Diwas Special


आज भारत के एहम राज्य बिहार Bihar Diwas माना रहा है आज ही के दिन 22 March 1912 को Bihar को बंगाल से अलग किया गया था इसलिए 22 March को Bihar Diwas मनाया जाता है । पहले विहार ,मगध और अंत मे बिहार के नाम से जाने वाला राज्य की जनसंख्या लगभग 10 करोड़ से भी ज्यादा है 75 % लोग खेती करते है 38 जिलो (District) 9 प्रमंडल (Division ) इन 38 जिलों को 101 अनुमंडल (Subdivision) ,534 प्रखंड (Block) ,8471 पंचायत (Panchayat ) ,45103 गावों (Village) मे बांटा गया है प्राचीन काल मे बिहार का नाम शिक्षा जगत मे सबसे ऊपर था नालंदा विश्वविद्यालय (Nalanda University ) विक्र्म्शिला विश्वविध्यालय (vikarmshila University ) का नाम पूरी दुनिया मे आज भी लोग जानते है । लेकिन दुर्भाग्यवश आज बिहार शिक्षा मे सबसे पीछे है । 


आज Bihar Diwas पर हम बात करेंगे प्रदेश की सबसे गंभीर समस्या शिक्षा के बारे मे । 
भारत के सबसे पिछड़े राज्य बिहार  के बारे में क्योँकि देश में जब भी शिक्षा की चर्चा होती है तो हम बिहार को नहीं भूल सकते है। 


दोस्तो बिहार (Bihar) भारत का एक ऐसा राज्य है जो शिक्षा के स्तर मे भारत के 38 राज्यो मे सबसे नीचे है आइये इस गंभीर विषय पर एक चर्चा करे और जाने क्यू है बिहार मे शिक्षा का ये हाल ।



दोस्तो Knowledge Panel ने इंटरनेट,अखबारो,टीवी चैनल के माध्यम से ली गई जानकारी को इकठ्ठा कर के आपके लिए एक आर्टिक्ल तैयार किया है । पसंद आए तो इसे Share जरूर कीजिये ताकि सब मिल कर बिहार के शिक्षा को सुधारने मे आगे आए । 

दोस्तो देश मे हमेसा से कुछ अलग तरह की बातों के लिए चर्चा मे रहने वाला राज्य बिहार मे कुल 17 State Universities है जिसमे ( Patliputra University, Bihar Animal Science University ,Purnea university and Munger University जिसे 2016 मे खोली गई ),9 central universities, 2 Deemed universities और 5 Private university है यानि कुल मिला कर 27 विश्वविध्यालय है इसके आलवे अगर हम बात करे Engineering Colleges की तो कुल 4 Central Governments,13 पब्लिक सैक्टर के Governments engineering College और 17 Privet Engineering College है जो हर साल तकरीबन 9000 छात्रो को Engineering की शिक्षा देती है  10 Government medical College 3 Private Medical College साथ ही dental College , Agriculture College, MBA College, MCA College, Art & Fashion, law etc ये सब मिला कर कुल 134 Colleges है बिहार मे ।
इन सब के आलवे अगर हम बात करे निचले स्तर के शिक्षा की अर्थात प्राथमिक मध्यमिक और उच्य स्तर के शिक्षा की तो बिहार मे कुल 71,832 विद्यालय है जिसमे 2 करोड़ 34 लाख बच्चे शिक्षा ग्रहण करने जाते है। दूसरी तरफ हर साल सैकड़ो छात्र IAS,IPS,IFS,CA,IIT जैसे कठिन परीक्षा मे बिहारी छात्र अपना दबदबा बनाए रखते है । देश के अलग अलग हिस्सो के सरकारी और गैर सरकारी विभागो के शीर्ष स्थान मे भी बिहारी छात्रो का वर्चश्व बना रहता है ।

ये तो सब आकड़े को देखने के बाद हमारे मन मे एक ही सवाल उठता है
क्या सच मे ये वही बिहार है ?
पूरे भारत मे सबसे परिश्रमी माने जाने वाले ये बिहारी आज पीछे क्यू है ? 
देश को सबसे ज्यादा IAS देने वाला राज्य आज शिक्षा के क्षेत्र मे सबसे पीछे क्यू है ?  

ये सवाल हर किसी के मन मे उठता है ।

दोस्तो ऊपर दिये आकड़ों को देखने के बाद आप सोचेंगे की सब कुछ तो बिलकुल ठीक है फिर कमी है कहाँ............

कमी है दोस्तो अब आगे आप कुछ आकड़ों देखने के बाद आपको समझ आ जाएगा गलती कहाँ है ।

दोस्तो 1961 से 2011 तक बिहार मे साक्षारता दर कुछ इस प्रकार है
वर्ष
कुल
पुरुष
महिला
1961
21.95
35.85
8.11
1971
23.17
35.86
9.86
1981
32.32
47.11
16.61
1991
37.49
51.37
21.99
2001
47.53
60.32
33.57
2011
63.82
73.39
53.33

आकड़ों को देखे तो बिहार की साक्षारता दर बढ़ी है और सरकार इसके लिए कई तरह के योजना भी लेकर आती रहती है अब देखना ये है की 2021 मे होने वाले जनगणना मे इन आकड़ों मे कितनी बढ़ोतरी होती है ।
वर्तमान समय की बात करे तो बिहार मे शिक्षा जगत कई सारे समस्या से घिरी है यहाँ मांग और आपूर्ति यानि Demand and Supply का तालमेल कुछ अच्छा नहीं है तेजी से बढ़ती जनसंख्या और इतने सारे सुविधाओ के बाबजूद उचयस्तरीय शिक्षा के लिए छात्रो का दूसरे राज्यो मे जाना ये सब शिक्षा के गंभीर समस्या मे से है ।
शिक्षा को आगे बढ़ाने वाले शिक्षक की बात करे सरकार के मुताबिक पूरे बिहार मे तकरीबन 4,67,877 शिक्षक है जो 2 करोड़ 34 लाख छात्रो को पढ़ते है यानि हर 50 छात्रो पर 1 शिक्षक 

अब सबसे चौकने वाली बात ये है की कुल शिक्षक मे तकरीबन 37.8 % शिक्षक स्कूल मे अनुपस्थित रहते है यानि 2,91,019 शिक्षक अक्सर पढ़ाने नहीं जाते जो देश मे ही नहीं विश्व मे अपने आप मे एक अनोखी घटना है । 

दोस्तो अबतक तो आप समझ ही गए होंगे की बिहार की शिक्षा मे कमी कहाँ है । जी हाँ दोस्तो कमी यहाँ की शिक्षा वयवस्था मे है । कमी बिहार सरकार के द्वारा चलाई जा रही शिक्षा योजना पे है ।

इन सब से मतलब साफ है की सरकार को बिहार मे निचले स्तर की पढ़ाई  पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है ।

शिक्षा के क्षेत्र मे कुछ जरूरी और ध्यान देने वाले तथ्य अक्सर बिहार को लेकर देश के सामने आती है..
  • साल 2017 मे आए बिहार बोर्ड 12वी का परिणाम आपको चौका देगा जिसमे 70% छात्र फ़ेल हो गए ! इतने खराब रिज़ल्ट का कारण
  • साल 2016 मे बिहार बोर्ड के  Toppers घोटालो को पूरा देश जानता है जिसमे सभी Faculty मे Top किए छात्र शिक्षा के सबसे बारे घोटाले का शिकार हुए जिसने बिहार शिक्षा व्यवस्था  को हिला के रख दिया ।
  • Toppers घोटाले के बाद सरकार ने तुरंत एक्शन लेते हुये Bihar Education Board मे भारी फेरबदल किया ।
  • इतने फेरबदल के बाद भी साल 2017 मे फिर Topers मे घोटाले की बात सामने आ रही है  जिसमे 12 कक्षा के आर्ट्स Topers गणेश कुमार पर इंल्ज़ाम लगा की वे बिहार बोर्ड के साथ मिल कर अपनी उम्र छिपा कर परीक्षा दी  है और छानबीन मे ये सामने आया की इस प्रक्रिया मे शिक्षा विभाग के बारे अधिकारी शामिल है ।
  • इसके आलवे 2017 के आए 12वी के परिणाम मे कुछ ऐसे छात्र भी है जिन्होने ने आईआईटी जैसे कठिन परीक्षा पास की है लेकिन बिहार बोर्ड के 12वी के परिणाम ने उन्हे फ़ेल कर दिया वो भी किसी विषय मे 0 अंक आने के कारण ।
उपर्युक तथ्यो से ये साफ है की बिहार शिक्षा की पूरी सिस्टम ही खराब है और ये बिहार के के लिए गंभीर समस्या का विषय है  ।
इस खराब सिस्टम को सुधारने के लिए राज्य सरकार को कुछ कड़े फैसले लेने होंगे ।
  • सबसे पहले बिहार मे  शिक्षक की 9 लाख खाली पदो पर अनुभवी और प्रतिभाशील शिक्षक की बहाली करनी होगी ।
  • वर्तमान मे बहाल शिक्षक बच्चो को किस प्रकार की शिक्षा दे रहे है इसकी बराबर जांच होनी चाहिए
  • शिक्षक का वेतन उसके डिग्री पर नहीं बल्कि उसके शिक्षा शैली पर देनी चाहिए ।
  • शिक्षक का कार्यकाल घाटा कर इतनी करनी चाहिए की ताकि शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए नए पीढ़ी अपना योगदान दे सके । क्योकि वर्तमान मे स्कूल मे कुछ ऐसे शिक्षक भी कार्यरत है जो कई सालो से एक ही तरह के ज्ञान बच्चो को दे रहे है न उन्हे वर्तमान घटनाओ का ज्ञान है न वे उस लायक है की अपनी ज्ञान बढ़ा सके ।
  • बिहार मे कुछ स्कूल के पास प्रायप्त बिल्डिंग नहीं है जहां बच्चे ठीक से पढ़ाई कर सके ,निजी स्कूल मे दी जाने वाली सुविधा से ज्यादा सुविधा सरकार बच्चो को दे सकती है इस बात पर सरकार को विशेष ध्यान देना चाहिए ।


बिहार का भविष्य बिहार के शिक्षक के हाथ मे उन्हे आगे आकर खुद इसका पहल करना होगा तभी वो सच्चे शिक्षक कहलाएंगे ।
  • शिक्षक को अगर वेतन नहीं मिलता तो पूरे प्रदेश मे आंदोलन और हड़ताल होता है लेकिन जरा सोचिए अगर छात्र अपने लिए आंदोलन और हड़ताल करे तो क्या होगा !
  • जितने आंदोलन और हड़ताल शिक्षक वेतन पाने के लिए करते है अगर थोड़ा भी आंदोलन हड़ताल बच्चो के भविष्य के लिए दे तो शायद सरकार वेतन देने मे कोताही नहीं बरतेगी ।
  • बिहार का भविष्य बिहार के शिक्षक के हाथो मे है दोस्तो अगर आप एक शिक्षक और सच्चे बिहारी है तो खुद को आगे लाइए और बिहार का नाम शिक्षा मे आगे बढ़ाइए ।

Written By- Angesh Upadhyay
Sources- Google



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Bijli kaise Girti hai and Thunder kya hai janiye Hindi me


बारिश का मौसम,प्रकृति का ऐसा रूप जो कभी बेहद खूबसूरत लगता है तो कभी भयावह,हमे हर वर्ष प्रकृति का ये रूप देखने को मिलता है इस दौरान निचले इलाके मे अत्यधिक बारिश बाढ़ (Flood) का रूप लेती है तो कही बिजली गिरने की घटना कई लोगों की जान ले लेती है । बाढ़ आने का कारण तो हम सब जानते है और इससे आप खुद को बचा भी सकते है लेकिन बारिश की बिजली जिसे आसमानी बिजली या बज्रपात, ठनका ,तड़का भी कहते है,अगर आप इसके चपेट मे आ गए तो आपका बच पाना नामुमकिन है । 

तो आइये बेहद आसान और सरल भाषा मे जानते है और समझते है की बज्रपात क्या है ? क्यूँ गिरती है ? कैसे बनती है ये आसमानी बिजली ? इन्सानों के लिए ये कितना खतरनाक है ? कैसे करे इससे बचाव ? इस Article मे आपको इन सभी सवालो के जवाब सरल तरीके से मिलेगी ।

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World Thalassemia Day celebrated on May 8 every year


Hello Friends पुरानी कहावत है "स्वास्थ्य ही धन है" Health is Wealth ,एक स्वस्थ व्यक्ति किसी अमीर व्यक्ति से ज्यादा धनी माना जाता है ,इसलिए  आज हम चर्चा करेंगे आपके Health की ,आज आप जनाएंगे दुनिया की एक गंभीर लाइलाज बीमारी Thalassemia (थेलेसीमिया ) के बारे मे ।

हर साल 8 May को पूरी दुनिया मे International Thalassaemia Day के रूप मे मनाई जाती है जो सभी करोड़ो Thalassemia (थेलेसीमिया ) पीड़ित को समर्पित होता है ।

World Health Organisation (WHO) के अनुसार Thalassemia (थेलेसीमिया) दुनिया के गंभीर लाइलाज आनुवांशिक बीमारी (genetic disorders) मे से एक है । 

आइये जानते है क्या है Thalassemia (थेलेसीमिया) और कैसे बचे इस गंभीर बीमारी से ।



What is Thalassemia (थेलेसीमिया) ?



Thalassemia (थेलेसीमिया) एक गंभीर आनुवांशिक बीमारी (genetic disorders)  है जो किसी को विरासत मे अपने माता पिता से मिलती है,इसका अर्थ ये हुआ की अगर कोई माँ बाप के शरीर मे Thalassemia (थेलेसीमिया) जैसी कोई Blood Diseases है तो उनके होने वाले  बच्चे  मे इस रोग के होने का खतरा बढ़ जाता है ।

इस रोग के होने पर शरीर की Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) निर्माण प्रक्रिया में गड़बड़ी हो जाती है जिसके कारण रक्तक्षीणता (Anemia)के लक्षण प्रकट होते हैं। इसकी पहचान बच्चे के तीन माह की आयु के बाद ही होती है। इसमें रोगी बच्चे के शरीर में रक्त की भारी कमी होने लगती है जिसके कारण उसे बार-बार बाहरी खून चढ़ाने की आवश्यकता होती है।


Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) की मात्रा कम हो जाने से शरीर दुर्बल हो जाता है तथा अशक्त होकर हमेशा किसी न किसी बीमारी से ग्रसित रहने लगता है। जिसे 
Thalassemia (थेलेसीमिया) कहा जाता है । 



Thalassemia (थेलेसीमिया) का इलाज और होने के कारण 


ये एक लाइलाज बीमारी है जिसका अब तक कोई इलाज उपलब्ध नहीं । Hemoglobin (हीमोग्लोबीन) दो तरह के Protein से बनता है Alpha Globin and Bita Globin,Thalassemia (थेलेसीमिया) से पीड़ित व्यक्ति के शरीर मे इन प्रोटीन में ग्लोबिन निर्माण नहीं होता,जिसके  कारण Red blood cells तेजी से नष्ट होने लगती है , रक्त की भारी कमी होने के कारण रोगी के शरीर Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) की कमी हो जाती है जिस कारण बार-बार रक्त चढ़ाना पड़ता है एवं बार-बार रक्त चढ़ाने के कारण रोगी के शरीर में अतिरिक्त Iron जमा होने लगती है, जो Heart,Kidney और Lungs में पहुँचकर मौत का कारण बन जाता है ।

यह बीमारी उन बच्चों में होने की संभावना अधिक होती है, जिनके माता-पिता दोनों के Genes (जींस) में Thalassemia (थैलीसीमिया) होता है। अगर समय रहते Pregnancy (ग्रभावस्था) का दौरान समय समय पे जांच की जाय तो होने वाले बच्चे को इस गंभीर बीमारी से बचाया जा सकता है । 

Medicine Thalassemia पर पूरे विश्व मे अनुसंधान प्रयास जारी है और इसी अनुसंधान ने इस बीमारी को कंट्रोल करने की दावा बनाई है  भारत मे यह Asunra  के नाम से जाना जाता है वेदेशों मे Exjade के नाम से प्रसिद्ध है ये दवाई शरीर मे Iron की मात्रा को Control करने मे सहायक है जिससे Thalassemia के Patient को Extra Iron से होने वाले खतरो से बचाया जा सकता है । 
ये बिलकुल नई दवा है इससे पहले दो तरीको से शरीर से Iron की मात्रा कम करके इसका इलाज होता था । 


पहला Deferasirox injection के जरिए आठ से दस घण्टे तक लौह निकाला जाता है। यह प्रक्रिया बहुत महंगी और कष्टदायक होती है। इसमें प्रयोग होने वाले एक इंजेक्शन की कीमत 135 रुपए होती है। इस प्रक्रिया में हर साल पचास हजार से डेढ़ लाख रुपए तक खर्च आता है। 

दूसरी प्रक्रिया में kelfer नामक दवा (Capsule) दी जाती है। यह दवा सस्ती तो है लेकिन इसका इस्तेमाल करने वाले 30% रोगियों को जोड़ों में दर्द की समस्या हो जाती है। साथ ही इनमें से 1% बच्चे गंभीर बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं।ऐसे में नई दवा Asunra काफ़ी लाभदायक होगी। यह दवा फलों के रस के साथ मिलाकर पिलाई जाती है और इसकी कीमत 100 रुपये प्रति डोज है।


Thalassemia (थेलेसीमिया) के प्रकार 

Type of Thalassemia 


मुख्यतः यह रोग दो वर्गों में बांटा गया है। Minor और Major 

जब ये रोग किसी बच्चे मे माता पिता मे किस एक से प्राप्त होता है तो इसे Minor Thalassemia कहा जाता है अगर माता पिता दोनों Thalassemia से पीड़ित है तो उसे Major Thalassemia कहते है । 


Thalassemia (थेलेसीमिया) के लक्षण । 


अगर कोई व्यक्ति या बच्चे का सूखता चेहरा, लगातार बीमार रहना, वजन ना ब़ढ़ना और इसी तरह के कई लक्षण दिखाई दे तो वह बच्चों या व्यक्ति में थेलेसीमिया रोग होने पर होने के लक्षण है।


Thalassemia से बचाव 

किसी Thalassemia पीड़ित बच्चे की उम्र 12 से 15 साल होती है इस बीमारी का इलाज करने पर लगभग 25 वर्ष तक जीने की उम्मीद रहती है उम्र के बढ़ते ही Blood की जरूरत ज्यादा लगने लगती है ।  

इससे बचने के लिए स्त्री पुरुष विवाह से पहले Blood Test करा लें तभी आने वाली पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचा जा सकता है। नजदीकी रिस्तेदारों मे विवाह करने से बचें और जिस प्रकार विवाह से पहले स्त्री पुरुष अपने जन्म कुंडली का मिलान करते है उसी प्रकार स्वास्थ्य कुंडली का भी मिलान करना चाहिए ताकि वो खुद को और आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचा सके । 


World Health Organisation (WHO) के अनुसार भारत मे प्रत्येक वर्ष 5 से 7 हजार Thalassemia पीड़ित बच्चे का जन्म होता है । केवल Delhi और उसके आसपास के क्षेत्र में ही यह संख्या करीब 1500  है। भारत की कुल Population का 3.5 % Thalassemia (थैलेसीमिया) से पीड़ित है।England में केवल 350 बच्चे इस रोग के शिकार हैं, जबकि पाकिस्तान में 1लाख  और भारत में करीब 10 लाख बच्चे इस रोग से ग्रसित हैं।

आइये इस International Thalassaemia Day के दिन ये संकल्प ले की आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाएंगे क्यूंकी  ये एक जानलेवा बीमारी है जिसका कोई इलाज नहीं सिर्फ बचाव ही इसका इलाज है इसलिए समय समय पर खून की जांच करवाले और अपने आने वाले पीढ़ी को इस गंभीर बीमारी से बचाए । 

click Here and Get WHO Reports


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international woman's day celebration 2021


दोस्तो 8 March को पूरी दुनिया International women's day के रूप मे मनाती है आइये जानते है इसके पीछे की पूरी कहानी की क्यू मनाई जाती है ये Day और कितना सुरशित है दुनिया की महिलाए ।

International women's day  अन्तरराष्ट्रीय महिला दिवस हर वर्ष,8 March को मनाया जाता है। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।

कैसे हुई शुरुआत International women's day की ? 
इसकी शुरुआत, America के New York City  में 23 February 1909 में एक समाजवादी राजनीतिक कार्यक्रम के रूप में आयोजित किया गया था। सन 1910 में Socialist International के कोपेनहेगन सम्मेलन में इसे अन्तर्राष्ट्रीय दर्जा दिया गया। उस समय इसका प्रमुख उदेश्य था महिलाओं को वोट देने का अधिकार दिलवाना  ,क्योंकि उस समय अधिकतर देशों में महिला को वोट देने का अधिकार नहीं था।





1917  में रूस की महिलाओं ने, महिला दिवस पर रोटी और कपड़े के लिये हड़ताल पर जाने का फैसला किया। यह हड़ताल भी ऐतिहासिक थी। तत्कालीन सरकार ज़ार ने सत्ता छोड़ी, अन्तरिम सरकार ने महिलाओं को वोट देने के अधिकार दिया। उस समय रूस में जुलियन कैलेंडर चलता था और बाकी दुनिया में ग्रेगेरियन कैलेंडर। इन दोनों की तारीखों में कुछ अन्तर है। जुलियन कैलेंडर के मुताबिक 1917  की फरवरी का आखिरी इतवार 23  फ़रवरी को था जब की ग्रेगेरियन कैलैंडर के अनुसार उस दिन 8 मार्च थी। इस समय पूरी दुनिया में (यहां तक रूस में भी) ग्रेगेरियन कैलैंडर चलता है। इसी लिये 8 March को International women's day  के रूप में मनाया जाने लगा। 1917 में सोवियत संघ ने इस दिन यानि 8 March को एक National Holiday घोषित किया, और यह आसपास के अन्य देशों में फैल गया। इसे अब कई पूर्वी देशों में भी मनाया जाता है।



कुछ क्षेत्रों में, संयुक्त राष्ट्र द्वारा चयनित राजनीतिक और मानव अधिकार विषयवस्तु के साथ महिलाओं के राजनीतिक एवं सामाजिक उत्थान के लिए International women's day  को बड़े जोर-शोर से मनाया जाता हैं। कुछ लोग बैंगनी रंग के रिबन पहनकर इस दिन का जश्न मनाते हैं।

इस Woman's Day आइये जानते है कितना सुरक्षित है धरती की महिलाये -
World बैंक के आंकड़े बताते है की  पूरी दुनिया मे तकरीबन 7,632,819,325 ( सात अरब से भी ज्यादा ) लोग रहते है जिसमे 49.55 % महिलाए है और धरती के 81 देश ऐसे है जहां महिला की जनसंख्या अधिक है और 36 देश को पुरुष प्रधान देश बताया गया है । प्रत्येक 107 पुरुष पर 100 महिला का अनुपात का अनुमान है ।

अब आइए जानते है धरती पे 10 ऐसे देश का नाम जहां महिला सुरक्षित है - 
The world's 10 safest countries For Woman , according to the World Economic Forum (WEF).

  1. Finland
  2. UAE 
  3. Iceland 
  4. Oman 
  5. Hong Kong 
  6. Singapore
  7. Norway 
  8. Switzerland 
  9. Rwanda
  10. Qatar 
अब जानिए कुछ ऐसे भी देश जहां महिला बिलकुल भी सुरक्षित नहीं है -
  1. India
  2. Afghanistan
  3. Syria
  4. Somalia
  5. Saudi Arabia
  6. Pakistan
  7. Democratic Republic Of Congo
  8. Yemen
  9. Nigeria
  10. USA

इन आकड़ों से आप इतना समझ गए होंगे की धरती के इंसान की के उत्पत्ति करने वाली कितनी असुरक्षित है । आइये इस Woman's Day हम सब  ये शपथ ले की महिला की सुरक्षा ही हमारी सुरक्षा है । - 

इस Woman's Day कुछ पंक्तियाँ उन महिलाओ के नाम जो अशुरक्षित है और उन महिलाओ के नाम जो हर कुरुतियों का सामना कर के दुनिया मे अपनी अलग पहचान बनाई ।

ज़िन्दगी का सार है तू ज़िन्दगी का आधार है तू ,
हर पल हर पग मिलती बयार है तू,
संस्कार हो या सादगी ममता हो या मीत,
अपने दामन में सबको संजोयी है तू,
समाज की सच्ची शिल्पकार है तू,
दुर्गा है तू काली है तू 
खुदा की अनोखी बनावट है तू,
चाहे कैसा हो रूप हर रूप में खुद को संभाली है तू,
कभी माँ बनकर ममता के आंचल में रखा ,
कभी मीत बनकर जीवन को संवारा,
कभी साथ चल कर जीना सिखाया,
कुदरत की खूबसूरत बनावट है तू,
ज़िन्दगी देने वाली जीवनदायनी है तू,
नारी है तू महिला है तू बेटी है तू संगनी है तू
तभी तो कहते है
ज़िन्दगी का सार है तू ज़िन्दगी का आधार है तू ,
हर पल हर पग मिलती बयार है तू,

 By Angesh Upadhyay 


International women's day पे लिखी ये Article कैसा लगा आपको हमे अपना विचार Comment या ईमेल knoweldgepanel123@gmail.com जरिये हमे जरूर बताए . 
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